इंस्पायरिंग:जीवन में अनुभव ही आपको दिमागी मजबूती देते हैं, इसलिए अनुभव लेते रहें - लियोनार्डो डिकैप्रियो

20 दिन पहले
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  • लियोनार्डो डिकैप्रियो इन दिनों चर्चा में हैं अपनी मशहूर फिल्म टाइटैनिक के फिर से रिलीज होने की खबरों की वजह से। इस फिल्म के बाद उनकी जिंदगी बदली और उन्होंने खुलकर अपने शौक पूरे किए। रोमांच की दुनिया में जब वो पहुंचे तो देखिए क्या-क्या हुआ...

‘मेरे दोस्त कहते हैं कि अगर उन्हें कोई एडवेंचर करना होगा तो मैं वो आखिरी इंसान हूं जिसके साथ वो आना चाहेंगे। मुझे प्रकृति से, जंगल से बेहद प्यार है। मुझे स्कूबा डाइविंग अच्छी लगती है। मैं अमेजन के जंगलों में भटका हूं। मेरे दोस्तों ने मुझे कई दफा दुर्घटनाओं से बाल-बाल बचते देखा है। एक बार तो शार्क के मुंह में जाते-जाते बचा था। ग्रेट व्हाइट शार्क का आधा शरीर मेरे साथ पिंजरे में था और वो मुझ पर झपट रही थी। दरअसल मुझे एक पिंजरे में रखकर पानी में उतारा जा रहा था। यह काम चल रहा था कि एक टूना मछली को खाने के चक्कर में व्हाइट शार्क हवा में उछली और सीधे मेरे पिंजरे में आ गिरी। मैं पिंजरे के निचले हिस्से में था। सफेद शार्क मेरी खोपड़ी से केवल एक हाथ दूर थी। उसने तीन-चार कोशिशें कीं मुझ तक आने की लेकिन पहुंच नहीं पाई। शार्क ने ही धक्का देकर खुद को पिंजरे से बाहर किया। मेरे साथ जो व्यक्ति था उसने कहा कि वो 30 साल से यह काम कर रहा है, लेकिन ऐसा पहले कभी नहीं देखा। ऐसे ही एक बार मैं रशिया जाते वक्त डेल्टा एयरलाइंस की फ्लाइट में था। बिजनेस क्लास में था और मेरी आंखों के सामने एक इंजिन पूरी तरह जल गया। मैं खिड़की पर बैठा बाहर विंग की ओर देख रहा था। देखते ही देखते पूरा विंग आग के गोले में तब्दील हो गया। मैं अकेला था जो उस भव्य टरबाइन को कॉमेट की तरह फटते देख रहा था। क्रू ने सभी इंजन कुछ देर के लिए बंद कर दिए। हम बिना आवाज हवा में तैर रहे थे। पूरे प्लेन में शांति थी। यह अवास्तविक अनुभव था। उन्होंने इंजन के बैकअप चालू किए और हमने जेकेएफ पर इमरजेंसी लैंडिंग की।

आराम नहीं, काम चाहिए
- मुझे पता है हर करियर क्षण-भंगुर है और ऐसे समय आएंगे, जब ऐसे अवसर नहीं मिलेंगे, इसलिए मैं उनका लाभ उठा रहा हूं।
- मैं उन चीजों पर कभी ध्यान केंद्रित नहीं कर सकता, जो मैं सीखना नहीं चाहता।
- मैं आराम से नफरत करता हूं, बेकार समय शैतान की कार्यशाला है। मुझे काम करना पसंद है।

एक किस्सा और है, यह स्काईडाइविंग के दौरान हुई घटना है। टेंडेम डाइव थी। हमने पहला पैराशूट खोला। वो उलझ गया। मेरे साथ जो जेंटलमैन थे, उन्होंने उसकी रस्सियां काट दीं। हम तेजी से नीचे गिरने लगे। मेरे मन में दूसरे पैराशूट का ख्याल नहीं आया। उसने दूसरा पैराशूट खोला, वो भी उलझ गया। हम तेजी से नीचे गिर रहे थे, मेरे दोस्त करीब आधा मील ऊपर छूट गए थे। कुछ क्षण बाद मेरा साथी पैराशूट खोलने में सफल हो गया। उसने बोला- हम बेहद तेजी से नीचे जा रहे हैं, संभव है जमीन से टकराते ही पैर टूट जाएं। जिस इंसान ने दो बार मौत को सामने देखा हो, उसे पैर टूटने का डर दु:खी नहीं कर सकता। खैर, हम लुढ़कते हुए गिरे, जिससे खरोंचें आईं लेकिन पैर टूटने से बच गए।
जीवन में मुसीबत कहीं से भी आ सकती है। ये जीवन का हिस्सा रहेंगी। खुद को सीमित न करें। अनुभव लेने की कीमत होती है, जिसे आपको चुकाना है। अनुभव ही आपको मजबूती देंगे। यह दिमागी मजबूती ज्यादा होगी। दिमाग मजबूत है तो हर हालात से निपट लेगा। अनुभव लेते रहें, यही जीवन है।’ (द वायर्ड से की गई बातचीत में मशहूर एक्टर लियोनार्डो डिकैप्रियो)

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