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विस में विदर्भ, मराठवाड़ा कृषि संकट पर बहस शुरू

दो दिन से हंगामा कर विधान परिषद की कार्यवाही को ठप रखने में सफल विपक्ष के खिलाफ बुधवार को सरकार आक्रामक दिखी।

Dainik Bhaskar

Dec 14, 2017, 07:33 AM IST
Debate on Marathwada Agriculture Crisis, mumbai, nagpur

नागपुर। लगातार दो दिन से हंगामा कर विधान परिषद की कार्यवाही को ठप रखने में सफल विपक्ष के खिलाफ बुधवार को सरकार आक्रामक दिखी। विपक्ष के साथ सत्तापक्ष भी वेल में आ डटा। विपक्ष ने कार्यवाही शुरू होते ही कर्जमाफी व कृषि संकट पर नियम 289 के अनुसार स्थगन प्रस्ताव के तहत चर्चा की मांग को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। वहीं उपसभापति माणिकराव ठाकरे द्वारा विपक्षी सदस्यों को इस मुद्दे पर बोलने का मौका दिए जाने से सत्तापक्ष भी भड़क गया। इसे नियमों का उल्लंघन बताते हुए भाजपा-शिवसेना के विधायक वेल में पहुंच गए।

- विपक्ष के खिलाफ नारेबाजी की गई। इस पर विपक्ष ने भी वेल में पहुंचकर नारेबाजी की और दस्तावेज फाड़कर हवा में उड़ाए। विधान परिषद के नेता व राजस्व मंत्री चंद्रकांत पाटील और संसदीय कार्यमंत्री गिरीश बापट ने विपक्ष पर सदन की कार्यवाही नहीं चलने देने का आरोप लगाया।

- कहा कि इस प्रस्ताव को पहले ही खारिज किया जा चुका है। इस बीच पहले दो बार आधा-आधा घंटे और फिर एक बार 20 मिनट के लिए कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। कामकाज दोबारा शुरू होने पर भी हंगामा थमता न देख उपसभापति ने कार्यवाही गुरुवार तक कि लिए स्थगित कर दी।


हल्ला बोल मोर्चा से मिली नई ऊर्जा
कांग्रेस, राकांपा, शेकाप सहित संपूर्ण विपक्ष पहले दिन से सरकार के खिलाफ आक्रामक है। कर्जमाफी, फसल संकट को वे बड़ा मुद्दा बनाकर सरकार को घेरने की कोशिश में है। मंगलवार को हल्लाबोल मोर्चे में जुटे हजारों कार्यकर्ताओं से उन्हें नई ऊर्जा मिली है।


ऑन लाइन प्रक्रिया फायदेमंद: बोंडे
विदर्भ व मराठवाड़ा में कृषि संकट के मामले पर बुधवार को विधानसभा में बहस आरंभ हो गई है। शुरुआत सत्तापक्ष की ओर से की गई। नियम 293 के तहत कृषि संकट मामले पर चर्चा का प्रस्ताव डॉ.अनिल बोंडे ने रखा। कहा कि 3 वर्ष में राज्य में कृषि सुधार के कामों से किसानों में उम्मीद जगी है। उन्होंने ऑन लाइन कर्जमाफी आवेदन प्रक्रिया को फायदेमंद बताया। इसके लाभ भी गिनाए। गोसीखुर्द समेत अन्य सिंचाई परियोजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि विदर्भ व मराठवाड़ा को न्याय मिलते देख किसी का पेट नहीं दुखना चाहिए।


गड़चिरोली, मेलघाट में तो इंटरनेट ही नहीं: विपक्ष
वही कांग्रेस के उपनेता विजय वडेट्टीवार ने कहा कि कर्जमाफी के लिए ऑन लाइन प्रक्रिया ने किस तरह किसानों की परेशानी बढ़ाई, यह जानना हो तो गड़चिरोली, कोरची, मेलघाट, चिखलदरा के किसानों की स्थिति देखनी होगी। यहां आज भी कई स्थानों पर इंटरनेट नहीं पहुंच पाया है। बुधवार देर रात तक कृषि संकट के मामले पर चर्चा चलती रही।


कर्जमाफी के लिए 2 हजार 415 करोड़ मंजूर
ब्यूरो, मुंबई. नागपुर में विपक्ष के आंदोलन के बाद प्रदेश सरकार ने किसानों की कर्जमाफी में तेजी दिखाते हुए 2 हजार 415 करोड़ रुपए मंजूर किए है। इस राशि का इस्तेमाल किसानों की कर्जमाफी के लिए किया जाएगा। बुधवार को प्रदेश सरकार के सहकारिता विभाग की तरफ से इस संबंध में शासनादेश जारी किया गया। इससे पहले सरकार ने 12 हजार 585 करोड़ रुपए कर्जमाफी के लिए स्वीकृत किए थे।

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