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महाराष्ट्र और एमपी में बुजुर्गों के खिलाफ सबसे अधिक अपराध

तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में बुजुर्गों के खिलाफ अपराध के सर्वाधिक मामले दर्ज किए गए।

Danik Bhaskar | Mar 19, 2018, 04:51 AM IST

नई दिल्ली. महाराष्ट्र व मध्य प्रदेश में बुजुर्गों के खिलाफ अपराध का ग्राफ बढ़ रहा है। देश में वर्ष 2014 से 2016 के बीच वरिष्ठ नागरिकों के खिलाफ हुए कुल अपराधों में से 40 फीसदी महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में हुए। दोनों राज्यों की तुलना करें तो महाराष्ट्र में ही ऐसे सर्वाधिक अपराध दर्ज हुए हैं। गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने मंत्रालय की ‘भारत में अपराध’ नाम की रिपोर्ट में दिए गए आंकड़ों के हवाले से यह जानकारी दी है।

- आंकड़ों के मुताबिक, 2014 में अकेले महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में ऐसे 7,419 अपराध दर्ज किए गए, जो उस साल देश में दर्ज कुल 18,714 मामलों का 39.64 प्रतिशत है। वर्ष 2015 में, पूरे देश में वरिष्ठ नागरिकों के खिलाफ हुए अपराध के कुल 20,532 मामलों में से 39.04 फीसदी भौगोलिक रूप से बड़े दो बड़े राज्यों में दर्ज किए गए। यह आंकड़ा वर्ष 2016 में और बढ़ गया। 2016 में देश में दर्ज कुल 21,410 मामलों में से 40.03 प्रतिशत महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में ही दर्ज किए गए।
- इसमें बताया गया है कि 2016 में दोनों राज्यों में वरिष्ठ नागरिकों के खिलाफ कुल 8,571 अपराध के मामले दर्ज किए गए जो 2015 में दर्ज 8,017 मामलों से 500 अधिक है।

दिल्ली शीर्ष सात राज्यों में शामिल
- गृह मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, ऐसे अपराधों के मामले में राष्ट्रीय राजधानी शीर्ष सात राज्यों में शामिल है। हालांकि वर्ष 2016 में यहां ऐसे मामलों में गिरावट दर्ज की गई। दिल्ली में 2014 में वरिष्ठ नागरिकों के खिलाफ हुए अपराध के 1021, 2015 में 1248 और 2016 में 685 मामले दर्ज किए गए।

जम्मू कश्मीर में ऐसा कोई मामला नहीं
- जम्मू कश्मीर में 2014 और 2016 के बीच वरिष्ठ नागरिकों के खिलाफ अपराध का कोई मामला दर्ज नहीं किया गया। इन तीन वर्ष में उत्तराखंड और असम, अरुणाचल प्रदेश तथा नगालैंड जैसे उत्तर पूर्वी राज्यों में ऐसे मामलों की संख्या 10 से भी कम रही।

हकीकत बताते आंकड़े

इस सूची में महाराष्ट्र शीर्ष पर है। वर्ष 2014, 2015 और 2016 में यहां बुजुर्गों के खिलाफ अपराध के क्रमश: 3,981, 4,561 और 4,694 मामले दर्ज किए गए। महाराष्ट्र के बाद मध्य प्रदेश का नंबर आता है। वर्ष 2014, 2015 और 2016 में यहां क्रमश: 3,438, 3,456 और 3,877 मामले दर्ज किए गए। मध्य प्रदेश के बाद तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में बुजुर्गों के खिलाफ अपराध के सर्वाधिक मामले दर्ज किए गए।