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यवतमाल में जमीन पर नहीं, पानी में लगेंगे सोलर पैनल

यवतमाल के बेम्बला डैम पर फ्लोटिंग सोलर परियोजना, मोर व टेंभु बांध का भी चयन

Danik Bhaskar | Nov 17, 2017, 07:29 AM IST

मुंबई. पश्चिम महाराष्ट्र के बाद अब राज्य का बिजली विभाग विदर्भ के यवतमाल में भी फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट लगाएगा। इसके लिए बेम्बला सिंचाई परियोजना का चयन किया गया है। इसके अलावा जलगांव के मोर बांध और सांगली के टेंभु में भी पानी पर तैरने वाली सौर ऊर्जा परियोजना शुरू की जाएगी। जबकि सोलापुर के उजनी बांध पर लगाई जाने वाली फ्लोटिंग सोलर परियोजना के लिए जल्द ही वैश्विक टेंडर जारी किया जाएगा।

ऊर्जा विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘दैनिक भास्कर’ को बताया कि उजनी के अलावा ऊर्जा विभाग ने फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट के लिए तीन और स्थानों का चयन किया है। उन्होंने बताया कि यवतमाल के बेम्बला डैम प्रोजेक्ट पर लगाई जाने वाली इस सौर ऊर्जा परियोजना से 24 मेगावाट बिजली मिल सकेगी। इसके अलावा मोर बांध और टेंभु सौर ऊर्जा परियोजना से 60-60 मेगावाट बिजली उपलब्ध हो सकेगी।

उजनी परियोजना को मंजूरी

पश्चिम महाराष्ट्र के सोलापुर स्थित उजनी बांध पर लगाई जाने वाली फ्लोटिंग सोलर परियोजना के लिए राज्य के जलसंसाधन विभाग से मंजूरी मिल गई है। यह राज्य की पहली फ्लोटिंग सौर ऊर्जा परियोजना होगी। इसके लिए जल्द ही वैश्विक टेंडर निकाला जाएगा। इससे करीब 1 हजार मेगावाट बिजली पैदा हो सकती है। एक निजी कंपनी ने 6300 करोड़ के निवेश से इस तरह का प्रोजेक्ट लगाने का प्रस्ताव राज्य सरकार के पास रखा है। लेकिन सरकार उस कंपनी को यह जिम्मेदारी देने की बजाय टेंडर मंगाएगी।

ये होगा फायदा

- पारम्परिक बिजली की अपेक्षा सौर ऊर्जा वाली बिजली सस्ती होती है। सरकार निजी क्षेत्र की भागीदारी से इन परियोजनाओं को पूरा करेगी और इससे पैदा होने वाली बिजली खरीद लेगी।
- वाष्पीकरण से जलाशय के काफी पानी का नुकसान होता है। फ्लोटिंग सोलर परियोजना से वाष्पीकरण से होने वाले पानी के नुकसान को भी रोका जा सकेगा। पैनल लगाने से पानी का वाष्पीकरण कम होगा।
फिलहाल देश में केरल में इस तरह की परियोजना लगाई गई है।