ईरान में विरोध का बेरहमी से दमन:13 लोगों को सुनाई गई मौत की सजा, इनमें खिलाड़ी, डॉक्टर, एक्टर भी शामिल

20 दिन पहले
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ईरान की क्रांतिकारी अदालत में नेशनल कराटे 
चैम्पियन करामी के खिलाफ मुकदमे की कार्यवाही। - Dainik Bhaskar
ईरान की क्रांतिकारी अदालत में नेशनल कराटे चैम्पियन करामी के खिलाफ मुकदमे की कार्यवाही।

ईरान में धार्मिक सरकार के खिलाफ उभरे जनअसंतोष को कुचलने के लिए हिंसा का सहारा लिया जा रहा है। सितंबर के मध्य में 22 साल की महसा अमीनी की नैतिक पुलिस की हिरासत में मौत के बाद देशभर में विरोध प्रदर्शन भड़क गए। मानवाधिकार समूहों का कहना है, सुरक्षा बलों ने 50 बच्चों सहित 500 व्यक्तियों को मार डाला है।

संयुक्त राष्ट्र के अनुसार कम से कम 14 हजार लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। 13 प्रदर्शनकारियों को मौत की सजा सुनाई गई है। इनमें एक डॉक्टर, एक्टर, बॉडी बिल्डर, कराटे चैम्पियन और रैपर शामिल है। अमनेस्टी इंटरनेशनल का कहना है, जिन लोगों को मौत की सजा दी गई है, उनके खिलाफ आगजनी और सुरक्षा बलों की हत्या के आरोप हैं। इन लोगों के खिलाफ मुकदमों की सुनवाई जल्दबाजी में की गई है। अब तक कुल चार लोगों को फांसी पर लटकाया जा चुका है। दो लोगों को दिसंबर में फांसी पर चढ़ाया गया था। इनमें से एक व्यक्ति को सरेआम क्रेन पर लटकाकर फांसी दी गई थी। बेरहमी से किए जा रहे दमन की कड़ी में शनिवार को 22 साल के नेशनल कराटे चैम्पियन मोहम्मद मेहदी करामी और पोल्ट्री फैक्टरी में कामगार 39 वर्षीय मोहम्मद हुसैनी को फांसी पर लटका दिया गया। ईरान की क्रांतिकारी अदालत में करामी और हुसैनी पर मुकदमा एक सप्ताह से कम समय में खत्म हो गया। सरकार ने गुरुवार को एतमाद अखबार के राजनीतिक संपादक मेहदी बीक को फांसी की सजा पाए लोगों के परिजन के इंटरव्यू करने पर गिरफ्तार कर लिया।

ओलंपियन और ईरानी महिला कराटे टीम की कप्तान हमीदेह अब्बासअली ने इंस्टाग्राम पर करामी के संबंध में लिखा कि उस बच्चे के जीने का अधिकार खत्म नहीं किया जाना था। नाइंसाफी हमेशा नहीं चलेगी।

विरोधियों पर ईश्वर के खिलाफ युद्ध छेड़ने के आरोप

मानव अधिकार समूहों ने बताया कि 15 अन्य लोगों को मृत्युदंड दिया जा सकता है। इनके खिलाफ लगाए गए आरोपों में मौत की सजा का प्रावधान है। मृत्यु दंड प्राप्त अधिकतर लोगों पर मोहरेबे का आरोप लगाया गया है। इसका अर्थ ईश्वर के खिलाफ युद्ध छेड़ना है। इस आरोप में मौत की सजा सुनाई जाती है। सभी लोगों पर क्रांतिकारी अदालत में बंद कमरे में मुकदमे चलाए गए हैं। इनमें सरकारी वकील आरोपियों की पैरवी करते हैं। अक्सर फर्जी सबूत पेश किए जाते हैं। जबरिया कबूलनामे और धुंधले, अस्पष्ट वीडियो को सजा का आधार बनाया गया है।

मौत की सजा प्राप्त कुछ लोगों की जानकारी इस प्रकार है

न्यूयॉर्क टाइम्स ने फांसी की सजा से दंडित लोगों के दोस्तों, परिजन, एक्टिविस्टों के सोशल मीडिया अकाउंट, अमनेस्टी और अन्य मानव अधिकार समूहों से बातचीत के आधार पर गिरफ्तारियों और मुकदमों के संबंध में जानकारी जुटाई है।

. साल के सहंद नूरमोहम्मद जादेह बॉडी बिल्डिंग चैम्पियन हैं। उन्हें 23 सितंबर को तेहरान में गिरफ्तार किया गया था। उन पर हाईवे को नुकसान पहुंचाने का आरोप है।
. साल के महान सदरत मरानी पर सशस्त्र बल के जवान पर चाकू से हमला करने का आरोप है। विरोध के कारण सजा निलंबित है।
.वर्षीय मोहम्मद बोरोगनी रैप गायक हैं। उन पर एक अधिकारी को चाकू से घायल करने का आरोप है। ईरानी सुप्रीम कोर्ट ने उनकी सजा की पुष्टि कर दी है।
. वर्ष के बारबर मोहम्मद घोबादलाउ की तेहरान में बाल काटने की सैलून है। वे अपने इंस्टाग्राम वीडियो में अमीर राजनेताओं के बेटों का मजाक उड़ाते थे। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी सजा की पुष्टि कर दी है।
. साल के रैपर और ग्राफिक आर्टिस्ट समन सेयदी कुर्द अल्पसंख्यक समुदाय के हैं। उन पर पिस्टल रखने और हवा में तीन गोलियां दागने का आरोप है।
. साल के रेडियोलॉजिस्ट हमीद गरे हसनलाउ 4 नवंबर को तेहरान के बाहर करज में गिरफ्तार किए गए। उन पर विरोध प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षाकर्मी की हत्या का आरोप है। साथ में गिरफ्तार उनकी पत्नी फर्जानेह को 25 साल की सजा दी गई है। ईरान के चिकित्सा समुदाय ने डॉ.हसनलाउ की फांसी रोकने के लिए दुनियाभर में अभियान चलाया है। डॉ. हसनलाउ गरीब इलाकों में लोगों की सेवा करते हैं।

फरनाज फसीही, कोरो एंजेलब्रेक्ट
© The New York Times

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