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भुजबल की जमानत अर्जी पर सुनवाई से इनकार, हाईकोर्ट के एक जस्टिज का फैसला

भुजबल ने जमानत अर्जी में कहा है कि उनकी इस मामले में कोई भूमिका नहीं है।

Danik Bhaskar | Mar 27, 2018, 01:50 AM IST

मुंबई. बॉम्बे हाईकोर्ट के एक न्यायमूर्ति ने महाराष्ट्र सदन घोटाले व मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों के तहत जेल में बंद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता व राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री छगन भुजबल के जमानत आवेदन पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। सोमवार को न्यायमूर्ति रेवती ढेरे के सामने भुजबल की जमानत अर्जी सुनवाई के लिए आई। लेकिन न्यायमूर्ति ढेरे ने सुनवाई से इनकार कर दिया। अब भुजबल की जमानत अर्जी पर अन्य न्यायाधीश के सामने सुनवाई होगी।

- जमानत अर्जी में भुजबल ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने प्रिवेंशन आॅफ मनी लॉन्ड्रिंग कानून की धारा 45 को असंवैधानिक ठहरा दिया है। इसलिए वे जमानत के हकदार हैं। उनका स्वास्थ ठीक नहीं है। इसलिए उन्हें जमानत प्रदान की जाए। भुजबल ने जमानत अर्जी में कहा है कि उनकी इस मामले में कोई भूमिका नहीं है।

- प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भुजबल को 14 मार्च 2016 को गिरफ्तार किया था। तब से भुजबल जेल में है। इससे पहले भुजबल ने पीएमएलए कोर्ट में जमानत के लिए आवेदन दायर किया था लेकिन कोर्ट ने उनकी जमानत अर्जी को खारिज कर दिया था। इसलिए अब भुजबल ने हाईकोर्ट में जमानत आवेदन दायर किया है।