बड़े ब्रांड को दिया एथलीट्स ने जोर का झटका:दिग्गज महिला एथलीटों ने बड़े ब्रांड से मुंह मोड़ा; छोटे ब्रांड अधिक फिक्र करते हैं इसलिए उन्हें अपनाया

2 महीने पहले
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अमेरिका की सिमोन बाइल्स ने जब टोक्यो ओलिंपिक के जिमनास्टिक मुकाबलों से नाम वापस लिया तब छोटे ब्रांड एथलीटा ने उनका सार्वजनिक रूप से समर्थन किया। - Dainik Bhaskar
अमेरिका की सिमोन बाइल्स ने जब टोक्यो ओलिंपिक के जिमनास्टिक मुकाबलों से नाम वापस लिया तब छोटे ब्रांड एथलीटा ने उनका सार्वजनिक रूप से समर्थन किया।
  • बिजनेस-नामी कंपनियां प्रदर्शन के आधार पर पैसा देती हैं और दबाव डालती हैं

महिलाओं और लड़कियों के परिधान बनाने वाली गैप कंपनी के ब्रांड एथलीटा ने कभी किसी एथलीट को प्रायोजित नहीं किया था। लेकिन, उसने 2019 में छह बार ओलिंपिक चैम्पियन रह चुकी एलिसन फेलिक्स को ऑफर दिया।

फेलिक्स ने गर्भवती महिला दौड़ाकों को पैसा देने के मामले में मशहूर कंपनी नाइके को आड़े हाथों लिया था। छोटी कंपनी गैप ने फेलिक्स का समर्थन किया और कहा कि वह रेस हारने या अधिक बच्चों को जन्म देने की स्थिति में उनके पैसे नहीं काटेगी। वैसे, फेलिक्स द्वारा आलोचना के बाद नाइके ने गर्भवती एथलीटों के लिए अपनी नीति बदल दी है।

टोक्यो ओलिंपिक में हिस्सा ले रही फेलिक्स कहती हैं कि एथलीटा ने माना कि मैं एथलीट के साथ मां भी हूं। छोटी कंपनी को महत्व देने वाली फेलिक्स अकेली नहीं हैं। इधर, कई दिग्गज महिला एथलीटों ने बड़े ब्रांड छोड़कर छोटी कंपनियों से अनुबंध किए हैं। उन्होंने, बड़ी कंपनियों की मनमानी शर्तों की आलोचना की है।

अमेरिकी जिमनास्ट सिमोन बाइल्स और कई पूर्व ओलिंपिक खिलाड़ी नाइके जैसे परंपरागत प्रायोजक की बजाय छोटे ब्रांड का चुनाव कर रही हैं। कई युवा महिला एथलीट का कहना है कि छोटे ब्रांड उनके साथ कई अन्य तरह से काम करते हैं। उन्हें कर्मचारी के रूप में रख लेते हैं। हिस्सेदार बनाते हैं। नए प्रोडक्ट के साथ जोड़ते हैं। मैदान में उनके प्रदर्शन की बजाय उनके निजी जीवन और सोशल मीडिया अकाउंट पर अधिक ध्यान देती हैं।

गर्भवती एथलीटों के पैसे में कटौती होती है

नाइके और एडिडास जैसी बड़ी कंपनियां इस मैदान के ताकतवर खिलाड़ी हैं। वे मार्केटिंग के जरिये किसी एथलीट को ज्यादा चर्चित कर सकती हैं। लेकिन आलोचकों का कहना है, वे हमेशा एथलीट की परवाह नहीं करती हैं। उदाहरण के लिए पिछले कुछ वर्षों से गर्भवती एथलीटों को तंग करने और मनमाने कांट्रेक्ट के लिए नाइके आलोचना के घेरे में है। परंपरागत रूप से प्रायोजक हर साल निर्धारित संख्या में रेस में हिस्सा लेने, कोई रैंकिंग, मेडल हासिल करने जैसी उपलब्धियों के लिए एथलीटों को पैसा देते हैं। कई कंपनियां गर्भवती एथलीटों को अनुुबंधित नहीं करती हैं।

इस साल नाइके छोड़ने और लुलुलेमन कंपनी से अनुबंध करने वाली स्टीपल चेजर कॉलीन क्विगली कहती हैं, कुछ लोगों को यह बहुत अधिक कारोबारी लगता है। पैसे के प्रलोभन से एथलीट पर फार्म में न होने या घायल होने के बावजूद बेहतर प्रदर्शन का दबाव रहता है।

इसका नुकसानदेह मनोवैज्ञानिक असर पड़ सकता है। सिमोन बाइल्स ने इस साल नाइके से अनुबंध खत्म कर एथलीटा का रुख किया है। उनका कहना है, छोटे ब्रांड केवल मेरी उपलब्धियों तक सीमित नहीं हैं। वे मेरा उपयोग महिलाओं और बच्चों के प्रतिनिधि के रुप में करेंगे।

मैं जिन मूल्यों के साथ खड़ी हंू, वे उसका समर्थन करते हैं। सिमोन के इस सप्ताह टोक्यो ओलिंपिक में जिमनास्टिक मुकाबलों से पीछे हटने के फैसले का एथलीटा ने समर्थन किया है।

इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफार्म एथलीटों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रहे हैं। नाइके से पहले जुड़े रहे पूर्व एथलीट अलेक्सी पपास का कहना है, हमारे कांट्रेक्ट में सोशल मीडिया भी शामिल रहता है। सोशल मीडिया, प्रेस कॉफ्रेंस, ब्लॉग लेखन जैसे तरीकों से खिलाड़ी का प्रभाव बढ़ता है।

लुलुलेमन के मुख्य ब्रांड अधिकारी निक्की न्यूबर्गर कहती हैं, हम उपलब्धियों और रिकॉर्ड पर ज्यादा ध्यान नहीं देते हैं। बड़ी कंपनियां नामी खिलाड़ियों पर बेहतर प्रदर्शन के लिए हमेशा दबाव डालती हैं। महिला एथलीटों पर दबाव का एक मामला अभी हाल सुर्खियों में रहा।

नाइके से पहले अनुबंधित रनर मेरी केन ने बताया कि उनके नाइके कोच ने इतना अधिक वजन घटाने के लिए कहा कि उनका शरीर कमजोर हो गया। दूसरी ओर नाइके का कहना है,उसने गर्भवती महिला एथलीटों को 12 माह तक प्रदर्शन के मापदंड से छूट दी है।

सपना माहेश्वरी

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