मित्रता से जुड़ा विज्ञान निकल कर आया सामने:तीन से छह गहरे दोस्त हों तो जिंदगी खुशहाल और सेहत अच्छी रहती है

5 दिन पहले
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दोस्ती और अकेलेपन का स्वास्थ्य से सीधा संबंध है। खुशहाली और अच्छी सेहत में मित्रता की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। दूसरी ओर अकेलेपन और सामाजिक अलगाव से अवसाद, दिल की बीमारियों और ब्रेन स्ट्रोक का खतरा बढ़ता है। ब्रिघम यंग यूनिवर्सिटी, उटा में न्यूरोसाइंस, साइकोलॉजी की प्रोफेसर जूलियन होल्ट-लंस्टाड की स्टडी का निष्कर्ष है कि अकेलापन दिनभर में 15 सिगरेट पीने के बराबर स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।

डॉ. होल्ट कहती हैं, लिहाजा यह सवाल स्वाभाविक है कि मित्रों की आदर्श संख्या क्या है। कई शोधकर्ता मानते हैं कि तीन से लेकर छह पक्के दोस्तों की संख्या अच्छी है। कंसास यूनिवर्सिटी में संवाद, संपर्क अध्ययन के प्रोफेसर जेफ्री हाल का कहना है जीवन में कम से कम एक तो नजदीकी व्यक्ति होना चाहिए। वह पत्नी, माता-पिता, मित्र या कोई अन्य हो सकता है। फिर भी, यदि आप अच्छी जिंदगी चाहते हैं,लोगों से जुड़ना पसंद करते हैं तो अधिक दोस्त बनाने में कोई हर्ज नहीं है। ब्रिटिश मनोविज्ञानी और मानवशास्त्री रॉबिन डनबार का गणित है कि मानव एक बार में केवल 150 लोगों से संपर्क बना सकता है। कुछ अन्य रिसर्च में यह संख्या अधिक बताई गई है। इसमें पांच गहरे दोस्तों का अंदरूनी हिस्सा शामिल है। बाकी लोग साधारण मित्र हो सकते हैं। कई अन्य अनुमान तीन से लेकर छह मित्रों को आदर्श मानते हैं। 2016 की एक स्टडी के अनुसार जिन लोगों के छह या अधिक मित्र हैं उनकी सेहत जीवन भर अच्छी रहती है। उत्तर इलिनॉय यूनिवर्सिटी में काउंसलिंग और उच्च शिक्षा विभाग में प्रोफेसर सुजान डेगेस की 2020 की स्टडी में पाया कि जिन अधेड़ महिलाओं के तीन या उससे अधिक फ्रेंड थे, वे अपनी जिंदगी से अधिक संतुष्ट रहीं। डॉ.डेगेस ने अभी हाल में 297 वयस्कों का सर्वे किया।

सर्वे में हिस्सा लेने वाले 55 प्रतिशत लोग मानते हैं कि दो या तीन निकट मित्र आदर्श हैं जबकि 31 प्रतिशत सोचते हैं कि चार से लेकर छह दोस्त काफी हैं।
गहरी मित्रता पनपने में 200 घंटे लगते ह
वयस्क होने पर मित्र बनाना आसान नहीं है। रिसर्च बताती है, नए लोगों पर विश्वास करने में मुश्किल और समय की कमी के कारण ऐसा है। साइकोलॉजिस्ट मेरिसा फ्रांको का कहना है, इसलिए टूट चुके या कमजोर पड़ चुके पुराने रिश्तों को बहाल करना अक्सर आसान होता है।

यह मत सोचिए कि फ्रेंडशिप सहजता से हो जाएगी। पहल करना जरूरी है। डा. जेफ्री हाल की रिसर्च के अनुसार निकट मित्रता बनने में 200 घंटे का समय लगता है।

कैथरीन पियर्सन © The New York Times

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