रसरंग में टॉकिंग पॉइंट:सफलता का नया फॉर्मूला : थ्री-डी फॉर्मेट और बहुभाषीय फिल्में

भावना सोमाया2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
'विक्रांत रोना' के एक दृश्य में जैकलीन और सुदीप। यह फिल्म 14 भाषाओं और 55 देशों में रिलीज होगी। - Dainik Bhaskar
'विक्रांत रोना' के एक दृश्य में जैकलीन और सुदीप। यह फिल्म 14 भाषाओं और 55 देशों में रिलीज होगी।

पूजा एंटरटेनमेंट की जासूसी थ्रिलर 'बेल बॉटम' को सिनेमाघरों में रिलीज करने के लिए उलटी गिनती शुरू हो गई है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि दर्शक सिनेमा हॉल में किसी न किसी बहाने आए ही, इसे थ्रीडी फॉर्मेट में भी रिलीज किया जा रहा है। आर्म चेयर पर 3डी चश्मा पहने अक्षय कुमार का एक प्रमोशनल वीडियो तो पहले ही वायरल हो गया है।

इधर सिद्धार्थ मल्होत्रा, जिन्होंने अपने करियर में चढ़ाव के बनिस्बत उतार ही अधिक देखे हैं, 'शेरशाह' में मिले एक और अवसर के लिए आभारी हैं। वे अपने फॉलोवर्स के साथ सतत संपर्क में रहते हैं। अपने प्रशंसको को यह बताने के लिए कि उन्हें उनकी परवाह है, सिद्धार्थ अक्सर अपनी तस्वीरों में उनके द्वारा दिए गए उपहारों के साथ नजर आते हैं। हाल ही में वे अपने प्रशंसकों द्वारा भेजी गई टी-शर्ट और कैप पहनकर शूटिंग के लिए पहुंचे थे।

असफलता वास्तव में सबसे बड़ी शिक्षिका है और कियारा आडवाणी इसकी जरूर तस्दीक करेंगी। उन्हें लगा होगा कि पहली फिल्म साइन करने के बाद सब चीजें आसान हो जाएंगी। लेकिन 2014 में फुगली के साथ ही उनके दिल के टूटने की शुरुआत हो गई थी। साल 2017 में 'धोनी' में उन्हें थोड़ा-बहुत नोटिस किया गया, लेकिन 'कबीर सिंह' और 'गुड न्यूज' ही वे फिल्में थी जहां से उनके करियर ने आगे बढ़ना शुरू किया। 'कलंक' और 'इंदु की जवानी' उनके लिए आपदा के समान थीं। फिर 2019 और 2020 आया। ये साल तो कमोबेश सभी के लिए खराब थे। 'लक्ष्मी' और 'भूल भुलैया 2' ने उन्हें एक हद तक सहारा दिया। अब वे 'शेरशाह' के लिए तैयार हैं, जो कई भाषाओं में बन रही है।

एक अभिनेता की यात्रा मेरी-गो-राउंड (गोल-गोल घूमने वाला झूला) की तरह आनंददायक और रोचक होती है। शुरुआत में वे बड़े बैनर का सपना देखते हैं, लेकिन कुछ साल बाद सार्थक भूमिकाओं की तलाश में लग जाते हैं। कियारा आडवाणी आज उस मुकाम पर खड़ी हैं, जहां कुछ साल पहले जैकलीन फर्नांडीज खड़ी थीं। वे सभी शीर्ष बैनर हासिल करने की होड़ कर रही थीं। जैकलीन ने सभी शीर्ष नायकों के साथ काम किया, लेकिन हमें क्या उनका एक भी किरदार याद है? जैकलीन अब नई फिल्म 'विक्रांत रोना' में आ रही हैं जो 3डी फॉर्मेट में 14 भाषाओं और 55 देशों में रिलीज होगी। वे जोर देकर कहती हैं कि यह उनका यादगार रोल होगा, ऐसा जो हमने इससे पहले कभी नहीं देखा होगा। क्या सच में?

इस बार स्वतंत्रता दिवस पर अजय देवगन की 'भुज: द प्राइड ऑफ इंडिया' डिज्नी और हॉटस्टार पर रिलीज हो रही है। असली नायकों की कहानी से प्रेरित यह फिल्म हमारे सैनिकों और नागरिकों को श्रद्धांजलि होगी। शरद केलकर, जिन्हें हमने पिछली बार 'लक्ष्मी' में एक ट्रांसजेंडर के रूप में देखा था, इस फिल्म में सेना के अधिकारी आरके नायर की भूमिका में हैं। इस फिल्म के कुछ दृश्य मांडवी हवाई अड्डे पर फिल्माए गए थे। वहां चार साल से बारिश नहीं हुई थी और इस बार भी किसी को बारिश की उम्मीद नहीं थी। हालांकि शूटिंग शुरू होते ही वहां इतनी बारिश हुई कि हर तरफ पानी-पानी हो गया। कुछ दिनों के बाद जब फिर से शूटिंग शुरू हुई तो कुछ ग्रामीण अजय देवगन से मिलने आए और उन्हें बारिश के लिए गुड लक लाने के वास्ते धन्यवाद दिया।

भुज पर हमेशा से प्राकृतिक आपदाओं का बुरा साया रहा है। यहां के ग्रामीणों का मानना ​​है कि जब भी कोई बाहरी व्यक्ति आता है तो साथ ही बारिश भी जरूर लाता है। कई साल पहले अभिषेक 'मुंबई से आया मेरा दोस्त' की शूटिंग कर रहे थे। उसी दौरान उनके पिता अमिताभ बच्चन ने इस क्षेत्र का दौरा किया था। जैसे ही वे वहां पहुंचे, बारिश शुरू हो गई। ग्रामीण खुश थे और फिल्म यूनिटवाले भी क्योंकि शूटिंग रुकने से सभी को सीनियर बच्चन के साथ समय बिताने का मौका मिल गया।

- भावना सोमाया, जानी-मानी फिल्म लेखिका, समीक्षक और इतिहासकार

खबरें और भी हैं...