टिप्स:टीम में दो साथियों के बीच झगड़ा हो तो क्या प्रतिक्रिया दें

एक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • कैसे बनेगी बिगड़ी बात, जानिये हार्वर्ड बिजनेस रिव्यू से...

जब आप एक टीम के साथ काम करते हैं तो बहुत स्वाभाविक है कि कभी-कभार किन्हीं दो लोगों के बीच मनमुटाव या टकराव भी हो सकता है। लेकिन यह टकराव अगर गंभीर लड़ाई में तब्दील होने लगे तो आप इस स्थिति को नियंत्रित करने में कैसे मदद करेंगे? इस समय आपका व्यवहार बात को बना भी सकता है और बिगाड़ भी सकता है। जानिए ऐसे में आपकी सही प्रतिक्रिया क्या होनी चाहिए?

दोनों पक्षों को भड़ास निकालने की जगह दें

करियर काउंसलर और एग्जेक्यूटिव कोच एना रनेरी के अनुसार ज्यादातर मामलों में लोगों को अपनी भड़ास निकालने के लिए केवल एक जगह या व्यक्ति की तलाश रहती है और ऐसा करते हुए वो खुद ही समझ जाते हैं कि उन्हें कब और कहां रुक जाना है या कितना बोलना है या अब आगे क्या करना है। आपको दोनों पक्षों की कहानी सुनने की कोशिश करनी चाहिए।

दोनों से ही सहानुभूति रखें, पक्षपात ना करें

जब आप दोनों साथियों की बात सुनें तो उन्हें ऐसा लगना चाहिए कि आप उनकी बात को पूरी गंभीरता के साथ सुन रहे हैं और समझ भी रहे हैं। किसी एक का पक्ष लेकर बात ना करें। ना ही किसी एक के विचारों के साथ मजबूती से खड़े हो जाएं। रनेरी कहती हैं कि अगर आप पर किसी एक के साथ पक्षपात करने के लिए दबाव डाला जा रहा है तो तुरंत ही स्पष्ट करें कि आप एेसा कुछ नहीं करने वाले हैं।

साथ मिलकर सभी विकल्पों पर विचार करें

स्टैनफोर्ड ग्रैजुएट स्कूल ऑफ बिजनेस के साइकोलॉजिस्ट के अनुसार इस दौरान अगर आपको ऐसा लगता है कि दोनों को ही आपकी सलाह चाहिए तो ऐसे में आप दोनों की बात सुनकर, समझकर जो भी संभावित विकल्प नजर आए उस पर उनके साथ मिलकर विचार कर सकते हैं। ध्यान रखें, आपका फोकस समस्या का हल निकालने पर होना चाहिए, गॉसिप करने में नहीं।

अपनी सीमाएं पहचानें, अगला कदम उठाएं

एना रनेरी के अनुसार बातचीत के दौरान अगर आपको ऐसा लगता है कि स्थिति आपके नियंत्रण से बाहर हो रही है तो एक या दोनों ही सहकर्मियों को अगला कदम उठाने की सलाह दें। उन्हें बताएं कि वो इस समस्या के बारे में टीम के बाहर के किसी व्यक्ति से भी बात कर सकते हैं। आप उन्हें ह्यूमन रिसोर्स डिपार्टमेंट के पास जाकर बात करने की सलाह भी दे सकते हैं।

खबरें और भी हैं...