--Advertisement--

क्लीनचिट के बाद ड्यूटी पर लौटे मोपलवार, इस वजह से दी कमेटी ने क्लीन चिट

महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (एमएसआरडीसी) के प्रबंध निदेशक का पद संभाल लिया है।

Danik Bhaskar | Dec 27, 2017, 07:59 AM IST

मुंबई. विवादों में रहे आईएएस अधिकारी राधेश्याम मोपलवार ने एक बार फिर महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (एमएसआरडीसी) के प्रबंध निदेशक का पद संभाल लिया है। घूस मांगने से जुड़ा एक ऑडियो लीक होने के बाद उन्हें जबरन छुट्टी पर भेज दिया गया था। मामले में सरकार ने एक जांच समिति बनाई थी। समिति ने अपनी रिपोर्ट में मोपलवार को क्लीनचिट दे दी।


- छुट्टी पर भेजे जाने से पहले मोपलवार मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की महत्वाकांक्षी परियोजना मुंबई-नागपुर समृद्धि महामार्ग की भी जिम्मेदारी संभाल रहे थे। लेकिन विपक्ष के हंगामे के चलते उन्हें हटा दिया गया था।

- बीते 3 अगस्त से छुट्टी पर चल रहे मोपलवार ने मंगलवार को कामकाज संभाल लिया। सामान्य प्रशासन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि ऑडियो सामने आने के बाद नागपुर से मुंबई को जोड़ने वाले प्रस्तावित समृद्धि महामार्ग के लेकर भी विवाद शुरू हो गया था।

- जांच समिति में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आरडी शिंदे, डीसीपी पराग मानेरे शामिल थे। इसकी अगुआई पूर्व मुख्य सचिव जानी जोसेफ कर रहे थे। कमेटी ने कुल 30 टेपों की जांच के साथ ही ऑडियो चलाने वाले चैनलों से भी मदद ली। पिछले सप्ताह मोपलवार को क्लीनचिट देते हुए रिपोर्ट सौंपी गई थी।

इसलिए दी कमेटी ने क्लीन चिट
- कमेटी द्वारा फोरेंसिक लैबोरेटरी में कराई गई जांच से साफ हुआ कि ऑडियो क्लिप से छेड़छाड़ की गई थी।

- रिकार्डिंग टुकड़ों में थी और सिर्फ छेड़छाड़ के बाद तैयार किया गया हिस्सा प्रसारित किया गया। मामले में मोपलवार के संलिप्तता के कोई सबूत नहीं है।