नई रिसर्च में निकलकर कर आया यह परिणाम:स्टेरॉयड और आम दवाइयों से पीठ दर्द में तकलीफ बढ़ती है

एक महीने पहले
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रीढ़ की हड्‌डी या पीठ के दर्द में आराम के लिए अक्सर इस्तेमाल की जाने वाली दवाइयों से तकलीफ और अधिक लंबे समय तक बढ़ सकती है। बीमारी नियंत्रण, रोकथाम सेंटर के अनुसार एक नई स्टडी में पाया गया है कि स्टेरॉयड और इबूप्रोफेन जैसी स्टेरॉयड विहीन दवाइयों से पीठ दर्द स्थायी हो सकता है। वैसे, कुछ चिकित्सा विशेषज्ञों ने स्टडी के नतीजों की व्याख्या में सावधानी बरतने की सलाह दी है। स्टडी में मेडिकल रिसर्च के गोल्ड स्टैंडर्ड जैसे क्लीनिकल ट्रायल का उपयोग नहीं किया गया है।

ट्रायल में पीठ दर्द से पीड़ित व्यक्तियों को स्टेरॉयड विहीन एंटी इनफ्लेमेशनरी दवा देकर देखा जाता कि किस व्यक्ति को स्थायी दर्द हो गया। इसकी बजाय स्टडी में बड़ी संख्या में मरीजों की स्थिति के आंकड़ों का विश्लेषण कर निष्कर्ष निकाला है। डार्टमाउथ हिचकॉक मेडिकल सेंटर, न्यू हैंपशायर में दर्द विशेषज्ञ डॉ. ब्रूस व्रूमैन कहते हैं, स्टडी प्रभावशाली है। यदि इसके परिणाम क्लीनिकल ट्रायल में साबित होते हैं तो पीठ दर्द के इलाज पर हमें नए सिरे से गौर करना पड़ेगा। पेशेवर मेडिकल गाइडलाइंस के अनुसार पीठ दर्द के शिकार व्यक्ति को एक्सरसाइज,फिजियोथैरेपी, गर्म सिकाई या मालिश जैसे इलाज से शुरुआत करनी चाहिए। ये उपाय किसी साइड इफेक्ट के बिना दर्द दबाने वाली दवाइयों के समान असरकारक हैं।

गाइडलाइंस में कहा गया है,अगर दर्द बना रहता है तो लोग बिना स्टेरॉयड की इबूप्रोफेन जैसी एंटी इनफ्लेमेटरी दवाइयां ले सकते हैं। दूसरी ओर ट्रांस्लेशनल मेडिसिन साइंस जर्नल में बुधवार को प्रकाशित स्टडी में कहा गया है कि ऐसी दवाइयों के इलाज से दर्द स्थायी हो सकता है। मेकगिल यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने पांच लाख लोगों की बीमारियों और दवाइयों के उपयोग का डेटा रखने वाले यूके बायोबैंक से गंभीर पीठ दर्द से पीड़ित 2163 लोगों का डेटा लिया। इनमें 461 लोगों को स्थायी दर्द था।

डेटा के अध्ययन में पाया गया कि बिना स्टेरॉयड की एंटी इनफ्लेमेटरी दवाइयां लेने वाले लोगों को उन लोगों के मुकाबले स्थायी पीठ दर्द होने के दोगुने अवसर थे जो दूसरी दवाइयां या कोई अन्य दवाई ले रहे थे। रिर्सचर डॉ. डायटचेंको कहती हैं,इस बात को ध्यान में रखकर हमें मरीजों के इलाज पर आगे सोचने की जरूरत है।

बिना स्टेरॉयड की एंटी इफ्लेमेटरी दवाइयों का उपयोग उनके साधारण प्रभाव के बावजूद जारी है। कुछ क्लीनिकल ट्रायल के विश्लेषण में पाया गया है कि इन दवाइयों से पीठ दर्द में लगभग कोई फायदा नहीं हुआ है।

जीना कोलाटा

© The New York Times

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