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गुड़ी पड़वा पर ढोल की थाप पर हुआ समारोह, मराठी महिलाओं ने निकाली बाइक रैली

मुंबई में उत्साही युवाओं ने ढोल और नगाड़ों की थाप पर डांस और रैली निकाली गई।

Dainik Bhaskar

Mar 19, 2018, 06:36 AM IST
पारंपरिक मराठी परिधान और पेशवा पगड़ी में महिलाओं ने बुलट पर रैली निकाली। पारंपरिक मराठी परिधान और पेशवा पगड़ी में महिलाओं ने बुलट पर रैली निकाली। पारंपरिक मराठी परिधान और पेशवा पगड़ी में महिलाओं ने बुलट पर रैली निकाली। पारंपरिक मराठी परिधान और पेशवा पगड़ी में महिलाओं ने बुलट पर रैली निकाली।

मुंबई. हिंदू नए साल के संवत्सरी 2075 के साथ आयोजित गुड़ी पड़वा प्रोग्राम के मौके पर मुंबई में उत्साही युवाओं ने ढोल और नगाड़ों की थाप पर डांस और रैली निकाली गई। इसी मौके पर पारंपरिक मराठी परिधान तथा पेशवा पगड़ी में महिलाओं ने बुलट पर रैली निकाली। यह बुलट रैली महानगर में जहां से भी निकली देखने के लिए राहगीर रुक गए। 18 हजार वर्ग फीट में रंगोली बनाई थी...


- इससे पहले शनिवार को हिंदू नववर्ष का स्वागत करने के लिए महाराष्ट्र के 70 कलाकारों ने लगातार 9 घंटे काम कर 18 हजार वर्ग फीट में रंगोली बनाई थी।
- इसमें 900 किलो रंग का इस्तेमाल किया गया है। इसमें कैलिग्राफी का इस्तेमाल कर रंगोली के बीच में शांति का संदेश लिखा गया था।
- यह आयोजन थाने जिले के गांवदेवी मैदान में हुआ था। गुड़ी पड़वा हर साल चैत्र नवरात्रि के शुरू होने के पहले दिन मनाया जाता। इस दिन शुभ मुहूर्त पर कोई भी शुभ कार्य किया जा सकता।

क्यों मनाया जाता है गुड़ी पड़वा

- गुड़ी पड़वा का त्योहार महाराष्ट्र में हिन्दू नववर्ष या नव-सवंत्सर के आरंभ की ख़ुशी में मनाया जाता है।

- पंचांग के मुताबिक, चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से नए साल की शुरुआत होती है। इसी दिन यह त्योहार मनाने का कल्चर है।

- इस बार गुड़ी पड़वा का त्यौहार 18 मार्च को चैत्र मास की शुक्‍ल प्रतिपदा को मनाया गया। 18 मार्च से ही चैत्र नवरात्रि और हिंदू नव वर्ष की भी शुरुआत हुई ।

ह बुलट रैली महानगर में जहां से भी निकली देखने के लिए राहगीर रुक गए। ह बुलट रैली महानगर में जहां से भी निकली देखने के लिए राहगीर रुक गए।
ढोल की थाप पर नए साल का जश्न मनाती महिलाएं। ढोल की थाप पर नए साल का जश्न मनाती महिलाएं।
युवाओं ने ढोल और नगाड़ों की थाप पर डांस और रैली निकाल मनाया उत्सव। युवाओं ने ढोल और नगाड़ों की थाप पर डांस और रैली निकाल मनाया उत्सव।
मराठी परिधान में लोगों ने रैली निकाली। मराठी परिधान में लोगों ने रैली निकाली।
उत्सव के दौरान पकवान खाते हुए। उत्सव के दौरान पकवान खाते हुए।
गुड़ी पड़वा का त्योहार महाराष्ट्र में हिन्दू नववर्ष या नव-सवंत्सर के आरंभ की ख़ुशी में मनाया जाता है। गुड़ी पड़वा का त्योहार महाराष्ट्र में हिन्दू नववर्ष या नव-सवंत्सर के आरंभ की ख़ुशी में मनाया जाता है।
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पारंपरिक मराठी परिधान और पेशवा पगड़ी में महिलाओं ने बुलट पर रैली निकाली। पारंपरिक मराठी परिधान और पेशवा पगड़ी में महिलाओं ने बुलट पर रैली निकाली।पारंपरिक मराठी परिधान और पेशवा पगड़ी में महिलाओं ने बुलट पर रैली निकाली। पारंपरिक मराठी परिधान और पेशवा पगड़ी में महिलाओं ने बुलट पर रैली निकाली।
ह बुलट रैली महानगर में जहां से भी निकली देखने के लिए राहगीर रुक गए।ह बुलट रैली महानगर में जहां से भी निकली देखने के लिए राहगीर रुक गए।
ढोल की थाप पर नए साल का जश्न मनाती महिलाएं।ढोल की थाप पर नए साल का जश्न मनाती महिलाएं।
युवाओं ने ढोल और नगाड़ों की थाप पर डांस और रैली निकाल मनाया उत्सव।युवाओं ने ढोल और नगाड़ों की थाप पर डांस और रैली निकाल मनाया उत्सव।
मराठी परिधान में लोगों ने रैली निकाली।मराठी परिधान में लोगों ने रैली निकाली।
उत्सव के दौरान पकवान खाते हुए।उत्सव के दौरान पकवान खाते हुए।
गुड़ी पड़वा का त्योहार महाराष्ट्र में हिन्दू नववर्ष या नव-सवंत्सर के आरंभ की ख़ुशी में मनाया जाता है।गुड़ी पड़वा का त्योहार महाराष्ट्र में हिन्दू नववर्ष या नव-सवंत्सर के आरंभ की ख़ुशी में मनाया जाता है।
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