रसरंग में टॉकिंग पॉइंट:अमिताभ-रेखा : इस जोड़ी ने दर्शकों को दीं कई सुपरहिट फ़िल्में

भावना सोमाया6 दिन पहले
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'दो अनजाने' में अमिताभ और रेखा। यह पहली मूवी थी जिसमें ये दोनों एक्टर पहली बार एक जोड़ी के रूप में आए थे। - Dainik Bhaskar
'दो अनजाने' में अमिताभ और रेखा। यह पहली मूवी थी जिसमें ये दोनों एक्टर पहली बार एक जोड़ी के रूप में आए थे।

आज 10 अक्टूबर को रेखा का जन्मदिन है और कल 11 अक्टूबर को अमिताभ बच्चन का जन्मदिन होगा। मैं इस कॉलम को 70 और 80 के दशक में इनके द्वारा दी गई सभी सुपरहिट फिल्मों को समर्पित कर रही हूं। ये दोनों पहली बार जिस फिल्म में एकसाथ आए, वह 1976 में रिलीज हुई ऋषिकेश मुखर्जी की 'नमक हलाल' थी। हालांकि दोनों जोड़ी में नहीं थे। रेखा ने एक बस्ती की लड़की की भूमिका निभाई थी और वे सुपरस्टार राजेश खन्ना के साथ जोड़ी में थीं जो मिल मजदूर बने थे। अमिताभ बच्चन मिल मालिक की भूमिका में थे। परिष्कृत सिमी गरेवाल ने उनकी प्रेमिका की भूमिका निभाई थीं।

दुलाल गुहा वे पहले निर्देशक थे जिन्होंने बंगाली उपन्यास पर आधारित फिल्म 'दो अनजाने' में अमिताभ और रेखा को एक जोड़ी के रूप में कास्ट किया था। यह प्यार और बदले की कहानी थी और रेखा व अमिताभ दोनों के किरदारों में नकारात्मक रंग थे। फिर भी यह फिल्म सुपरहिट साबित हुई। साल 1977 में ऋषिकेश मुखर्जी की ऑफबीट फिल्म 'आलाप' में भी उन्हें जोड़ी के रूप में प्रस्तुत किया गया। इसमें अमिताभ ने एक अमीर आदमी के बेटे की भूमिका निभाई थी जो संगीत की अपनी गुरु मां की बेटी राधा (रेखा) से शादी करता है और अब एक झुग्गी बस्ती में रहता है। 'आलाप' की कहानी में अवसाद का प्रभाव अधिक था और इसलिए इसे दर्शकों ने खारिज कर दिया।

इन दोनों की अगली फिल्म 'इमान धर्म' थी जो सुपरस्टार लेखकों सलीम-जावेद की लिखित एकमात्र फ्लॉप फिल्म रही। इसमें रेखा को शशि कपूर के साथ जोड़े में रखा गया था, जबकि अमिताभ का कुछ-कुछ जुड़ाव हेलेन के साथ था। अमिताभ और रेखा की पहली मसाला फिल्म 'खून पसीना' थी जिसके तुरंत बाद 'गंगा की सौगंध' आई थी। दोनों जबरदस्त सुपरहिट रहीं। फिल्म उद्योग में जब एक स्टार जोड़ी सफल होने लगती है तो हर कोई उसे दोहराना चाहता है और यही अमिताभ बच्चन व रेखा के साथ भी हुआ। इसलिए 1978 व 1979 में अमिताभ बच्चन और रेखा ने पांच फिल्मों में जोड़ी बनाई। रेखा ने अमिताभ के डबल रोल वाली 'कसमे वादे' में गेस्ट अपीयरेंस की भूमिका निभाई। उसके बाद प्रकाश मेहरा की 'मुक़द्दर का सिकंदर' आई जो एक तरह से देवदास का आधुनिक संस्करण थी। इसमें जहां रेखा चंद्रमुखी जैसी भूमिका में थीं तो राखी पारो की भूमिका में।

अमिताभ बच्चन-डिंपल कपाड़िया की जोड़ी पहली बार शशि कपूर की 'अजूबा' में और फिर नौ साल बाद 'हम कौन हैं' में आई, लेकिन उनके बीच वैसी कोई केमिस्ट्री नजर नहीं आई जैसी अमिताभ-रेखा के बीच रही थी। अमिताभ बच्चन ने मौसमी चटर्जी के साथ 'मंज़िल' और 'बेनाम' में काम किया और फिर दशकों बाद 'पिकू' में लेकिन रोमांटिक जोड़ी के रूप में नहीं। हेमा मालिनी ने 1982 में 'सत्ते पे सत्ता' में अमिताभ के साथ सफल जोड़ी बनाई और यही जोड़ी 'बागबान' (2003) में एक नई ऊर्जा के साथ लौटी। 2015 में आर. बाल्की ने 'शमिताभ' में अमिताभ बच्चन की आवाज का उपयोग करते हुए धनुष के साथ रेखा को एक दृश्य में प्रस्तुत किया।

यह शो बिजनेस है। कोई भी कभी भी किसी के साथ काम कर सकता है। लेकिन कौन-सी भूमिका और कौन-से चरित्र किसी जोड़ी को हिट बना देते हैं, यह बात ही मायने रखती है।

अविस्मरणीय फिल्म 'सिलसिला' :

'मिस्टर नटवरलाल' में अमिताभ बच्चन ने एक अपराधी की भूमिका निभाई, जबकि रेखा ने गांव की लड़की की। इस फिल्म को पात्रों व उनके बीच केमिस्ट्री, संगीत और गीत 'परदेसिया' के लिए याद किया जाता है। मनमोहन देसाई की सुहाग में 'ओ शेरावाली' के रूप में पहली बार डांडिया रास को इतने भव्य रूप में पेश किया गया था। साल 1981 में यश चोपड़ा ने स्विट्जरलैंड में ट्यूलिप गार्डन के बीच अपनी अविस्मरणीय फिल्म 'सिलसिला' शूट की जिसने बॉक्स-ऑफिस पर जबरदस्त धमाल किया।

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