Hindi News »Maharashtra »Mumbai» Budget Impact On Stock Market

बजट बाद महीने भर में शेयर 5% गिरे, प्रॉपर्टी की बिक्री 20% बढ़ी

भारत में भी बजट में कैपिटल गेन टैक्स लगने का थोड़ा असर गिरावट में रहा है।

धर्मेन्द्र सिंह भदौरिया | Last Modified - Mar 04, 2018, 02:41 AM IST

  • बजट बाद महीने भर में शेयर 5% गिरे, प्रॉपर्टी की बिक्री 20% बढ़ी
    +1और स्लाइड देखें
    बजट पेश होने के एक माह बाद रिटर्न के मामले में आम निवेशकों को निराश होना पड़ा है। - फाइल

    मुंबई. बजट पेश होने के एक माह बाद रिटर्न के मामले में आम निवेशकों को निराश होना पड़ा है। खासतौर पर शेयर बाजार, म्युचुअल फंड में निवेश करने वालों को। इस दौरान शेयर बाजार में करीब पांच फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। इसके अतिरिक्त जहां सोना लगभग फ्लैट रहा वहीं दूसरी ओर रियल एस्टेट में बिक्री बढ़ी है।

    क्रेडाई के नेशनल प्रेसीडेंट जक्षय शाह के अनुसार रियल एस्टेट में जहां देश के सात प्रमुख बड़े शहरों में दिसंबर 2017 की तुलना में जनवरी 2018 में बिक्री 250 यूनिट से बढ़कर 500 यूनिट पर पहुंच गई। वहीं फरवरी माह के दौरान बिक्री जनवरी माह से 20 फीसदी अधिक हुई है।


    बैंकों के द्वारा लोन ब्याज दरों में बढ़ोत्तरी का रियल एस्टेट पर प्रभाव पड़ सकता है। हालांकि बाजार विश्लेषकों के अनुसार उतार-चढ़ाव होने के बावजूद मार्च माह के दौरान शेयर बाजार के बेहतर होनेे की उम्मीद है। फरवरी माह के दौरान म्युचुअल फंड्स में भी निवेशकों को निगेटिव रिटर्न मिला है।

    रिसर्च फर्म्स के अनुसार लार्ज कैप इक्विटी म्युचुअल फंड्स ने एक फरवरी से एक मार्च 2018 तक 4.8 फीसदी का निगेटिव रिटर्न दिया है। रियल एस्टेट कंसल्टेंट फर्म एनारॉक के चेयरमैन अनुज पुरी ने बताया कि फरवरी माह के दौरान बिक्री बढ़ी है। नवंबर-दिसंबर 2017 की तुलना में जनवरी-फरवरी 2018 माह के दौरान बिक्री दो गुना हुई है। बल्कि मुंबई और बेंगलुरु में नए प्रोजेक्ट लाॅन्च भी हुए हैं।


    पुरी ने बताया कि दिसंबर 2018 तक बिक्री में बढ़ोतरी बनी रहने की उम्मीद है। अर्थव्यवस्था बेहतर कर रही है। बिल्डर को समझ आ गया है कि प्रीमीयम और लग्जरी श्रेणी के रियल एस्टेट क्षेत्र सरकार की प्राथमिकता नहीं रहे हैं बल्कि अफोर्डेबल हाउसिंग है। इसलिए बिल्डर्स ने भी जरूरत और मांग के अनुरूप बड़े और छोटे शहरों में अफोर्डेबल हाउसिंग प्रोजेक्ट ही किए। फ्लैट्स या घरों का साइज भी 900 वर्ग फुट से घटाकर 400-500 वर्ग फुट कर दिया गया। कैपिटल गैन टैक्स इक्विटी और फंड पर लगने का फायदा रियल एस्टेट में अभी देखने को नहीं मिला है, शायद यह असर एक अप्रैल से दिखे। वहीं दूसरी ओर बैंकों के द्वारा ब्याज दर बढ़ोत्तरी का नकारात्मक असर इस क्षेत्र पर पड़ेगा।


    क्रेडाई के नेशनल प्रेसीडेंट जक्षय शाह ने बताया कि दिसंबर 2017 की तुलना में जनवरी 2018 के दौरान देश के सात महानगरों (मुंबई, दिल्ली-एनसीआर, कोलकाता, चैन्नई, हैदराबाद, बेंगलुरु और अहमदाबाद) में बिक्री 100 फीसदी अधिक हुई है। इस दौरान 250 यूनिट के बजाए 500 यूनिट की बिक्री हुई। नोटबंदी, रेरा और जीएसटी के असर को बाजार ने पीछे छोड़ दिया है। अभी फरवरी के आंकड़े आ रहे हैं फिर भी अंतरिम रूप से जो जानकारी है उसके मुताबिक बाजार ने फरवरी की तुलना में 20 फीसदी अधिक बिक्री दर्ज की है। कैपिटल गेन टैक्स का हमें फायदा हुआ है।

