यूरोप में सूखे से टूटा 500 साल का रिकॉर्ड:स्पेन में ओलिव किसानों को 7500 करोड़ रु के नुकसान की आशंका

14 दिन पहले
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सूखे ने यूरोप में दर्जनों फसलों को सूखने की कगार पर पहुंचा दिया है। रोमानिया में मका, इटली में चावल, बेल्जियम में बीन्स और फ्रांंस में गाजर, लहसुन की फसल को बहुत नुकसान पहुंचा है। सबसे अधिक प्रभाव स्पेन में जैतून (ओलिव) की फसल पर पड़ा है। विश्व के आधे ओलिव तेल का उत्पादन स्पेन में होता है।

करीब आधी पैदावार दक्षिणी प्रांत जेइन में होती है। इंटरनेशनल ओलिव काउंसिल के अनुसार यहां साल भर में इटली से अधिक ओलिव तेल बनता है। इलाके को विश्व की ओलिव तेल राजधानी कहते हैं। यहां हर पहाड़ी, घाटी, सड़क और हाईवे के किनारे ओलिव के पेड़ नजर आते हैं। इनकी संख्या छह करोड़ 70 लाख बताई जाती है। इसे सबसे बड़ा मानव निर्मित जंगल कहते हैं। जेइन में एल मोलार गांव के किसान बाउतिस्ता ने ओलिव के पांच हजार पेड़ लगाए हैं। उसे एवं अन्य किसानों को आशंका है कि जेउन में ओलिव की फसल पिछले साल के मुकाबले आधी से कम रह जाएगी। सरकार का अनुमान है कि किसानों को 7500 करोड़ रुपए का नुकसान हो सकता है। जेइन के जैतून की फसल से निकाले गए तेल की दर्जनों किस्में दुनियाभर में बिकती हैं। स्थानीय मिलों से सीधे ऑनलाइन खरीद होती है।

इलाके से स्पेन के कई महान कवि, गायक और पेंटर निकले हैं। जैतून के पेड़ों ने सोशल मीडिया पर जगह बना ली है। जेइन के एक किसान के टिकटॉक पर 17 लाख फॉलोअर हैं। जेइन में स्थानीय सरकार के सहयोग से ओलिव तेल पर्यटन इंडस्ट्री ने पैर जमाना शुरू किया है। ओलिव ऑयल की मालिश करने वाले स्पा हैं।

कई दुकानें ओलिव तेल की दर्जनों किस्मों की बिक्री करती हैं। एक तेल मिल पर्यटकों को शराब के समान आलिव तेल का टेस्ट कराती है।

500 साल का रिकॉर्ड
रोमनों ने सैकड़ों वर्ष पहले स्पेन में ओलिव के वृक्षों का रोपण शुरू किया था। हजारों किसानों और मजदूरों की आजीविका ओलिव पर निर्भर है। भूमध्यसागरीय जलवायु में पनपने वाले पेड़ों को बहुत कम वर्षा की जरूरत पड़ती है। लेकिन, इस बार न्यूनतम से भी कम वर्षा हुई है। यूरोपियन अकाल वेधशाला का कहना है कि यूरोप 500 वर्षों में अपने सबसे भीषण सूखे का सामना कर
रहा है।

डेविड सीगल, जोस बाउतिस्ता

© The New York Times

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