रसरंग में टॉकिंग पॉइंट:ऋतिक : फ़िल्म से जुड़े हर शख़्स के साथ बना लेते हैं ख़ास बॉन्डिंग

भावना सोमाया16 दिन पहले
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ऋतिक अपने पिता राकेश रोशन के साथ। - Dainik Bhaskar
ऋतिक अपने पिता राकेश रोशन के साथ।

आने वाली 10 जनवरी को ऋतिक रोशन 48 साल के हो जाएंगे। उन्हाेंने अपने फिल्मी कॅरिअर के 22 साल भी पूरे कर लिए हैं। उन्होंने एक बार मुझसे कहा था कि वे हर साल अपने जन्मदिन पर किसी टूटे या बिगड़े हुए रिश्ते में सुधार करने के अपनी ओर से प्रयास शुरू करते हैं। ऋतिक में कुछ न कुछ खास बात है और यही खास बात हमें उनके स्क्रीन व्यक्तित्व से जोड़कर रखती है। उनका परिवार जानता था कि ऋतिक बड़े होकर अभिनेता ही बनेंगे, लेकिन उन्हें इतनी अभूतपूर्व सफलता की अपेक्षा नहीं थी।

ऋतिक की अभिनय यात्रा एक फोटोशूट के साथ शुरू हुई थी। उन्होंने एक कैमरामैन से कुछ फोटो खिंचवाए थे। जब उसके बिल का भुगतान करने का समय आया तो पिता राकेश रोशन ने देखना चाहा कि आखिर वे किस चीज के लिए भुगतान कर रहे हैं। और उन्होंने जो देखा, वह उन्हें इतना पसंद आ गया कि अगली सुबह अपने फिल्म क्राफ्ट ऑफिस में राकेश रोशन ने कहा कि वह अपनी अगली फिल्म के लिए एक नवागंतुक का परिचय करवा रहे हैं। यह सुनकर उनकी टीम हैरान थी। उन्होंने कहा, 'मेरा बेटा ऋतिक मेरी नई फिल्म का हीरो होगा।'

इन वर्षों में जब भी मेरी ऋतिक से मुलाकात हुई, उनके साथ हमेशा सार्थक बातचीत हुई। मैंने उन्हें उनके शुरुआती स्टारडम के दिनों में देखा था और उन दिनों मंे भी, जब वे थके हुए-से नजर आ रहे थे। उन्होंने मुझसे कहा था, 'डैड ने शो बिजनेस के बारे में मुझे पहले ही आगाह कर दिया था। कुछ साल स्टारडम के साथ बिताने के बाद मैंने महसूस किया है कि हर चीज की एक कीमत चुकानी होती है। हर कोई उम्मीद करता है कि मैं उनके लिए समय निकालूंगा। कुछ इसलिए कि वे मुझे बचपन से जानते हैं…। कुछ इसलिए क्योंकि वे मेरे माता-पिता से परिचित हैं। कुछ निर्माता जानते हैं कि मेरे पास तारीखें नहीं हैं, लेकिन फिर भी वे मुझसे कमिटमेंट चाहते हैं। ये बातें परेशान कर देती हैं।'

ऐसी कई कहानियां हैं जब बच्चों के बड़े समूह उनसे मिलने को आतुर रहते और उनके बंगले के बाहर घंटों उनका इंतजार करते रहते। कुछ लोग उनका सेट पर इंतजार करते। इनमें सहकर्मी, दोस्त, फिल्म से जुड़े लोगों के रिश्तेदार शामिल होते। उन्होंने पत्रकारों से उनसे सेट पर नहीं मिलने की गुजारिश की थी, क्योंकि वे अपने दृश्यों पर ध्यान केंद्रित करना चाहते थे। लेकिन पत्रकार लंच ब्रेक, शॉट्स के बीच में या पैकअप के बाद उनसे बातचीत करने को तैयार मिलते। उन दिनों ऋतिक के लिए सबसे मुश्किल काम अपने माता-पिता और अपनी नई दुल्हन सुजैन के साथ अपने पारिवारिक समय को बैलेंस करना था।

एक दशक बीतते-बीतते ऋतिक को शो बिजनेस की जटिलताओं की आदत-सी हो गई। वह समझ गए हैं कि जीवन में कुछ भी संपूर्ण नहीं है और आपको बस इतना करना है कि आप जो कुछ भी करें, चाहे घर में या चाहे कार्य के दौरान, वह सर्वश्रेष्ठ करना है। उन्होंने कहा, 'जब मैं अपने डैड की सहायता कर रहा था, तब सोचता था कि जिस दिन मुझे फिल्मों में ब्रेक मिलेगा, मेरी तमाम समस्याएं खत्म हो जाएंगी। लेकिन सच तो यह था कि जिस दिन डैड ने मुझे लॉन्च किया, वह मेरे संघर्ष की शुरुआत थी। मैं जानता हूं कि मैं हर बार सफल नहीं हो सकता, लेकिन मुझे अपना सर्वश्रेष्ठ देना ही है।'

और यह एक ऐसी चीज है, जिसकी पुष्टि उनके साथ काम कर चुके सभी फिल्म निर्माता करेंगे। उनके पिता राकेश रोशन, जोया अख्तर और निर्देशक आशुतोष गोवारिकर सभी कहते हैं कि वे जिस भी फिल्म में काम करते हैं, फिल्म से जुड़े सभी लोगों के साथ उनके विशेष संबंध बन जाते हैं, यहां तक कि 'जोधा अकबर' में काम करने वाले हाथी के साथ भी। गोवारिकर ने बताया था कि फिल्म में काम करने के दौरान ऋतिक ने हमेशा एक ही परफ्यूम का इस्तेमाल किया था, ताकि जानवर को उसकी सुगंध याद रहे। परिणामस्वरूप जब उनकी हाथी के साथ शूटिंग हुई तो उनमें काफी अच्छा तालमेल था।

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