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टिप्स:सिर्फ तथ्यों को देखें, संबंध जल्द सुधारें, छोटी बातों को नज़रअंदाज करें

13 दिन पहले
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  • दफ्तर में टकराव की स्थिति बने, उससे पहले ही कोशिश करें कि सकारात्मक संवाद से बीच का रास्ता निकल आए।

कई बार सहकर्मी आपकी और उसके बीच की बात सीधे मैनेजर को बता देता है। ऐसा करके वो ना केवल आपको उस बातचीत से अलग करता है, बल्कि बॉस के सामने आपकी छवि भी खराब करता है। जब कोई आपको इस तरह साइड-ट्रैक करे, तो बेहद सोच-समझकर कदम उठाना चाहिए।

पहले पूरी स्थिति को देखें, जल्दबाजी में फैसला ना लें

आपको जो कुछ पता है केवल उसी पर विश्वास करें। हो सकता है आप ये सोच रहे हों कि सहकर्मी ने आपको नजरअंदाज कर सीधे बॉस के पास जाकर गलत किया। आप ये भी सोच सकते हैं कि उसे पहले आपसे बात करनी चाहिए थी या फिर बॉस के पास आपको भी लेकर जाना था। लेकिन ये भी संभव है कि आप इस पूरी स्थिति को बिल्कुल गलत आंक रहे हों। इसलिए केवल तथ्यों को ही देखें, अंदाजा लगाकर जल्दबाजी में कोई निर्णय ना लें।

आरोप लगाने से बचें, सहजता से बातचीत का विषय पूछें

अपनी कल्पनाएं व अनुमान लगाकर परेशान होने की बजाय अगर आपके पास पुख्ता जानकारी नहीं है, तो सबसे पहले यह जानने की कोशिश करें कि असल में हुआ क्या है। सच जानने के लिए आप चाहें तो अपने बॉस के पास जाकर उन्हें पूरा सम्मान देते हुए, सहजता के साथ यह बात पूछ सकते हैं कि सहकर्मी की उनसे क्या बात हुई। ऐसे में यह ध्यान रहे कि किसी पर किसी तरह का आरोप नहीं लगाना है, सम्मानपूर्वक बात करनी है।

सहकर्मी से अकेले में बात करें, दिमाग को खुला रखें

जितनी जल्दी हो सके सहकर्मी से बात करें। उनसे पूछें कि क्या कुछ देर के लिए वो आपसे अकेले में बात कर सकते हैं। बातचीत शुरू करने से पहले खुद को याद दिलाएं कि चाहे जो हो आपको बिल्कुल खुले दिमाग से बात करनी है, पहले उनकी बात सुननी है, बाद में अपनी बात रखनी है। बातचीत करते हुए भी अपने अंतिम लक्ष्य पर फोकस बनाए रखना जरूरी है, फिर चाहे वो विश्वास हासिल करना हो या अपने अधिकारों की रक्षा करना हो।

भम्र और अविश्वास की दीवार जितना जल्द हो... तोड़ दीजिए

जैसे ही आपके और आपके सहकर्मी के आपसी संबंध ठीक हो जाएं तो अपने मैनेजर के साथ बैठें और उनसे भी बात करें। जो कुछ हुआ वो कैसे हुआ और क्यों हुआ, उन्हें बताएं। जितना जल्दी हो, भ्रम और अविश्वास की दीवार टूटनी चाहिए। हो सके तो उन्हें इस बात का भी विश्वास दिलाएं कि इस तरह की परिस्थितियां दोबारा पैदा नहीं होगी, इस बात की आप पूरी कोशिश करेंगे और जहां तक हो सके सहकर्मियों की छोटी बातों को नजरअंदाज करेंगे।

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