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पत्रकार की मां और बेटी की हत्या, डेडबॉडी को बोरे में भरकर नाले में फेंका

पैसे देने के बहाने मकान की पहली मंजिल पर बुलाया और वहीं पर उन्हें और राशि को मार डाला।

Danik Bhaskar | Feb 19, 2018, 08:31 AM IST

नागपुर. बीसी के पैसे को लेकर शनिवार की शाम दिघोरी क्षेत्र के पवनपुत्र नगर में उषा सेवकदास कांबले (54) और उनकी नातिन राशि रविकांत कांबले (डेढ़ वर्ष) का अपहरण कर बेरहमी से हत्या कर दी गई। उषा कांबले को आरोपी गणेश शाहू ने पैसे देने के बहाने मकान की पहली मंजिल पर बुलाया और वहीं पर उन्हें और राशि को मार डाला।

- आरोपियों ने पहले उषा का गला घोंटा और बाद में घातक शस्त्र से गला रेत दिया। उसी घातक शस्त्र से आरोपियों ने राशि के पेट पर वार कर दिया। उसका हाथ भी मरोड़ कर तोड़ दिया था। इस दोहरे हत्याकांड में हुडकेश्वर पुलिस ने आरोपी गणेश रामचरण शाहू को गिरफ्तार कर लिया है। उसकी पत्नी गुड़िया गणेश शाहू, भाई अंकित रामचरण शाहू और मौसेरे भाई सिद्धु शाहू को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

पहले अपहरण किया
- शनिवार को शाम करीब 5.30 बजे उषा कांबले और उनकी नातिन राशि कांबले का अपहरण कर लिया गया। इन दोनों की मध्यरात्रि के दौरान गला घोंटकर और घातक शस्त्र से वार कर हत्या कर दी गई। इन दोनों का शव बोरे में भरकर उमरेड रोड पर विहिरगांव परिसर में नाले में फेंक दिया गया।

- रविवार की सुबह करीब 10.30 बजे एक व्यक्ति को दोनों का शव नाले की पुलिया के नीचे दिखाई दिया। उसने पुलिस को सूचना दी। शनिवार को रविकांत ने मां और बेटी के गुमशुदा व अपहरण की शिकायत हुडकेश्वर थाने में की थी।

- उसने फेसबुक पर भी रविवार को सुबह उषा और राशि की तस्वीर को पोस्ट िकया था। पुलिस से सूचना मिलने पर रविकांत ने घटनास्थल पर पहुंचकर शवों की पहचान की। खबर फैलते ही मीडिया जगत और पुलिस महकमे के अधिकारी- कर्मचारी घटनास्थल पर पहुंचे थे।

5 घंटे घर में छिपाकर रखा शव
आरोपियों ने घटना को मकान की पहली मंजिल पर अंजाम दिया। आरोपियों ने शव को करीब 5 घंटे तक घर में ही छिपाकर रखा। देर रात होने पर दोनों शवों को बोरे में भरकर उसे नाले के पुलिया से नीचे फेंक दिया। शव जल्दी िकसी को दिखाई न दे, इसलिए उसे नाले में लगी सीमेंट पाइप के अंदर डालने की कोशिश की गई।


हत्या के पीछे का मामला यह है
- आरोपी गणेश की मां गीता शाहू और उषा कांबले के बीच गहरी दोस्ती थी। गीता शाहू उषा के पास बीसी के पैसे जमा करती थी। 16 फरवरी को गीता शाहू गुजरात के सूरत में िकसी रिश्तेदार की शादी में पति रामचरण शाहू के साथ चली गईं। उन्होंने बीसी के पैसे जमा नहीं किए थे। गीता ने उषा से घर पर जाकर उनके बेटे गणेश से रुपए लेने को कहा।

- यही रकम उषा शिव िकराना में गणेश से लेने गई थी। गणेश शाहू से कुछ अनबन होने पर उसने उन्हें शांत रहने और पैसे देने के लिए मकान की पहली मंजिल पर बुलाया। उषा अपनी नातिन राशि को लेकर गणेश की दुकान की पहली मंजिल पर गईं। गणेश ने वहां पर योजना के मुताबिक उषा और राशि की हत्या कर दी।