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साहित्यकार डॉ. गंगाधर पानतावणे का निधन

डाॅ. पानतावणे को अस्मितादर्श अभियान का जनक भी कहा जाता है।

Bhaskar News | Last Modified - Mar 28, 2018, 04:26 AM IST

साहित्यकार डॉ. गंगाधर पानतावणे का निधन

औरंगाबाद/नागपुर. पहले मराठी विश्व साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष व वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. गंगाधर पानतावणे का मंगलवार की सुबह लंबी बीमारी के बाद औरंगाबाद के निजी अस्पताल में निधन हो गया। वे 81 वर्ष के थे। वे कुछ दिनों से बीमार थे। शाम 6 बजे दावणी परिसर स्थित श्मशानभूमि में उनका अंतिम संस्कार किया गया। डाॅ. पानतावणे को अस्मितादर्श अभियान का जनक भी कहा जाता है।

- भारत सरकार ने 2018 में उन्हें पद्मश्री अलंकरण घोषित किया, लेकिन बीमारी के कारण वे गत 20 मार्च को राष्ट्रपति भवन में हुए पुरस्कार वितरण समारोह में शामिल नहीं हो पाए। डॉ. बाबासाहब आंबेडकर मराठवाड़ा विद्यापीठ के मराठी विभाग के प्रमुख रहते हुए उन्होंने साहित्य क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य किए।

- मूल्यवेध, धम्मचर्या, मूकनायक, िवद्रोहाचे पानी पेटले, दलित प्रबोधन, प्रबोधन की दिशा, वादलाचे वंशज, किल्ले पन्हाला ते किल्ले विशालगढ, दलित वैचारिक साहित्य आदि ग्रंथों का लेखन व संपादन उन्होंने किया।
- नागपुर के थे डॉ.पानतावणे डॉ.गंगाधर पानतावणे का जन्म 27 जून 1937 को नागपुर में हुआ था। डीसी मिशन स्कूल में उन्होंने प्राथमिक शिक्षा प्राप्त की। नवयुग विद्यालय व पटवर्धन हाईस्कूल में माध्यमिक शिक्षा पाई।

- 1956 में मैट्रिक परीक्षा उत्तीर्ण होने के बाद नागपुर महाविद्यालय की कला शाखा से उन्होंने स्नातक व स्नातकोत्तर शिक्षा प्राप्त की। उसके बाद वे औरंगाबाद गए। मराठवाड़ा विद्यापीठ से उन्होंने पीएचडी की उपाधि पाई। बाद में उन्होंने डॉ. बाबासाहब आंबेडकर मराठवाड़ा विद्यापीठ में मराठी के प्राध्यापक व विभाग प्रमुख के ताैर पर कार्य किया।

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