महामारी में अराजकता और उथल-पुथल:जलवायु परिवर्तन से हुए नुकसान को देख अब कई अमेरिकी पैरेंट बनना नहीं चाहते

2 महीने पहले
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विवाह से पहले किर्स्टन लिटिल अपने पति को आदर्श पिता मानती थी। अब उनके विचार बदल गए हैं। कुछ समय पहले वे पति के साथ कैलिफोर्निया, ओरेगांव, वाशिंगटन, इदाहो के जंगली इलाकों से ड्राइव करते हुए निकलीं। दोनों तूफान से तबाह हो चुके लुईसियाना शहर से भी गुजरे। किर्स्टन बताती हैं, हमने इस यात्रा में जलवायु परिवर्तन की ताजा स्थिति अपनी आंखों से देखी। इसके बाद मुझे लगता है, हमें बच्चे को जन्म देने के बारे में सोचना पड़ेगा।

अब बच्चा पैदा न करने के पहले से अधिक कारण हैं। कई अमेरिकी दंपती इस आशंका का सामना कर रहे हैं। वायरस महामारी के कारण पैदा हुई मुश्किल स्थितियों और राजनीतिक अशांति ने भी लोगों को विचलित किया है।

मोर्गन स्टेनले बैंक के एनालिस्टों ने निवेशकों को भेजे एक नोट में कहा है कि जलवायु परिवर्तन के कारण बच्चों को जन्म न देने की हलचल जोर पकड़ रही है। इसका प्रजनन दर पर असर पड़ रहा है। पहले किसी अन्य ट्रेंड का प्रजनन दर पर ऐसा प्रभाव नहीं पड़ा था।

वैसे, इस बात पर बहस चल रही है कि क्या जलवायु परिवर्तन की समस्या का सबसे अच्छा तरीका कम बच्चे हैं। जलवायु साइंटिस्ट किंबरले निकोलस ने एक इंटरव्यू में कहा है कि आबादी में कमी इसका जवाब नहीं है। निकोलस जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को घटाने के लिए जीवनशैली में परिवर्तन के संबंध में एक स्टडी के सहलेखक हैं।

बढ़ते खर्च सहित कई कारणों से युवा कम बच्चे चाहते हैं

पिछले साल मार्निंग कंसल्ट एजेंसी ने अमेरिका में संतानविहीन वयस्कों के बीच सर्वे किया था। चार में से एक वयस्क ने बच्चे न होने का एक कारण जलवायु परिवर्तन बताया था। 2018 में इसी एजेंसी के एक सर्वे में युवाओं ने कहा कि वे कम बच्चे चाहते हैं।

33 प्रतिशत ने जलवायु परिवर्तन और 27 प्रतिशत ने बढ़ती आबादी इसका कारण बताया था। हालांकि, आर्थिक स्थिति एक प्रमुख वजह है। 64 प्रतिशत ने बच्चों की देखभाल का बढ़ता खर्च, 37 प्रतिशत ने वैश्विक अस्थिरता और 36 प्रतिशत ने घरेलू राजनीति को बच्चे न चाहने का कारण बताया था। कुछ लोगों ने इन सभी कारणों का जिक्र किया था।

2020 में अमेरिका में लगातार छठवें साल जन्मदर में गिरावट आई है। विश्वास किया जाता है, चार प्रतिशत की अधिक गिरावट का कारण महामारी है। कोरोना वायरस महामारी ने भी कई लोगों की चिंता बढ़ाई है।

सैनडिएगो की 41 वर्षीय वकील मार्गुराइट मिडाग ने पहले बच्चे का जन्म टालने का कारण महामारी और मौसम से आई तबाही को बताया है। मकानों की बढ़ती कीमतें, छात्रों पर कर्ज का बोझ जैसे कारण भी संतान के जन्म को रोक सकते हैं।

अमेरिका और विदेशों में बढ़ता राजनीतिक उग्रवाद, 50 लाख लोगों की जान लेने वाली महामारी, पश्चिम यूरोप में बाढ़ का कहर, अमेरिका में जंगलों की आग सहित कई कारणों से भावी माता-पिता सोचते हैं कि ऐसे माहौल में बच्चे को दुनिया में लाना कितना नुकसानदेह हो सकता है। एक सर्वे में यह भी पता लगा है कि कम संतान पैदा करने के इच्छुक लोगों में कॉलेज शिक्षित लोगों की संख्या अधिक है।

एक संस्था कंसीवेबल फ्यूचर की फाउंडर जोसेफाइन फेरोरेली कहती हैं, पिछले दो माह में कई लोगों ने जलवायु परिवर्तन पर चिंता जाहिर की है। यह संस्था पैरेंट्स के लिए पार्टियों का आयोजन करती है। इन आयोजनों में जलवायु से जुड़ी आशंकाओं के संतान पैदा करने पर होने वाले प्रभाव के संबंध में चर्चा होती है।

एलेक्स विलियम्स
© The New York Times

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