आबादी में बुजुर्गों की अधिक संख्या से समस्या:जापान, चीन, कोरिया में 70 साल से अधिक आयु के बुजुर्ग मजबूरी में काम कर रहे

20 दिन पहले
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73 वर्ष के योशिहितो ओनामी रिटायर होना चाहते हैं। लेकिन वे हर सुबह जल्दी उठकर टोक्यो की खाड़ी स्थित एक द्वीप से ताजी सब्जियां अपनी कार पर लादते हैं। उन्हें जापान की राजधानी के रेस्तराओं में सप्लाई करते हैं। वे एेसा दिनभर में दस बार करते हैं। दरअसल, पूर्व एशियाई देशों के वर्कफोर्स में युवाओं की संख्या कम है इसलिए ओनामी जैसे 70 साल से अधिक आयु के लोगों को भी कड़ी मेहनत करना पड़ती है। कंपनियों को उनकी जरूरत है। तो बुजुर्ग कर्मचारियों को भी काम की जरूरत है। सरकारें पर्याप्त पेंशन नहीं दे पाती हैं। पूर्व एशियाई देशों में दुनिया के अन्य देशों से अधिक तेजी से आबादी बूढ़ी हो रही है। इसके हिसाब से चीन, जापान और दक्षिण कोरिया ने काम के संबंध में नीतिगत परिवर्तन किए हैं। जापान सरकार कंपनियों को बुजुर्ग कर्मचारी रखने के लिए सब्सिडी देती है। कंपनियों ने रिटायरमेंट के नियम शिथिल किए हैं। इन देशों में बुजुर्गों के पास काम करने के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं है। दक्षिण कोरिया में बुजुर्गों के बीच गरीबी की दर 40 प्रतिशत है। 65 साल और उससे अधिक आयु के इतने ही व्यक्ति अब भी काम कर रहे हैं। हांगकांग में आठ में से एक बुजुर्ग कार्यरत है। जापान में 25 प्रतिशत से अधिक बुजुर्ग काम करते हैं। अमेरिका में यह 18 प्रतिशत है। एक तरफ सोशल मीडिया पर प्रेरक वीडियो में बुजुर्गों को वजन उठाते, दौड़ते या छोटे बिजनेस चलाते देखा जाता है। लेकिन चीन, हांगकांग, जापान, दक्षिण कोरिया में अधिकतर बुजुर्ग ऑफिस क्लीनर, स्टोर क्लर्क, डिलीवरी सेवाओं के ड्राइवर या सिक्योरिटी गार्ड जैसे कम वेतन के जॉब करते हैं। इन देशों में फुलटाइम,स्थायी रोजगार अपेक्षाकृत युवाओं के लिए है। इस वजह से रिटायरमेंट के बाद कई बुजुर्ग कामगारों को कम वेतन के कांट्रेक्ट जॉब में काम करना पड़ता है। रिटायर होने के बाद सरकारी पेंशन खर्च चलाने के लिए काफी नहीं होती है। जापान, चीन और दक्षिण कोरिया में औसत मासिक पेंशन 40 हजार है। कामगारों की कमी को देखते हुए सरकारें रिटायरमेंट की आयु बढ़ाने की कोशिश कर रही हैं। इसका विरोध होने लगा है। पेस यूनिवर्सिटी न्यूयॉर्क में सामाजिक नीति के प्रोफेसर शेयिंग चेन बताते हैं चीन में लोग इससे असंतुष्ट हैं। कुछ लोग कहते हैं, मैंने रिटायरमेंट की आयु तक फुलटाइम कर्मचारी के बतौर काम किया है। अब आप चाहते हैं कि मैं और अधिक काम करूं।

जापान की आधी कंपनियों में फुलटाइम कामगारों की कमी
जापान, दक्षिण कोरिया में जॉब एजेंसियां और यूनियन बुजुर्ग कामगारों की मदद करती हैं। जापान में सर्वे ने दर्शाया है, लगभग आधी कंपनियों में फुलटाइम कामगारों की कमी है। इन स्थानों को बुजुर्ग कर्मचारियों ने भरा है। जॉब एजेंसी कोरीशा में नौकरियों की सूचनाओं में आवेदकों की आयु कम से कम 60 साल जरूरी रखी गई है। रेंटल कार एजेंसियों और इमारतों में सेवाएं देने वाली एजेंसियां बुजुर्ग कर्मचारी अधिक चाहती हैं। प्रॉपर्टी मैनेजमेंट कंपनी टोक्यू कम्युनिटी में आधा स्टाफ 65 साल या उससे अधिक आयु का है। वेतन कम होने के कारण युवा ऐसे जॉब की ओर आकर्षित नहीं होते हैं। पुलिस यूनिफार्म बनाने वाली कंपनी ग्लोरिया ने रिटायरमेंट की आयु खत्म कर दी है।

मोको रिक, हिकारी हिडा
© The New York Times

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