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बोगस ट्रांसफर केस : गड़चिरोली के प्रायमरी एजुकेशन अाॅफिसर समेत 6 सस्पेंड

अधिकारियों को बर्खास्त करने की मांग करते हुए सीईओ शांतनु गोयल को भी निलंबित करने की मांग।

Bhaskar News | Last Modified - Dec 19, 2017, 10:20 AM IST

बोगस ट्रांसफर केस : गड़चिरोली के प्रायमरी एजुकेशन अाॅफिसर समेत 6 सस्पेंड

नागपुर.गड़चिरोली जिले में 220 शिक्षकों के बोगस तबादला प्रकरण में सोमवार को बड़ी कार्रवाई हुई। विधान परिषद में शिक्षा राज्यमंत्री दादाजी भुसे ने तत्कालीन प्राथमिक शिक्षा अधिकारी आरएस उके समेत 6 अधिकारियों को निलंबित करने की घोषणा की। इसके साथ ही गड़चिरोली के सीईओ शांतनु गोयल पर भी कार्रवाई के संकेत दिए। सीईओ आईएएस रैंक अधिकारी होने के कारण उनके संबंध में निर्णय मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस लेंगे।

- शिक्षा विभाग के लिए यह बड़ा झटका माना जा रहा है। सोमवार को ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के दौरान विप सदस्य प्रा. अनिल सोले, नागो गाणार, गिरीश व्यास ने गड़चिरोली जिप में शिक्षकों के बोगस तबादला प्रकरण का मुद्दा उठाया।

- अनिल सोले, नागो गाणार ने शिक्षण राज्यमंत्री दादाजी भुसे पर अनेक सवाल दागे। दोनों ने इन सभी अधिकारियों को बर्खास्त करने की मांग करते हुए सीईओ शांतनु गोयल को भी निलंबित करने की मांग की।

- दबाव बनने पर आखिरकार दादाजी भुसे ने शिक्षणाधिकारी सहित 6 अधिकारियों को निलंबित करने की घोषणा करते हुए का कि सीईओ आईएएस रैंक के अधिकारी हैं। इसलिए मुख्यमंत्री प्रक्रिया अनुसार उस पर फैसला करेंगे।

क्या है मामला
- 2013 में जिला परिषद शिक्षा विभाग ने 220 शिक्षकों के तबादले के आदेश जारी कर दिए। बाद में पता चला कि इसे सरकार की अनुमति नहीं थी। एक-एक तबादले के लिए 5 से 7 लाख रुपए वसूली करने का भी खुलासा हुआ था। - शिक्षक विधायक नागो गाणार ने इस मामले में पहली शिकायत की थी। जांच हुई। प्रकरण से संबंधित 73 फाइलें गायब होने की भी जानकारी सामने आई। 183 फाइलों का तबादलों से कोई संबंध नहीं होने का भी पता चला।

- जांच में छह कनिष्ठ कर्मचारियों और लिपिक को दोषी पाया गया था। इसके बाद कनिष्ठ सहायक रूपेश शेडमाके, विजेंद्र सिंह, नचिकेत शि‌वणकर, सुनील लोखंडे, वरिष्ठ सहायक विनोद अल्लेवार, वरिष्ठ सहायक लेखाधिकारी प्रमोद सहारे को निलंबित किया गया था। इनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई थी।
- इस मामले में तत्कालीन प्राथमिक शिक्षा अधिकारी आरएस उके, प्रभारी शिक्षा अधिकारी प्राथमिक आरके गेडाम, उप शिक्षा अधिकारी प्राथमिक केई कवाडे, सहायक प्रशासन अधिकारी केसी शेडमेखे का नाम भी सामने आया था। इन पर सिर्फ जांच समिति गठित कर औपचारिकता पूरी कर ली गई थी।

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