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रसरंग में टॉकिंग पॉइंट:दूसरा आदमी : 44 साल के बाद भी प्रशंसित फ़िल्म

भावना सोमाया12 दिन पहले
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फिल्म 'दूसरा आदमी' के एक दृश्य म - Dainik Bhaskar
फिल्म 'दूसरा आदमी' के एक दृश्य म

आज से करीब 44 साल पहले 14 सितंबर 1977 को यशराज फिल्म्स की 'दूसरा आदमी' रिलीज हुई थी। हालांकि यह कोई सफल फिल्म नहीं थी, लेकिन आज भी समीक्षकों द्वारा प्रशंसित फिल्म बनी हुई है। इसकी वजह भी है। जहां नायक के जीवन में 'दूसरी महिला' पर तो अनगिनत फिल्में बनी हैं, लेकिन नायिका के जीवन में 'दूसरे पुरुष' का शायद ही कोई उदाहरण हो।

70 के दशक में रमेश तलवार ही एक युवा जोड़े और एक बड़ी उम्र की महिला की विवाहेत्तर कहानी को लेकर प्रस्तुत हुए थे। इस कहानी की चर्चा करें, उससे पहले थोड़ी चर्चा तलवार की। वे थिएटर में सक्रिय थे। एक दिन अचानक बीआर चोपड़ा उनका नाटक देखने पहुंच गए। उन्होंने तलवार को अपने बैनर में शामिल होने के लिए कहा। उन्हें नंदा और राजेश खन्ना अभिनीत 'इत्तफाक' के पांचवें सहायक के रूप में शामिल किया गया था। उस समय उनकी ड्यूटी केवल कलाकारों को सेट तक लाने और ले जाने की थी। हां, कभी-कभी नायिका के सैंडल और नायक के सिगरेट के पैकेट भी उठाने पड़ते थे। लेकिन तलवार को इससे कोई शिकायत नहीं थी। उन्होंने शूटिंग के माहौल और काम के दौरान चोपड़ा को करीब से देखने का आनंद उठाया।

एक साल बाद तलवार 'दाग' में बीआर चोपड़ा के छोटे भाई यश चोपड़ा के साथ थे। इस बार वे तीसरे सहायक थे और उनकी ड्यूटी इतनी ही थी कि जब तक निर्देशक शॉट को रेडी करे, तब तक कलाकारों के साथ बातचीत करना। राजेश खन्ना जो खुद भी थिएटर से आए थे, तलवार के साथ बातचीत का आनंद लेते थे। उधर फिल्म के आधे बनने तक पहले और दूसरे सहायक के बीच इतने मतभेद हो गए कि उन्हें बर्खास्त कर दिया गया। अब तलवार पहले सहायक के रूप में पदोन्नत हो गए। जल्द ही यश चोपड़ा ने उन्हें अपनी हर फिल्म में शामिल करना शुरू कर दिया।

एक बार 'कभी-कभी' के मुहूर्त पर ऋषि कपूर ने अच्छे मूड में यश चोपड़ा से कह दिया कि अगर उनके बैनर ने रमेश तलवार को निर्देशक के रूप में लॉन्च किया, तो वे उस फिल्म के लिए मुफ्त में काम करेंगे। बस फिर क्या था। यश चोपड़ा ने तलवार से कह दिया - निर्देशक के रूप में अपनी पारी शुरू करने की तैयारी कर लीजिए। फिल्म थी 'दूसरा आदमी'। लीड रोल में थे- ऋषि कपूर-नीतू सिंह। वृद्ध महिला की भूमिका में थी राखी।

'दूसरा आदमी' के बाद रमेश तलवार और यशराज फिल्म्स ने फिर कभी साथ काम नहीं किया। कई सालों के बाद जब तलवार ने दूसरा आदमी फिल्म को फिर से देखा तो उन्हें अपने गुरु की बातों पर भरोसा न करने का पछतावा हुआ लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी! कोई भी सफलता या रिश्ते हमेशा के लिए नहीं टिकते, लेकिन हम सभी के लिए इस कहानी में एक सबक भी छिपा है। आने वाले वर्षों में यशराज फिल्म्स ने असंख्य फिल्में बनाईं और रमेश तलवार ने भी बसेरा, सवाल, दुनिया, जमाना और साहिबां जैसी फिल्मों का निर्देशन किया। मैं सोचती हूं कि अगर तलवार आगे भी यशराज फिल्म्स से जुड़े रहे होते तो उनकी जिंदगी कैसी होती।

जब यश चोपड़ा की बात मानने से इनकार कर दिया

'दूसरा आदमी' की पहली स्क्रीनिंग विशेष रूप से यश चोपड़ा के लिए ही रखी गई थी। शो के बाद वे तलवार को डिनर के लिए ले गए। उनकी प्रशंसा की और सिर्फ एक बदलाव करने का सुझाव दिया, उस आखिरी सीन को डिलीट करने के लिए कहा, जहां राखी आईने में देखकर टूट जाती हैं। चोपड़ा का कहना था कि दर्शक डिप्रेसिंग क्लाइमैक्स को पसंद नहीं करेंगे, लेकिन तलवार ने इसे बदलने से बड़ी ही विनम्रता के साथ इनकार कर दिया। निर्माता होने के नाते चोपड़ा चाहते तो वे अपनी बात मनवा सकते थे, लेकिन इसके बजाय उन्होंने तलवार को फैसला लेने का मौका दिया। और जब फिल्म रिलीज़ हुई तो जैसा कि यश चोपड़ा ने भविष्यवाणी की थी, यह बॉक्स ऑफिस इतनी सफल नहीं हो पाई।

- भावना सोमाया, जानी-मानी फिल्म लेखिका, समीक्षक और इतिहासकार

फिल्म 'दूसरा आदमी' के एक दृश्य में राखी और ऋषि कपूर।

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