अफगानिस्तान में जोरदार और भयानक धमाके:पाकिस्तान के हवाई हमलों से टकराव के नए दौर की आशंका

16 दिन पहले
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पूर्वी अफगानिस्तान के सीमाई पहाड़ी इलाकों में रात तीन बजे कान फोड़ देने वाले धमाके से कुदरतुल्ला की नींद खुली। वह दौड़कर घर से बाहर आया और भयानक दृश्य देखकर स्तब्ध रह गया। उसके रिश्तेदार जिस मकान में रहते थे, वह खंडहर हो चुका था।

चार बच्चों के खून से सने निर्जीव शव पड़े थे। कुदरतुल्ला का गांव मांदाता पूर्वी अफगानिस्तान के उन चार इलाकों में शामिल है जिन पर पाकिस्तान ने अप्रैल में हवाई हमले किए हैं। अफगान अधिकारियों का कहना है, इन हमलों में 20 बच्चों सहित 45 व्यक्ति मारे गए हैं।

इनमें से 27 कुदरतुल्ला के रिश्तेदार हैं।
दो सप्ताह पहले खोस्त और कुनार प्रांतों में तड़के हुए हवाई हमलों ने पाकिस्तान-अफगानिस्तान के बीच तनाव बढ़ा दिया है। ये हमले इन इलाकों में सक्रिय उग्रपंथियों द्वारा पाकिस्तान में घुसकर सात सैनिकों की हत्या के बाद हुए हैं।

पूर्वी अफगानिस्तान में कई लोगों को आशंका है कि हवाई हमले सीमाई इलाकों में लंबे समय से चल रहे टकराव के एक नए हिंसक अध्याय की शुरुआत हो सकते हैं। अफगानिस्तान के रक्षा मंत्री मुल्ला मोहम्मद याकूब ने चेतावनी दी है कि तालिबान सरकार अब पड़ोसी देशों से और हमले सहन नहीं करेगी। अमेरिका शांति संस्थान में सीनियर विशेषज्ञ अफसंदयार मीर कहते हैं, ये हमले पाक-अफगान रिश्तों में निर्णायक मोड़ हो सकते हैं। बीते दस साल से पाकिस्तान ने अपने प्रति आक्रामक उग्रपंथियों का सफाया करने के लिए सीमाई अफगान इलाकों में अभियान चला रखा है।

पाकिस्तानी हमलों में हर साल कई नागरिक मारे जाते हैं। काबुल में तालिबान की सरकार बनने के बाद पाकिस्तान को उम्मीद थी कि अब तहरीके-ए-तालिबान उग्रवादियों के हमले नहीं होंगे। लेकिन,हाल के महीनों में हमले बढ़े हैं। पाक शांति अध्ययन संस्थान के अनुसार तालिबान के सत्ता में आने के बाद तहरीके ने 82 हमले किए हैं। इनमें 133 व्यक्तियों की मौत हुई है।

क्रिस्टीन गोल्डबॉम, सफीउल्ला पादशाह
© The New York Times

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