गूगल, फेसबुक, टि्वटर, रेडिट का अ सहयोग:हिंसा फैलाने वाला कंटेंट देने का आरोप; चार सोशल मीडिया कंपनियों को अमेरिकी संसद का नोटिस

4 महीने पहले
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अमेरिकी संसद भवन-केपिटल हिल पर हमले की जांच कर रही कमेटी की बैठक। - Dainik Bhaskar
अमेरिकी संसद भवन-केपिटल हिल पर हमले की जांच कर रही कमेटी की बैठक।

अमेरिकी संसद भवन-केपिटल हिल पर पिछले साल छह जनवरी को हुए भीड़ के हमले की जांच कर रही संसदीय समिति ने चार प्रमुख सोशल मीडिया कंपनियों-अल्फाबेट (गूगल), मेटा (फेसबुक), रेडिट और टि्वटर को गवाही देने के लिए हाजिर होने के नोटिस जारी किए हैं।

इन कंपनियों पर अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्मों के जरिये उग्रवाद फैलाने का आरोप है। कमेटी का कहना है, ये कंपनियां मामले की जांच में ठीक से सहयोग नहीं दे रही हैं। नोटिस के साथ भेजे गए पत्र में प्रतिनिधि सदन की कमेटी ने मेटा की यूनिट फेसबुक, अल्फाबेट के स्वामित्व की यूट्यूब को गलत जानकारी और हिंसक उग्रवाद फैलाने का सबसे बड़ा दोषी करार दिया है। कमेटी ने कहा है, वह छानबीन कर रही है कि हमारे लोकतंत्र पर हमले में किस तरह इन कंपनियों ने भूमिका निभाई है।

यह भी कि सोशल मीडिया कंपनियों ने अपने प्लेटफार्मों पर लोगों को हिंसा के लिए उकसाने से रोकने के वास्ते क्या कोई कदम उठाए हैं। कमेटी के चेयरमैन डेमोक्रेटिक सांसद बेनी थॉमसन ने कहा, यह निराशाजनक है कि इन बुनियादी सवालों का जवाब देने के लिए महीनों की कोशिशों के बाद हमारे पास दस्तावेज और जानकारी नहीं हैं। कमेटी ने अगस्त में 15 सोशल मीडिया कंपनियों और पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प समर्थक वेबसाइट द डोनाल्ड. इन सहित अन्य साइट को पत्र भेजे थे। इन वेबसाइट पर राष्ट्रपति चुनाव में धोखाधड़ी की झूठी खबरें फैलाई गई थीं।

कंपनियों से कई माह तक चली चर्चा के बाद केवल चार बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों को गवाही के लिए बुलाने के नोटिस जारी किए हैं। ये कंपनियां स्वेच्छा और तेजी से जांच में सहयोग नहीं दे कर रही थीं।

हमले की योजना का कंटेंट साइटों पर डाला गया

संसदीय कमेटी ने कहा है, यूट्यूब पर ऐसा कंटेंट आया जो 6 जनवरी के हमले की योजना बनाने और उस पर अमल से संबंधित था। हमले का लाइवस्ट्रीम भी साइट पर डाला गया। फेसबुक और मेटा के अन्य प्लेटफार्मों का उपयोग नफरत, हिंसा, भड़काने, चुनाव में धांधली की साजिश का प्रचार करने के लिए किया गया।

चेयरमैन थॉमसन ने मेटा के प्रमुख मार्क जकरबर्ग को लिखा है कि कंपनी ने संबंधित सामग्री द या कोई अन्य सहयोग देने की समय सीमा बताने से इनकार कर दिया है। कमेटी ने कहा है, टि्वटर के यूजरों ने केपिटल बिल्डिंग पर हमले की योजना बनाने और उसे अमल में लाने के लिए साइट का उपयोग किया है।

ल्यूक ब्रॉडवाटर, माइक ईसाक

© The New York Times

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