टिप्स:लीडर को मजबूत और लचीला होना चाहिए

14 दिन पहले
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  • लीडर्स की निंदा आम बात है। लोगों की निंदा झेलने के लिए लीडर को अंदर से मजबूत और लचीला होना चाहिए। हालांकि कई बार लीडर्स भी निंदा करने पर मजबूर हो जाते हैं और भूल जाते हैं कि हर कोई उनकी तरह अंदर से मजबूत नहीं होता। क्या करें कि शांत बने रहें...

1) दूसरे आपकी तरह मजबूत नहीं, याद रखें
यदि आप वाकई लचीले स्वभाव के लीडर हैं तो याद रखें कि हर लीडर आपके जैसा नहीं होता। लोगों के बारे में व्यक्तिगत राय बनाना छोड़ दें। बल्कि यह विचार करें कि वो क्या वजह थी या कौन-से तजुर्बे थे, जिनकी वजह से आप आज मजबूत हैं। अपने तजुर्बों से आपने जो सीखा है, उससे कुछ ऐसा माहौल तैयार करें कि दूसरे भी आप ही की तरह मजबूत बन सकें।

2) बुराई नहीं, अच्छाई पर फोकस करें
कुछ देर अकेले में ठहरकर विचार करें कि आप निंदा किसकी और क्यों कर रहे हैं। यदि आपको कोई व्यक्ति इस वक़्त बुरा लग रहा है, तो उसकी कोई अच्छी बात याद करने की कोशिश करें। याद करें कि कौन-सी बातें हैं जिनकी वजह से आप उनकी इज्जत करते हैं। विचार करें कि यदि वो व्यक्ति आपकी टीम का हिस्सा बनने लायक नहीं था, तो आपने उसे चुना ही क्यों था।

3) दूसरों के नजरिए से भी चीज़ों को समझें
दूसरों के प्रति सहानुभूति रखने से आप स्वयं भी विनम्र होते हैं। इसलिए जहां तक हो सके, बातचीत की पहल आप ही करें। केवल अपनी बातों पर ही गौर न करें, बल्कि दूसरों के नजरिए से भी चीज़ों को समझने की लगातार कोशिश करते रहें। इस दौरान पूरी विनम्रता के साथ अपना नजरिया भी सबके सामने रखने का प्रयास करते रहें।

4) खुद से भी करें कुछ अहम सवाल
दूसरों पर प्रभाव छोड़ने और अपनी छवि को मजबूत करने के लिए खुद से ये जरूरी सवाल करें कि इस वक़्त मैं क्या होना चाहता हूं? क्या मैं असल में जो हूं, वही रह पा रहा हूं? क्या मैं अपने मूल्यों के आधार पर अपना जीवन जी रहा हूं? अपने आप से ये सवाल पूछें और जब तक आप अपने जवाब से पूरी तरह संतुष्ट न हों, तब तक सवाल करते रहें।

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