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उंगुलियों को ही बना लिया ब्रश, चावल के बराबर आकार में उकेर दिया कश्मीर की खूबसूरती

सोपान ने नौकरी ढूंढने के दौरान शौक पूरा करने पेंटिंग भी शुरू की थी।

Danik Bhaskar | Dec 31, 2017, 03:53 AM IST
कश्मीर का सौंदर्य कश्मीर का सौंदर्य

सूरत. महाराष्ट्र के निम गांव के रहने वाले सोपान वासुदेव खडागरे आठ साल पहले परिवार के साथ सूरत आए थे नौकरी ढूंढने। 10वीं तक की पढ़ाई के बाद टेक्सटाइल डिजाइनिंग का कोर्स किया था। यहां उनको नौकरी मिल गई तो अपना शौक पूरा करने के लिए पेंटिंग भी शुरू की। लेकिन, यह पेंटिंग कुछ अलग थी। कैनवास पर ब्रश नहीं, सोपान की अंगुलियां चल रही थीं। सारी कल्पनाएं अंगुली से ही साकार हो रही थीं। भारत बुक आॅफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज

- धीरे-धीरे सोपान इस काम में इतने पारंगत हो गए कि केवल चावल के दाने के बराबार आकार में उन्होंने कश्मीर का सौंदर्य उकेर दिया, वो भी मात्र 40 सेकंड में।

- मिनिएचर पेंटिंग का यह स्वरूप पुणे की राजा रवि वर्मा प्रदर्शनी में इतना सराहा गया कि भारत बुक आॅफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में इसे दर्ज किया गया।

- अभी वे पत्नी और दो बच्चों के साथ उधना की आशा नगर सोसाइटी में किराए के मकान में रह रहे हैं।

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