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मायावती का बीजेपी से गठबंधन कराने तैयार हैं आठवले, बोले- वे शाह से करेंगे बात

केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा- सपा से बेमेल गठजोड़ न करें बसपा प्रमुख, वे अमित शाह से करेंगे बात

Danik Bhaskar | Mar 27, 2018, 02:46 AM IST
केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा- सपा से बेमेल गठजोड़ न करें बसपा प्रमुख, वे अमित शाह से करेंगे बात। - फाइल केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा- सपा से बेमेल गठजोड़ न करें बसपा प्रमुख, वे अमित शाह से करेंगे बात। - फाइल

मुंबई. केंद्रीय सामाजिक न्याय राज्यमंत्री और आरपीआई प्रमुख रामदास आठवले ने बसपा प्रमुख मायावती को समाजवादी पार्टी की जगह भाजपा से चुनावी गठबंधन करने की सलाह दी है। आठवले ने कहा कि वे खुद इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से बात करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के सहयोग से मायावती तीन बार मुख्यमंत्री बन चुकीं हैं इसलिए उन्हें सपा से बेमेल गठबंधन की जगह भाजपा की सहयोगी बनना चाहिए।

सपा मौकापरस्त दल है
- सोमवार को विधानभवन पत्रकार कक्ष में बातचीत के दौरान आठवले ने कहा कि हालिया राज्यसभा चुनाव से साफ है कि सपा मौकापरस्त दल है। बसपा ने लोकसभा उपचुनाव में सपा का पूरा साथ दिया जिससे वह जीत हासिल करने में कामयाब रही, लेकिन राज्यसभा चुनाव में सपा के धोखे के चलते बसपा की हार हुई।

- उन्होंने कहा कि आंबेडकरवादी समाज भी इस गठबंधन को स्वीकार नहीं करेगा। आठवले ने दावा किया कि 2019 लोकसभा चुनाव भी एनडीए ही जीतेगा।

- शिवसेना द्वारा मुखपत्र सामना के जरिए किए जा रहे हमलों पर आठवले ने कहा कि शिवसेना पक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे को अगर कोई परेशानी हो तो मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से बात करनी चाहिए।

- प्रकाश आंबेडकर की संभाजी भिड़े की गिरफ्तारी की मांग पर आठवले ने कहा कि मामले में जांच के बाद अगर हमले में उनकी भूमिका सामने आए तो गिरफ्तारी की जानी चाहिए।

मुख्यधारा में लौटें नक्सली
- आठवले ने कहा कि मैं नक्सलियों की मांग से सहमत हूं लेकिन सभी समस्याओं का समाधान बाबासाहेब द्वारा लिखे गए संविधान के जरिए ही होना चाहिए। नक्सलियों को चाहिए कि वे नेपाल की तरह राजनीति की मुख्यधारा में शामिल हों और चुनाव लड़कर जरूरी बदलाव की पहल करें।

- आठवले ने कहा कि 2019 के लोकसभा चुनाव में एनडीए को ही जीत मिलेगी। पूरे देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्वीकार्यता बढ़ी है। हाल में संपन्न पूर्वोत्तर के विधानसभा चुनाव में यह साबित हो चुका है।

उन्होंने कहा कि भाजपा के सहयोग से मायावती तीन बार मुख्यमंत्री बन चुकीं हैं इसलिए उन्हें सपा से बेमेल गठबंधन की जगह भाजपा की सहयोगी बनना चाहिए। - फाइल उन्होंने कहा कि भाजपा के सहयोग से मायावती तीन बार मुख्यमंत्री बन चुकीं हैं इसलिए उन्हें सपा से बेमेल गठबंधन की जगह भाजपा की सहयोगी बनना चाहिए। - फाइल