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जोखिम पता लगाने में जुटे वैज्ञानिक:यूके का कोरोना का नया वैरिएंट हो सकता है ज्यादा जानलेवा

8 दिन पहले
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  • वैरिएंट में 50 फीसदी तक ज्यादा संक्रामकता की आशंका, अमेरिका में कोरोना का मुख्य स्रोत होगा

ब्रिटिश सरकार के वैज्ञानिक ब्रिटेन में पहली बार पाए गए कोरोना के खतरनाक वैरिएंट के जोखिम का पता लगाने में जुटे हुए हैं। उनके मुताबिक वायरस के अन्य वैरिएंट की तुलना में इसके ज्यादा जानलेवा होने की आशंका है। पिछले महीने वैज्ञानिकों ने कहा था कि इस बात की पूरी आशंका है कि वायरस का यह नया प्रकार न सिर्फ ज्यादा संक्रामक साबित होगा, बल्कि ज्यादा घातक हो सकता है। अब वैज्ञानिकों का कहना है कि इस नए प्रकार के कारण अस्पताल में भर्ती होने और मृत्यु होने का खतरा बढ़ गया है। ब्रिटिश सरकार ने ताजा निष्कर्ष फिलहाल सामने नहीं रखे हैं, जो कि पहले ही तुलना में कहीं ज्यादा अध्ययनों पर आधारित हैं और इसमें बी.1.1.7 नाम के नए वैरिएंट से हुई मौतें भी शामिल हैं। हालांकि मृत्युदर के बढ़ने के कारण स्पष्ट नहीं हैं। वैज्ञानिक यह भी समझने का प्रयास कर रहे हैं कि वैरिएंट की नर्सिंग होम जैसी जगहों के माध्यम से आसानी से फैलने की प्रवृत्ति से मौत का जोखिम कितना बढ़ सकता है। शनिवार को ब्रिटिश सरकार के वैज्ञानिक सलाहकार ने कहा कि नए नतीजे उन देशों के लिए खतरे को सामने लाए हैं, जो प्रतिबंध कम कर रहे हैं, जबकि वैरिएंट पकड़ बना रहा है। वैरिएंंट 82 देशों तक पहुंच चुका है और अमेरिका के अन्य वैरिएंट्स की तुलना में 35% से 45% तक ज्यादा तेजी से फैल रहा है। अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि यह वैरिएंट वहां मार्च तक संक्रमण का मुख्य स्रोत हो सकता है। कोविड-19 के ज्यादातर मामले जानलेवा नहीं हैं, यहां तक कि नए वैरिएंट वाले मामले भी। सरकार अब तक उन अध्ययनों पर निर्भर थी, जो कुल मौतों के छोटे अनुपात का परीक्षण कर रहे थे। कुल मिलाकर, सरकारी वैज्ञानिकों का यह आंकलन कि वैरिएंट से मौत के ज्यादा जोखिम की आशंका है, अब भी बताता है कि उनका नतीजों पर 55 से 75 फीसदी ही भरोसा है। स्कॉटलैंड के सैंट एंड्रूज विश्वविद्यालय की संक्रामक रोग विशेषज्ञ म्यूग सेविक कहती हैं, ‘मुझे लगता है कि नतीजे वास्तविक हो सकते हैं, हालांकि अब भी कई सीमाएं हैं और हमें संक्रमण का कारण समझने की जरूरत है।’ इस नए वैरिएंट का सबसे बड़ा खतरा इसकी तेजी से फैलने की प्रवृत्ति ही है। माना जा रहा है कि यह 30 से 50 फीसदी तक ज्यादा संक्रामक है, हालांकि कुछ वैज्ञानिक इससे भी ज्यादा संक्रामकता की आशंका जता रहे हैं।

बेंजामिन म्यूलर और कार्ल जिमर | लंदन
© The New York Times

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