पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

मायथोलॉजी:'भगवद्गीता' के अलावा भी हैं कई तरह की गीता

2 महीने पहलेलेखक: देवदत्त पटनायक
  • कॉपी लिंक
सोमनाथ स्थित श्री गीता मंदिर जिसके शीर्ष पर श्रीकृष्ण-अर्जुन की प्रतिमा उकेरी गई है। - Dainik Bhaskar
सोमनाथ स्थित श्री गीता मंदिर जिसके शीर्ष पर श्रीकृष्ण-अर्जुन की प्रतिमा उकेरी गई है।

भगवद्गीता का मतलब है ‘भगवान् का गीत’। कुरुक्षेत्र के युद्ध से पहले कृष्ण द्वारा अर्जुन को दिए गए इस प्रवचन को सभी लोग सिर्फ़ 'गीता' के नाम से जानते हैं। गीता लगभग 300 ईसा पूर्व में रची गई थी। लेकिन कुछ लोग मानते हैं कि यह 800 ईसा पूर्व में उपनिषदों के काल में रची गई। उसके 18 अध्यायों और 700 छंदों में हमें हिंदू बुद्धिमत्ता का प्रमाण मिलता है।

संस्कृत में लिखी गीता हिंदू धर्म की सबसे पूजनीय पुस्तकों में से एक है। ध्यान रहें कि भारत के लंबे इतिहास में पांच प्रतिशत से भी कम लोगों ने संस्कृत में वार्तालाप किया हाेगा। संस्कृत जनसाधारण की नहीं, बल्कि पुजारियों और राजाओं की भाषा रही। लेकिन गीता में व्यक्त किए गए विचार क्षेत्रीय कवियों के रचे गीतों और कहानियों के ज़रिए जन-जन तक पहुंचे।

लोग अक्सर भगवद्गीता, गीत गोविंद और भगवतम् में गड़बड़ा जाते हैं। तीनों संस्कृत में लिखे गए ग्रंथ हैं। भगवद्गीता महाभारत के छठे अध्याय 'भीष्म पर्व' का हिस्सा है। गीत गोविंद 12वीं सदी में जयदेव द्वारा कृष्ण और राधा के बीच के प्रेम संबंध पर लिखा गया काव्य है। भगवतम् या भागवत पुराण विष्णु और ख़ासकर कृष्ण की कहानी है और 9वीं से 13वीं सदी के बीच में लिखी गई। इस तरह भगवद् गीता, गीत गोविंद और भगवतम् दोनों से लगभग 1000 साल पहले लिखी गई।

आम तौर पर गीता शब्द भगवद्गीता के संदर्भ में ही उपयोग में आता है, लेकिन भारतीय साहित्य में अनेक ‘गीताएं’ हैं। उनमें से कुछ इस तरह हैं :

  • अनु गीता : यह कृष्ण द्वारा अर्जुन को दिया गया प्रवचन है। लेकिन यह प्रवचन वे कुरुक्षेत्र के युद्ध के बाद तब देते हैं, जब कौरवों को परास्त करने के बाद पांडव हस्तिनापुर पर राज करने लगते हैं। अनु गीता में भी भगवद् गीता में समझाए गए कुछ तत्व ज्ञान शामिल हैं, लेकिन यहां वे दंतकथाओं के माध्यम से बताए गए हैं।
  • उद्धव गीता : इसे हंस गीता भी कहते हैं। उद्धव गीता भागवत पुराण का हिस्सा है। इस गीता में कृष्ण पृथ्वी छोड़कर अपने निवासस्थान वैकुंठ जाने से पहले अपने जीवन में अर्जित विद्या को अपने साथी उद्धव से बांटते हैं। उद्धव गीता में 1000 से ज़्यादा छंद हैं।
  • व्याध गीता : यह महाभारत का हिस्सा है और इसमें मार्कण्डेय ऋषि युधिष्ठिर को ज्ञान देते हैं। इसकी शुरुआत में एक घमंडी ऋषि अपने चिंतन को भंग करने वाले दो पंछियों को जला देते हैं। इसके बाद जब वे भिक्षा मांगने जाते हैं, तब अपने घरेलू कामों में व्यस्त एक गृहिणी उन्हें रुकने के लिए कहती है। जब वे उस पर भी ग़ुस्सा होते हैं, तब वह उन्हें एक व्याध अर्थात एक कसाई से मिलने के लिए कहती है। यह व्याध गीत गाकर ऋषि को समझाता है कि गृहस्थ होना, अपने कर्त्तव्यों का पालन करना और दूसरों की सेवा करना आध्यात्मिक रूप से उतना ही या उससे ज़्यादा महत्वपूर्ण है, जितना दुनिया को त्यागना और केवल स्वयं की सेवा करना है।
  • गुरु गीता : यह ऋषि व्यास द्वारा लिखे स्कन्द पुराण का हिस्सा है। इस गीता में शिव अपने साथी शक्ति के प्रश्न के उत्तर में उन्हें गुरु का अर्थ समझाते हैं। गुरु वह है जो लोगों की उनके आध्यात्मिक विकास में मदद करते हैं, जो अंधेरा दूर कर हृदय का आतंरिक उजाला प्रकट करते हैं।
  • गणेश गीता : यह गणेश पुराण के क्रीड़ा खंड का हिस्सा है। इस गीता में गणेश, गजानन का रूप लेकर वरेण्य राजा को जीवन की सच्चाई समझाते हैं।
  • अवधूत गीता : इसमें नाथ परंपरा और सभी तांत्रिकों के पहले गुरु दत्तात्रेय सच्चाई का स्वरूप गाकर समझाते हैं। यह गीता लगभग 9वीं या 10वीं सदी में रची गई।
  • अष्टवक्र गीता : इसमें अष्टवक्र ऋषि मिथिला के राजा जनक द्वारा पूछे गए प्रश्न के उत्तर में आत्मा, वास्तविकता और बंधन पर बात करते हैं।
  • राम गीता : जब लक्ष्मण सीता को वन में छोड़कर आते हैं, तब राम उन्हें सांत्वना देते हैं। राम के इस प्रवचन को ही राम गीता कहते है।
खबरें और भी हैं...

    आज का राशिफल

    मेष
    Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
    मेष|Aries

    पॉजिटिव- आज आसपास का वातावरण सुखद बना रहेगा। प्रियजनों के साथ मिल-बैठकर अपने अनुभव साझा करेंगे। कोई भी कार्य करने से पहले उसकी रूपरेखा बनाने से बेहतर परिणाम हासिल होंगे। नेगेटिव- परंतु इस बात का भी ध...

    और पढ़ें