--Advertisement--

हाईकोर्ट ने कहा- पति को पानी के लिए नहीं पूछना क्रूरता नहीं

तलाक की अर्जी में आरोप था कि पत्नी उसकी जरूरतों का ख्याल नहीं रखती। जब वह रात को काम से लौटता है तो पानी तक नहीं पूछती।

Danik Bhaskar | Mar 04, 2018, 05:39 AM IST

मुंबई. बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक फैसले में कहा है कि पति की जरूरतों का ख्याल नहीं रखना या काम से लौटे पति को पानी के लिए नहीं पूछना क्रूरता नहीं है। सांताक्रूज निवासी 52 साल के एक बैंककर्मी की तलाक की अर्जी खारिज करते हुए कोर्ट ने हाल ही में यह टिप्पणी की। क्रूरता के आधार पर वह अपनी 40 वर्षीय टीचर पत्नी से तलाक चाहता था।

अर्जी में क्या कहा गया था?

- तलाक की अर्जी में आरोप था कि पत्नी उसकी जरूरतों का ख्याल नहीं रखती। जब वह रात को काम से लौटता है तो पानी तक नहीं पूछती।

- दंपति की शादी 2005 में हुई थी। पति का दावा था कि पत्नी देरी से घर आती है और माता-पिता के साथ झगड़ा भी करती है।