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भीमा-कोरेगांव हिंसा: फडणवीस ने विप में की घोषणा, दर्ज मामले वापस लेगी सरकार

हिंसा के दौरान राज्य भर में 622 मामले दर्ज किए गए थे।

Bhaskar News | Last Modified - Mar 14, 2018, 04:52 AM IST

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    मुंबई. पुणे के भीमा-कोरेगांव हिंसा प्रकरण में दर्ज किए गए मामलों को प्रदेश सरकार वापस लेगी। विधान परिषद में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने यह घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हिंसा के दौरान दर्ज किए गए मामले वापस लेगी लेकिन इस दौरान दर्ज हुए गंभीर मामलों को लेकर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी-कानून-व्यवस्था) की अध्यक्षता में समिति बनाई जाएगी। यह समिति तीन महीने में मंत्रिमंडल की उपसमिति को रिपोर्ट सौंपेगी।

    इसके बाद गंभीर मामलों को वापस लेने के बारे में फैसला लिया जाएगा। विधान परिषद में मंगलवार को भीमा-कोरेगांव हिंसा पर नियम 97 के तहत हुई चर्चा के जवाब में मुख्यमंत्री ने यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने बताया कि हिंसा के दौरान राज्य भर में 622 मामले दर्ज किए गए थे। इसके अलावा 350 लोगों के खिलाफ गंभीर मामले और 17 के खिलाफ एट्रोसिटी के मामले दर्ज हैं।


    इसके आधार पर 1199 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। जबकि 2254 लोगों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई। इसमें से 22 लोगों के अलावा सभी को जमानत मिल चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिंसा प्रकरण में हिंदू एकता अघाड़ी के अध्यक्ष मिलिंद एकबोटे के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। उन्हें सुप्रीम कोर्ट ने सशर्त जमानत दी है। अदालत ने पुलिस को उनसे पूछताछ के लिए अनुमति दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुणे में एकबोटे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस ली थी। उस समय उनके विवादित बयान के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई। इस बारे में जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।


    हिंसा में 13 करोड़ का नुकसान
    मुख्यमंत्री ने कहा कि हिंसा के दौरान कुछ हिस्ट्रीशीटर ने बहती गंगा में हाथ धोने की कोशिश की है। सरकार ऐसे लोगों के खिलाफ दर्ज मामले वापस नहीं लेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिंसा प्रकरण में लगभग 13 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। हिंसा में हुए नुकसान की भरपाई राज्य सरकार की तरफ से की जाएगी।

    भिडे गुरुजी पर चुप्पी
    - सदन में हुई चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री शिव प्रतिष्ठान के संभाजी भिडे गुरुजी के बारे में बोलने से बचते रहे।

    - विपक्ष के नेता धनंजय मुंडे ने भिडे गुरुजी को गिरफ्तार न किए जाने को लेकर सवाल पूछा। जवाब में मुख्यमंत्री ने भिडे गुरुजी का नाम लिए बिना कहा कि सरकार किसी भी दोषी को नहीं छोड़ेगी।

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