महाराष्ट्र / 30 साल पहले लिया 200 रुपए का उधार चुकाने औरंगाबाद पहुंचे केन्या के सांसद, दिए 19 हजार रुपए



रिचर्ड टोगी (बाएं), काशीनाथ के पिता(बीच में) और काशीनाथ(दाएं) रिचर्ड टोगी (बाएं), काशीनाथ के पिता(बीच में) और काशीनाथ(दाएं)
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रिचर्ड टोगी (बाएं), काशीनाथ के पिता(बीच में) और काशीनाथ(दाएं)रिचर्ड टोगी (बाएं), काशीनाथ के पिता(बीच में) और काशीनाथ(दाएं)

  • रिचर्ड काशीनाथ की दुकान से उधार पर सामान ले जाते थे और दोनों के बीच यह रिश्ता तकरीबन चार साल तक चला
  • रिचर्ड केन्‍या के मंत्रीमंडल के साथ भारत आए हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात भी की है

Dainik Bhaskar

Jul 12, 2019, 01:34 PM IST

औरंगाबाद. बुधवार को केन्या के सांसद रिचर्ड टोंगी अपनी 200 रुपये की उधारी चुकाने के लिए 30 साल बाद औरंगाबाद पहुंचे। औरंगाबाद में रहने के दौरान उन्होंने काशीनाथ गवली के परिवार से अपनी पढ़ाई के लिए 200 रुपए लिए थे। यहां पढ़ने के बाद वे वापस अपने देश लौट गए और वहां सांसद बने। इतने साल बीत जाने के बावजूद वे काशीनाथ परिवार से अपना रिश्ता नहीं भूले। 

 

चार साल तक दोनों के बीच चला ये रिश्ता 

साल 1985 को रिचर्ड टोंगी औरंगाबाद में मौलाना आजाद कॉलेज में मैनेजमेंट की पढाई करने आए थे। 1985 से 1989 तक वह औरंगाबाद में रहे। काशीनाथ गवली की किराना की दुकान कॉलेज के पास थी। वहां से रिचर्ड अपनी जरूरत का सामान खरीदता था। कई बार रिचर्ड के पास पैसे नहीं होते थे तो काशीनाथ गवली उसे उधार देते थे। ऐसे में दोनों के बीच विश्वास का रिश्ता बन गया। जब पैसे आते तो रिचर्ड काशीनाथ को दे देता था। जब पैसा नहीं होता था तो काशीनाथ की दुकान से उधार पर सामान ले जाते थे। यह रिश्ता तकरीबन चार साल तक चला।

 

कई बार भारत आने का प्रयास किया,  

यहां से पढ़ाई पूरी करने के बाद रिचर्ड केन्‍या वापस चले गए और वहां जाकर राजनीति में सक्रिय हो गए। कुछ साल बाद वे सांसद बने। रिचर्ड केन्या के न्यारीबरी चाचे निर्वाचन क्षेत्र से सांसद हैं। उन्होंने केन्‍या के विदेश मंत्रालय के उपाध्यक्ष का पदभार भी ग्रहण किया। रिचर्ड ने बताया कि इन तीस सालों के दौरान उन्होंने कई बार भारत आने का सोचा लेकिन काम और परिवार की व्यस्तता के कारण यह संभव नहीं हो सका। अबकि वे केन्‍या के मंत्रीमंडल के साथ भारत आए हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात भी की है। दिल्ली में अपना काम करने के बाद वह अपनी पत्नी मिशेल के साथ बुधवार को औरंगाबाद पहुंचे। 

 

200 की जगह 19 हजार रुपए दिए

30 साल में औरंगाबाद शहर काफी बदला गया था। काशीनाथ की दुकान भी वहां से शिफ्ट हो गई थी। आखिरकार उन्होंने किसी तरह से उनकी दुकान खोज निकाली और उन्हें 200 रुपये के बदले 19 हजार रुपये वापस किए। हालांकि, काशीनाथ पैसा नहीं ले रहे थे। लेकिन रिचर्ड ने कहा यह सिर्फ पैसे की बात नहीं है। बल्कि एक वादा है जो मैंने आपसे वापस करने का किया था।

 

रिचर्ड ने बताया कि जो चार साल उसने भारत में बिताए, उस दौरान यहां के लोगों ने उसे जो प्यार दिया है उसे वह कभी भी नहीं भुला सकता। इस देश से मानो उसका प्यार का रिश्ता है। वहीं रिचर्ड की पत्‍नी मिशेल टोंगी का कहना है कि रिचर्ड कई बार अपने भारत के दिनों को बताते थे। आज इन सभी लोगों से मिलने के बाद काफी अच्छा लगा। यहां के लोग बेहद अच्छे हैं।

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