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अमेरिकियों में फायर आर्म्स के लिए की भूख:महामारी के बीच फायर आर्म्स की बिक्री का रिकॉर्ड; एक सप्ताह में 12 लाख गन बिकीं

11 दिन पहले
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आस्टिन, टैक्सास में एक गन स्टोर में रखे फायर आर्म्स। - Dainik Bhaskar
आस्टिन, टैक्सास में एक गन स्टोर में रखे फायर आर्म्स।
  • असुरक्षा- वायरस के प्रकोप और रंगभेद विरोधी आंदोलन ने हथियारों की खरीद के ट्रेंड की रफ्तार बढ़ाई

अमेरिका के शहरों में सामूहिक गोलीबारी की घटनाएं लगातार जारी हैं। लगभग हर हफ्ते शूटिंग की कोई भयानक वारदात होती है। डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन पार्टी के नेता गन हिंसा के कारणों पर बहस करते हैं। लेकिन, फायर आर्म्स के लिए अमेरिकियों की भूख खत्म ही नहीं होती है। कोरोना वायरस महामारी, पिछले साल रंगभेद विरोधी आंदोलन और इनसे उपजी दहशत के कारण इस बार पहले से कहीं बहुत अधिक गन बिकी हैं।

सरकार द्वारा 1998 में फायर आर्म्स की बिक्री दर्ज करने के बाद पिछले साल मार्च में एक सप्ताह में पहली बार दस लाख से अधिक गन बिकी थीं। इस साल मार्च में वसंत का मौसम शुरू होने के बाद एक हफ्ते में 12 लाख बंदूकों की रिकॉर्ड बिक्री हुई है।

चुनाव के वर्षों और गंभीर अपराधों के बाद फायर आर्म्स की बिक्री सालों से बढ़ रही है। इस बार अस्वाभाविक ट्रेंड सामने आया है। कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी मेंं गन रिसर्चर डॉ. गरेन विंटेम्यूट कहते हैं, गन की बिक्री में ऐसा उफान पहले कभी नहीं देखा था। आमतौर पर यह धीमा पड़ जाता है। लेकिन, यह लगातार चल रहा है। वे लोग गन खरीद ही रहे हैं जिनके पास पहले से कई हैं। पर जिनके पास एक भी गन नहीं थी, वे भी होड़ में शामिल हो गए हैं।

नार्थ ईस्टर्न यूनिवर्सिटी और हार्वर्ड इंज्योरी कंट्रोल रिसर्च सेंटर के प्रारंभिक डेटा से पता लगा है, पिछले साल बंदूक खरीदने वाले अमेरिकियों में 20% ने पहली बार गन खरीदी है। हमेशा की तरह नए खरीदार पुरुष या श्वेत ही नहीं हीं। इनमें आधी महिलाएं और 20-20% अश्वेत, हिस्पेनिक हैं।

गन हिंसा में उछाल के शिकार साउथ लॉसएंजिलिस सिटी काउंसिल के प्रतिनिधि मारक्वीस हैरिस डासन कहते हैं, अमेरिकियों के बीच हथियारों के होड़ चल रही है। महामारी की शुरुआत में टॉयलेट पेपर की जिस तरह बिक्री बढ़ी थी, वैसी ही स्थिति गन खरीद की है। फायर आर्म्स की बिक्री में वृद्धि का कोई एक कारण नहीं है। समाज विज्ञानी कई संकेतकों की ओर इशारा करते हैं। मेरीलैंड यूनिवर्सिटी में राजनीतिविज्ञानी लिलिआना मेसन कहती हैं, लोगों के बीच विश्वास खत्म हो गया है।

यह सामाजिक परिवर्तन डरावना है। गन स्टोर में काम करने वाले कई कर्मचारियों ने बताया कि पिछले साल मार्च में बीमा कंपनियों, सॉफ्टवेयर कंपनियों में काम करने वाले लोगों ने गन खरीदी। वे गन और उसे चलाने के बारे में कुछ नहीं जानते थे।

महामारी ने गन बिक्री के ट्रेंड की रफ्तार बढ़ाई है। बंदूकों की बिक्री पर नजर रखने वाली न्यूज साइट ट्रेस के अनुसार पिछले दस साल से बिक्री में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। उछाल की शुरुआत 2013 में सेंडी हुक गोलीकांड के बाद हुई थी।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का कार्यकाल में बिक्री में बहुत अधिक परिवर्तन नहीं हुआ। लेकिन 2020 में गन बिक्री 2019 के मुकाबले 64% बढ़ गई। अश्वेत जॉर्ज फ्लॉयड की पुलिस अफसर के हाथों मौत के बाद देशभर में हुए प्रदर्शनों के बीच पिछले साल जून में सबसे अधिक बिक्री हुई थी।

लॉकडाउन के बीच गन हिंसा बढ़ी

गन बिक्री की तेज दौड़ इस साल जारी है। अमेरिकियों ने जनवरी में 23 लाख बंदूकें खरीदी। 2020 की पहली तिमाही के मुकाबले इस साल के पहले तीन महीनों में 18% का उछाल आया है। कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के डॉ. विंटेमुटे का कहना है, उनकी रिसर्च के अनुसार जिन राज्यों में अधिक गन बिकी हैं, वहां हिंसा ज्यादा हुई है। वैेसे, लॉकडाउन और बेरोजगारी जैसे कारणों ने भी गन हिंसा की आग को बढ़ाया है।

एक करोड़ 70 लाख

नार्थ ईस्टर्न यूनिवर्सिटी और हार्वर्ड रिसर्च सेंटर के सर्वे में पाया गया कि 2020 में एक करोड़ 70 लाख अमेरिकियों ने गन खरीदी।

73%

2021 में 73% श्वेतों के पास गन थी। गन रखने वालों में 63% पुरुष, 10 % अश्वेत और 12 % हिस्पेनिक लोग शामिल हैं।

39%

शिकागो यूनिवर्सिटी रिसर्च सेंटर के जनरल सोशल सर्वे के अनुसार 39% अमेरिकी परिवारों में बंदूकें हैं। यह 2016 के 32% से अधिक है।

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