निगेटिव प्रचार से बचने जकरबर्ग ने साधी चुप्पी:टीनएजर और बच्चों पर इंस्टाग्राम के कंटेंट का फेसबुक के अंदर विरोध बढ़ा; युवा कर्मचारियों में असंतोष फैला

15 दिन पहले
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जुलाई में एक कार्यक्रम में फेसबुक की सीईओ शेरिल सेंडबर्ग और कंपनी के प्रमुख मार्क जकरबर्ग। - Dainik Bhaskar
जुलाई में एक कार्यक्रम में फेसबुक की सीईओ शेरिल सेंडबर्ग और कंपनी के प्रमुख मार्क जकरबर्ग।

इंस्टाग्राम संकट की आंच उसकी मूल कंपनी फेसबुक के अंदर महसूस की जा रही है। एक दर्जन वर्तमान और पूर्व कर्मचारियों के अनुसार बच्चों के मैसेंजर किड्स जैसे प्रोडक्ट की रिसर्च पर काम करने वाले युवा ग्रुप में असंतोष पनप रहा है। मामले को सुलझाने के प्रयासों की वजह से कंपनी के कई प्रोजेक्ट आगे बढ़ा दिए गए हैं।

हालांकि, विवाद पर ठंडा पानी डालने की कोशिशों का कर्मचारियों पर उलटा असर पड़ा है। रिसर्च पर काम करने वाले कुछ कर्मचारी कंपनी की सफाई से गुस्सा हैं। उन्होंने ग्रुप चैट में कंपनी के जवाब को अनुचित बताया है। कुछ कर्मचारियों ने इस्तीफा देने की धमकी दी है। अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल में पिछले माह प्रकाशित कई लेखों और खबरों में कहा है कि फेसबुक को उसकी सेवाओं से हो रहे नुकसान की जानकारी है। कंपनी की अंदरूनी रिसर्च में इसका जिक्र है। एक रिसर्च के अनुसार मानसिक स्वास्थ्य की परेशानियों से जूझ रहे टीनएजर कहते हैं कि इंस्टाग्राम से उनकी हालत बदतर हो गई।

कंपनी जानती है कि इंस्टाग्राम टीनएज लड़कियों को स्वयं के बारे में खराब सोचने के लिए मजबूर करता है। उनमें हीनभावना पैदा करता है। ये आर्टिकल फेसबुक के दस्तावेजों पर आधारित हैं। इन खुलासों के बाद नियामक एजेंसियों, जन प्रतिनिधियों ने कंपनी को आड़े हाथों लिया है। आलोचना बढ़ने के बाद फेसबुक ने बच्चों के लिए इंस्टाग्राम सेवा की शुरुआत टाल दी है। गुरुवार को अमेरिकी सांसदों ने फेसबुक के ग्लोबल सेफ्टी प्रमुख एंटीगोन डेविस से उसकी सेवाओं के बच्चों पर पड़ने वाले मानसिक और भावनात्मक प्रभाव के बारे में दो घंटे तक सवाल किए। पिछले कुछ सप्ताह से कंपनी के उच्च अधिकारी ऑनलाइन इमर्जेसी बैठकों में व्यस्त हैं। एक मीटिंग में इंस्टाग्राम के प्रमुख एडम मोसेरी,फेसबुक की सीईओ शेरिल सेंडबर्ग, वाइस प्रेसीडेंट निक क्लेग सहित कई बड़े अधिकारियों ने 13 साल और उससे कम आयु के बच्चों के लिए इंस्टाग्राम की सेवा से जुड़े घटनाक्रम पर चर्चा की है।

दो कर्मचारियों ने बताया कि कंपनी के प्रमुख मार्क जकरबर्ग और शेरिल सेंडबर्ग नकारात्मक खबरों से बचने के लिए जानबूझकर सार्वजनिक तौर पर सामने नहीं आ रहे हैं। फेसबुक ने अपनी सफाई में एक ब्लॉग पोस्ट में कहा है कि जर्नल की खबरें गलत हैं। संदर्भ से परे हैं। दूसरी ओर कुछ कर्मचारियों का कहना है कि ब्लॉग पोस्ट से उनकी चिंता खत्म नहीं हुई है।

रिसर्चर्स ने लिखा-मालिक परेशानी में डाल रहे

एक ग्रुप टेक्स्ट मैसेज में फेसबुक के डेटा साइंटिस्ट और रिसर्चर्स लिखते हैं कि किस तरह कंपनी के मालिक उन्हें परेशानी में डाल रहे हैं। उलझन बढ़ा रहे हैं। कंपनी के मैसेज बोर्ड पर एक कर्मचारी ने पोस्ट किया-वे रिसर्च की खिल्ली उड़ा रहे हैं। हंगामा शांत होने की संभावना नहीं है। आंतरिक रिसर्च की जानकारी अखबार को देने वाली फेसबुक की पूर्व कर्मचारी एक टीवी कार्यक्रम में और खुलासे करेंगी। वे मंगलवार को सीनेट की सुनवाई में बताएंगी कि फेसबुक में रिसर्च से उन्हें क्या जानकारी मिली है। एक कर्मचारी ने आंतरिक नोट में लिखा, यदि इंस्टाग्राम के तीन प्रतिशत यूजर कहते हैं कि उसके कारण अवसाद, चिंता, बेचैनी और स्वयं को नुकसान पहुंचाने की भावना जैसे नकारात्मक विचार आते हैं तो इस समस्या पर गौर करने की जरूरत है। ऐसी रिसर्च को छिपाने की हमारी नीति से राजनीतिक,नियामक और कानूनी समस्याएं खड़ी हो रही हैं।

माइक इसाक, शीरा फ्रेंकेल, रायन मेक

© The New York Times

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