25 हजार स्कूलों के 80 लाख छात्रों का सर्वे:महामारी से पढ़ाई के नुकसान की भरपाई में 3 से 5 वर्ष लगेंगे

20 दिन पहले
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कोरोना वायरस के कारण अमेरिका सहित दुनियाभर में करोड़ों छात्रों की शिक्षा पर असर पड़ा है। लेकिन, एक नई रिपोर्ट अमेरिकी छात्रों के लिए उम्मीद की किरण जगाती है। वहां पिछले स्कूल वर्ष के अंत तक कई छात्र महामारी के बाद पहली बार पढ़ाई में प्रगति की सामान्य स्थिति हासिल कर चुके थे। फिर भी, महामारी में भारी नुकसान के मुकाबले तरक्की की यह रफ्तार काफी नहीं है। स्कूलों को शैक्षणिक मूल्यांकन मुहैया कराने वाले स्वयंसेवी संगठन एनडब्लूईए की रिपोर्ट के मुताबिक इस गति से प्रायमरी स्कूल के छात्रों को सामान्य स्थिति (महामारी नहीं होने पर वे जहां होते) में पहुंचने के लिए तीन साल लगेंगे।

मिडिल स्कूल के छात्रों को भरपाई के लिए पांच साल या उससे अधिक समय की जरूरत पड़ेगी। शोधकर्ताओं ने 25 हजार स्कूलों के 80 लाख से अधिक छात्रों के मैथ्स और रीडिंग के रिजल्ट का परीक्षण किया था। राष्ट्रपति बाइडेन की सरकार ने अमेरिकी स्कूलों में महामारी के नुकसान से उबरने के लिए 15 लाख करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। इससे पहले कभी एक बार में इतनी धनराशि स्वीकृत नहीं की गई थी। ताजा अनुमान बताते हैं, पैसा खत्म होने के बाद भी कई छात्रों को लंबे समय तक पढ़ाई के लिए मदद की जरूरत पड़ेगी। अश्वेत, हिस्पेनिक और मूल अमेरिकी छात्रों सहित कम आय वर्ग के छात्रों का शैक्षणिक स्तर सुधरने में लंबा समय लग सकता है। महामारी में इस वर्ग के लोग सबसे अधिक प्रभावित हुए थे। रिसर्च में पाया गया कि पढ़ाई का नुकसान होने में स्कूल से बाहर रिमोट शिक्षा की प्रमुख भूमिका है। गरीब इलाकों में स्थित स्कूलों ने लंबे समय तक रिमोट पढ़ाई पर निर्भर किया है।

अश्वेत और हिस्पेनिक छात्रों की भी यही स्थिति रही। हार्वर्ड के अर्थशास्त्री थॉमस केन का कहना है, अगर पढ़ाई के नुकसान को स्थायी रहने दिया गया तो गंभीर नतीजे होंगे। उनकी गणना के अनुसार 2020-21 में आधे से अधिक समय तक रिमोट रहने वाले बहुत अधिक गरीब स्कूलों के छात्रों की 22 हफ्ते के बराबर पढ़ाई का नुकसान हुआ है।

सारा मर्वोश
© The New York Times

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