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महाराष्ट्र उपचुनाव: बीजेपी को जीत का भरोसा, कांग्रेस को बदलाव की उम्मीद

भंडारा-गोंदिया और पालघर लोस सीट है रिक्त

Danik Bhaskar | Mar 19, 2018, 05:05 AM IST

मुंबई. कुछ राज्यों में उपचुनाव के नतीजे पक्ष में नहीं होने के बावजूद भाजपा हताश नहीं है। उसे महाराष्ट्र के भंडारा-गोंदिया तथा पालघर लोकसभा सीटों पर होने वाले उपचुनावों में जीत का पूरा भरोसा है। हालांकि, विपक्षी दल कांग्रेस को लगता है कि हालिया नतीजे ‘बदलते राजनीतिक परिदृश्य’ के संकेत हैं।


दो लोस और एक विस सीट पर होने हैं उपचुनाव
भंडारा-गोंदिया सीट से भाजपा सांसद नाना पटोले के पिछले वर्ष इस्तीफा देकर कांग्रेस में चले जाने के कारण यहां उपचुनाव हो रहे हैं। वहीं पालघर से भाजपा सांसद चिंतामन वांगा की इस वर्ष जनवरी में मृत्यु होने के कारण यह सीट रिक्त हुई है। इसके अलावा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पतंगराव कदम के निधन के कारण सांगली की पलुस-काडेगांव विधानसभा सीट भी खाली है। इन सीटों पर उपचुनाव की तारीख की अभी घोषणा नहीं हुई है।

उपचुनावों में कांग्रेस को लगातार मिल रही कामयाबी
गौरतलब है कि, 2019 लोकसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश के गोरखपुर और फूलपुर तथा बिहार के अररिया लोकसभा सीटों पर हुए उपचुनावों में भाजपा को हार मिली है। पिछले महीने राजस्थान में हुए दो लोकसभा सीटों और एक विधानसभा सीट पर चुनाव में कांग्रेस ने बाजी मार ली है। इतना ही नहीं मध्यप्रदेश में दो विधानसभा क्षेत्रों में हुए उप चुनावों में भी कांग्रेस अपनी सीटें बचाने में कामयाब रही है।

भाजपा के खिलाफ गुस्सा : कांग्रेस
कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत के अनुसार, अलग- अलग राज्यों में मुद्दे भले ही अलग- अलग हों। लेकिन परिणाम दिखाते हैं कि जनता अपने फैसले पर एकमत है। भाजपा गरीब विरोधी है। वह बेरोजगारी से निपटने तथा गरीबों और किसानों से किए गए अपने वादों को पूरा करने में असफल रही है। कहा- भाजपा के खिलाफ लोगों में बहुत गुस्सा है। राज्य में होने वाले उपचुनावों का परिणाम भी उससे अलग नहीं होगा।

उपचुनाव में मिलेगी सफलता : भाजपा

वहीं दूसरी तरफ भाजपा प्रवक्ता माधव भंडारी का कहना है कि राजस्थान, मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश में हार के कारण अलग- अलग हैं। भंडारी ने कहा, कांग्रेस मध्यप्रदेश में अपनी दो विधानसभा सीटों को बचाने में कामयाब रही, लेकिन वहां जीत का अंतर कम रहा है। भंडारी ने यह स्वीकार किया कि राजस्थान में कांग्रेस ने उनसे तीन सीटें छीन लीं, जबकि उत्तर प्रदेश में पार्टी को झटका लगा है। भंडारी ने कहा, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने माना है कि हार का कारण अति-आत्मविश्वास और आत्मतुष्टि है।

महाराष्ट्र का हवाला देते हुए भंडारी ने कहा कि भंडारा-गोंदिया में जिला परिषद और पंचायत समितियों में भाजपा के अधिकतम सदस्य हैं। वहीं 2014 का चुनाव भाजपा की टिकट पर जीत कर कांग्रेस में जाने वाले पटोले के खिलाफ लोगों में गुस्सा भी है। भंडारी ने दावा किया कि पालघर में पार्टी के दिवंगत नेता चिंतामन वांगा की लोकप्रियता और साख भाजपा के पक्ष में जाएगी।