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रहस्यमयी है ये मंदिर, 7 दिन में तराश दिया गया था 2 लाख टन भारी पत्थर

रानी को न रहना पड़े महीनों भूखा, इसलिए राजा ने आर्किटेक्ट के सामने रखी थी ये शर्त।

DainikBhaskar.com | Last Modified - Apr 18, 2018, 11:23 AM IST

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    एलोरा.18 अप्रैल वर्ल्ड हैरिटेज डे है। इस मौके पर हम आपको महाराष्ट्र के एलोरा में बने अद्भुत कैलाश मंदिर के बारे में बता रहे हैं। इस मंदिर का निर्माण नहीं हुआ था, बल्कि इसे एक विशालकाय शिला को काटकर और तराशकर बनाया गया था। यही इस मंदिर की USP है।

    ऐसा है इस मंदिर का इतिहास

    - इस मंदिर को कब बनाया गया, इसका उल्लेख कहीं नहीं मिलता। मंदिर के पत्थरों की कार्बन डेटिंग उसे एक लाख साल पुराना बताती है।
    - एक्सपर्ट्स के मुताबिक इस मंदिर को 200 बीसी और 650 एडी के मध्य बनाया गया।
    - इस मंदिर को बनाने वाले शिल्पकारों ने एक विशालकाय शिला को ऊपर से तराशना शुरू किया था। आमतौर पर पत्थरों को सामने से तराशा जाता है, लेकिन इस मंदिर के लिए वर्टिकल (ऊपर से नीचे की तरफ) तराशा गया।

    एक हफ्ते में तैयार हुआ था कैलाश मंदिर

    - एलोरा के कैलाश मंदिर के साथ एक मराठी किंवदंती जुड़ी हुई है। उसके मुताबिक 15वीं सदी के राजा कृष्ण यज्नावल्कि एक गंभीर बीमारी से पीड़ित थे। उनकी महारानी ने उनके स्वास्थ्य के लिए गृहनेश्वर (भगवान शिव) के आगे प्रार्थना की थी। उन्होंने कसम खाई थी कि यदि उनके पति पूरी तरह स्वस्थ हो जाते हैं तो वो एक मंदिर का निर्माण करवाएंगी और तब तक भूखी रहेंगी जब तक उस मंदिर का शिखर नहीं देख लेतीं।
    - रानी के इस प्रण के बाद राजा के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हुआ था। उनके पूर्ण रूप से स्वस्थ्य होने पर रानी ने उन्हें मंदिर बनवाने के लिए कहा।
    - मंदिर के निर्माण के लिए कई वास्तुकार (आर्किटेक्ट) आए, लेकिन सभी ने निर्माण के लिए लंबा समय मांगा। जितने महीने कंस्ट्रक्शन चलता, उतने महीने रानी को भूखा रहना पड़ता, इस वजह से राजा को ऐसे आर्किटेक्ट की तलाश थी, जो सबसे कम समय में मंदिर बना दे।
    - एक कोकासा नाम के वास्तुकारा ने राजा को भरोसा दिलाया कि वो एक हफ्ते में मंदिर बना देंगे। राजा ने यह कार्य उन्हीं को सौंपा और उन्होंने अपने कहे मुताबिक 7 दिन में मंदिर तैयार कर दिया। उन्होंने एक शिला को ऊपर से नीचे तराशते हुए मंदिर तैयार किया था।

    50 मीटर गहरा है मंदिर

    - औरंगाबाद से 30 किमी दूर बना कैलाश मंदिर 50 मीटर गहरा है।
    - जानकारों के मुताबिक इस मंदिर को 2 लाख टन भारी शिला को तराशकर बनाया गया है।
    - किंवदंती के मुताबिक इसका निर्माण एक हफ्ते में हुआ था, लेकिन इतिहासकारों की मानें तो इस मंदिर को 700 मजदूरों ने लगभग 150 साल में तैयार किया होगा।
    - कैलाश मंदिर एलोरा की 34 गुफाओं में 16वें नंबर की गुफा माना जाता है।

    आगे की स्लाइड्स में देखें एलोरा के कैलाश मंदिर की तस्वीरें...

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