अमेरिका में मेडिकल कंपनियों की मुनाफाखोरी:प्रसव पूर्व जांच के गलत नतीजे, एक ब्लड टेस्ट के छह लाख रुपए तक लिए जा रहे

4 महीने पहले
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अमेरिका में कई मेडिकल कंपनियां गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच में भारी गड़बड़ी कर रही हैं। संभावित बच्चे में किसी मानसिक, शारीरिक दोष का पता लगाने के नाम पर गर्भवती महिलाओं के खून के अधिकतर टेस्ट गलत होते हैं।

वैसे, कंपनियां अपने विज्ञापनों में ऐसे टेस्ट को विश्वसनीय और बहुत ज्यादा सही बताती हैं। पांच तरह के टेस्ट में औसतन 85 प्रतिशत टेस्ट गलत पाए गए हैं। इनमें स्क्रीनिंग और खून का टेस्ट शामिल है। खून के एक टेस्ट के लगभग छह लाख रुपए लिए जाते हैं। मेडिकल कंपनियां महिलाओं के प्रसव पूर्व टेस्ट के संबंध में पूरी जानकारी नहीं देती है। गर्भस्थ शिशु में दुर्लभ दोष पाए जाने का पॉजिटिव रिजल्ट मिलने के बाद कई पैरेंट ने सोशल मीडिया साइट रेडिट पर अपनी व्यथा बताई है। कुछ लोगों ने कहा, उनके डॉक्टर ने पॉजिटिव रिजल्ट आने पर नहीं बताया कि इसका क्या मतलब है। बाद उनकी रिपोर्ट गलत पाई गई।

कई महिलाओं को रेडिट फोरम से जानकारी मिली कि उनकी रिपोर्ट गलत आई है। उन्होंने बताया कि उनके डॉक्टर टेस्ट को निश्चित डायग्नोसिस या बीमारी की सही पहचान मान रहे थे। न्यूयॉर्क टाइम्स के रिपोर्टर ने कई महिलाओं से इस संबंध में बात की। उन्होंने इस स्थिति को अपने जीवन का सबसे खराब दौर कहा है।

दरअसल, पहले इन महिलाओं का स्क्रीनिंग टेस्ट पॉजिटिव बताया गया। उन्हें जानकारी मिली कि गर्भस्थ शिशु में दुर्लभ दोष हो सकता है। फिर कई सप्ताह या महीनों बाद पता लगा कि टेस्ट का परिणाम गलत था। कुछ महिलाओं ने पॉजिटिव टेस्ट आने के बाद दूसरे टेस्ट पर हजारों रुपए खर्च कर दिए। कई महिलाओं ने तो गर्भपात की संभावनाओं तक पर भी विचार किया।

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© The New York Times

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