    हाल ही में बैंक की दरें बढ़ाने के संबंध में उन्होंने कहा कि इसका बहुत मामूली फर्क पड़ेगा, हम अगर ईएमआई में देखेंगे तो बहुत ही कम बढ़ी हुई दिखेगी। अभी रियल एस्टेट में स्थिति यह है कि नए लाॅन्च कम हो रहे हैं और स्टॉक अधिक है। ऐसी स्थिति दो वर्ष और रहेगी, डिमांड बढ़ रही है। प्रॉपर्टी की कीमतें भी निचले स्तर पर हैं। एक अप्रैल से नए सर्किल रेट आ जाएंगे इसलिए मार्च महीने में भी प्रॉपर्टी की बिक्री अधिक होगी। प्रॉपर्टी के रेट भी जल्द ही बढ़ेंगे क्योंकि मटेरियल के भाव बढ़ रहे हैं, स्टील की कीमतें बढ़ गई हैं, कंप्लायंस कॉस्ट बढ़ रही है। हालांकि अभी प्रॉपर्टी के रेट करीब-करीब स्थिर रहे हैं, वर्तमान में प्रॉपर्टी की इन्क्वायरी बढ़ी है और कन्वर्जन दो गुना हुआ है।


    देश के सबसे बड़े ज्वैलर्स राजेश एक्सपोर्ट्स के चेयरमैन राजेश मेहता ने बताया कि भाव तो थोड़ा गिरा है लेकिन स्थिर बना हुआ है, अगले एक-दो महीना सोने की कीमतों में इसी प्रकार स्थिरता रहेगी या मामूली बढ़त या गिरावट रह सकती हैं। अभी शादी सीजन शुरू होगा जिसके कारण डिमांड बेहतर रह सकती है। वर्तमान में करीब 70 से 80 टन की प्रति माह सोने की डिमांड बनी हुई है, अगले महीनों में पांच फीसदी डिमांड बढ़ सकती है। बजट में चूंकि गोल्ड सेक्टर के लिए सरकार ने कुछ विशेष घोषणाएं नहीं की थी इसलिए बजट का कोई असर भी नहीं है।

    वित्तीय सलाहकार हर्ष रूंगटा ने बताया कि इक्विटी मार्केट फरवरी के दौरान भले ही पांच फीसदी घट गया है लेकिन जनवरी में इससे अधिक बढ़ा था। फरवरी में जो गिरावट आई उसमें कई वैश्विक कारण रहे जैसे फेड रेट का बढ़ना और विश्वभर के बाजारों में गिरावट का रुख रहा था। भारत में भी बजट में कैपिटल गेन टैक्स लगने का थोड़ा असर गिरावट में रहा है।

    वहीं निवेश सलाहकार फर्म टिकरप्लांट में स्वतंत्र निदेशक और सीए कुरुपेश भंसाली ने कहा कि शेयर बाजार में गिरावट फरवरी के दौरान पूरे विश्व के बाजारों में आई है। म्युचुअल फंड में लगातार निवेश आ रहा है, हलांकि इस दौरान मामूली गिरावट इसमें भी दर्ज की गई है। गिरावट के पीछे मुख्यकारण यह रहा कि बाजार पहले से ही बहुत ऊंचे स्तर पर था और लगातार बढ़ रहा था इसलिए करेक्शन आना भी तय था क्योंकि जब बाजार बढ़ने का कोई कारण नहीं था तो गिरावट में भी बहुत खास कारण नहीं था, करेक्शन ही मुख्य कारण था। मार्च माह के दौरान बाजार के बेहतर करने की उम्मीद है लेकिन वर्ष 2018 उतार-चढ़ाव वाला रहेगा।

    रिटर्न की स्थिति
    वर्ग1 फरवरी1 मार्चअंतर
    बीएसई सेंसेक्स35,90734,047-5%
    सोना प्रति 1 ग्राम3,1353,1530.57%
    म्युचुअल फंड (लार्जकैप इक्विटी)-----4.8%
    रियल एस्टेटभाव स्थिर--20% बिक्री
    नोट : 24 कैरेट सोने की कीमत रु. में, जीजेएफ मुंबई के अनुसार। रियल एस्टेट में 7 प्रमुख शहरों के आंकड़े, रियल एस्टेट के भाव शहर-लोकेशन के अनुसार अलग हो सकते हैं।
  • बजट बाद महीने भर में शेयर 5% गिरे, प्रॉपर्टी की बिक्री 20% बढ़ी
    +1और स्लाइड देखें
    खासतौर पर शेयर बाजार, म्युचुअल फंड में निवेश करने वालों को। इस दौरान शेयर बाजार में करीब पांच फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। - फाइल
Topics:
आगे की स्लाइड्स देखने के लिए क्लिक करें
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Mumbai News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: Budget Impact On Stock Market
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

More From Mumbai

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×