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मंदी के दौर को डेल्टा वैरिएंट के प्रसार ने बढ़ाया:9/11 हमले से तो संभल गए पर महामारी ने कारोबार चौपट किया

12 दिन पहले
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किसी समय न्यूयॉर्क की पहचान रहे वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के पास मैनहटन के दक्षिण छोर पर अमीश मार्केट 1999 में खुला था। मार्केट में किराना और अन्य जरूरी सामान के स्टोर थे। दो साल बाद 11 सितंबर, 2001 को 110 मंजिला ट्विन टॉवर आतंकवादी हमले में ढह गए।

अमीश मार्केट के स्टोर टॉवर के मलबे और धूल में डूब गए। हमले के बाद बंद मार्केट थोड़ी दूर नई लोकेशन पर पांच साल बाद खुला। लोअर मैनहटन ने देश के सबसे बड़े कारोबारी जिले के बतौर पहचान बनाई। 11 सितंबर म्यूजियम और स्मारक बनने से यह जगह टूरिस्ट के आकर्षण का केंद्र हो गई है।

अमीश मार्केट में स्टाफ की संख्या दोगुनी हो गई। मार्केट में साप्ताहिक बिक्री लगभग सवा करोड़ रुपए हो गई। लेकिन, यह सब तरक्की एक अन्य संकट में कुछ दिन के भीतर चौपट हो गई। लोअर मैनहटन में कारोबार जमकर प्रभावित हुआ है। न्यूयॉर्क में मार्च 2020 में कोरोना वायरस का प्रकोप होने के बाद आसपास के इलाके खाली हो गए।

अमीश मार्केट में प्रति सप्ताह कारोबार 17 लाख रुपए रह गया। लोगों के पास दुकानों का किराया चुकाने के पैसे नहीं रहे। पिछले साल सितंबर में मार्केट बंद हो गया। लोअर मैनहटन में पिछले 18 माह में 350 से अधिक रिटेलरों ने कारोबार समेट लिया है। आतंकवादी हमले के बाद बने नए शॉपिंग मॉल में खरीदार नहीं दिखाई पड़ते हैं। सात होटल पूरी तरह बंद हो चुकी हैं। कुछ होटल अब तक नहीं खुली हैं।

प्राइवेट सेक्टर में केवल दो लाख 21 हजार लोग काम कर रहे हैं। यह संख्या 2001 के मुकाबले भी कम है। 2021 के पहले सात महीनों में लोकल ट्रेन के सबवे स्टेशनों में यात्रियों की संख्या प्रतिदिन 63 लाख रही। यह 2019 की इसी अवधि से 82 प्रतिशत कम है।

लोअर मैनहटन में 21 प्रतिशत से अधिक ऑफिस स्पेस खाली है। पिछले साल से आए मंदी के दौर को डेल्टा वैरिएंट के प्रसार ने बढ़ा दिया है। आतंकवादी हमले के बाद अनुमान था कि लोअर मैनहटन कभी नहीं उबर पाएगा। लेकिन, बीस साल में तस्वीर बदल गई।लगभग डेढ़ लाख करोड़ रुपए के सरकारी और निजी निवेश से इलाका जगमगाने लगा। मैनहटन न्यूयॉर्क के संकट से उबरने का प्रतीक बन गया। ट्विन टॉवर के बगल में वन वर्ल्ड ट्रेड सेंटर सहित कई नई बिल्डिंग बन गई हैं।

इलाके में पर्यटकों की भीड़ लगने लगी। हर साल एक करोड़ 40 लाख टूरिस्ट आने लगे। लेकिन, महामारी ने लोअर मैनहटन के जीवन का बहुत कुछ निचो़ड़ लिया है। कई बड़ी कंपनियों ने दफ्तर खाली कर दिए हैं। भारतीय मूल की मानवीन सिंह को फुलटन स्ट्रीट पर अपना 27 साल पुराना रेस्तरां तंदूर पैलेस बंद करना पड़ा है। वे कहती हैं, अगर बड़ी कंपनियां वापस नहीं लौटीं तो इलाका पूरी रफ्तार नहीं पकड़ पाएगा।

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