Hindi News »Maharashtra »Mumbai» Only 8% Of Sales Leaders Have Studied From Leaving MBA School

सिर्फ 8% सेल्स लीडर्स ने की है लीटिंग एमबीए स्कूल से पढ़ाई

विभिन्न इंडस्ट्री सेक्टर के 12,000 सेल्स लीडर्स का किया अध्ययन।

Bhaskar News | Last Modified - Dec 18, 2017, 07:26 AM IST

  • सिर्फ 8% सेल्स लीडर्स ने की है लीटिंग एमबीए स्कूल से पढ़ाई

    मुंबई।किसी भी कंपनी के लिए सेल्स और मार्केटिंग सबसे अधिक महत्वपूर्ण कामों में से एक माना जाता है। इसके बावजूद एक चौंकाने वाली स्टडी सामने आई है। डायरेक्टर, वाइस प्रेसिडेंट और असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट स्तर के सेल्स लीडर्स में महज 8% ऐसे हैं जिन्होंने पहली श्रेणी के एमबीए इंस्टीट्यूट्स से पढ़ाई पूरी की है। बाकी 92% सेल्स लीडर्स ऐसे हैं जिनकी पढ़ाई दूसरी या तीसरी श्रेणी के एमबीए इंस्टीट्यूट्स से हुई है।

    - रिसर्ज से पता चलता है कि सेल्स लीडर्स की पढ़ाई और उनके कॅरिअर में प्रगति का कोई संबंध नहीं है। एक रिक्रूटमेंट स्टार्टअप बिलॉन्ग के एक अध्ययन में यह जानकारी सामने आई है। अध्ययन के मुताबिक सेल्स का काम करने वाले करीब 62% लोग तो अंडर ग्रेजुएट हैं।

    - पहली श्रेणी के इंस्टीट्यूट्स से पढ़ाई पूरी करने वाले ऐसे लोग जिन्होंने सेल्स में कॅरिअर की शुरुआत की थी, कुछ साल बाद किसी अन्य क्षेत्र में काम करने लगे। इस अध्ययन में विभिन्न उद्योगों में कार्यरत 12,000 सेल्स लीडर्स की राय जानी गई।

    - सेल्स में काम करने वालों की यह स्थिति प्रोडक्ट मैनेजमेंट और मार्केटिंग के क्षेत्र में काम करने वालों से अलग है। वहां क्रमश: 18% और 11% लोगों ने पहली श्रेणी के एमबीए इंस्टीट्यूट से पढ़ाई पूरी की है।

    - उन्होंने ऐसे इंस्टीट्यूट्स से मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (एमबीए) की डिग्री ले रखी है। पहली श्रेणी के एमबीए इंस्टीट्यूट से पढ़ाई करने वाले 66% सेल्स लीडर्स बड़ी कंपनियों में काम कर रहे हैं।

    ज्यादातर बिजनेस-टू-बिजनेस प्रोडक्ट कंपनियां, आईटीईएस, इंडस्ट्रियल और केमिकल कंपनियों में हैं। वहीं, 6% सेल्स लीडर्स ऐसे हैं जो एफएमसीजी कंपनियों से जुड़े हुए है।

    इसीलिए बढ़ा कॉम्पिटिशन

    - टेक्नोलॉजी सेक्टर में तेजी आने के कारण कंपनियों को ऐसे सेल्स प्रोफेशनल्स को नौकरी देने में काफी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है जो पहले से इंटरनेट सेगमेंट में काम कर रहे हैं। यदि आप फेसबुक और ट्विटर जैसे सोशल मीडिया पर बहुत ज्यादा एक्टिव हैं तो संभव है 17% कंपनियां आपको नौकरी न दें।

    - लेकिन यदि आप सोशल मीडिया पर बिल्कुल नहीं जाते, तो आपके नौकरी पाने के अवसर और कम हो जाते हैं। वजह, 57% कंपनियां ऐसे लोगों को नौकरी पर नहीं रखना चाहती हैं। रिक्रूटमेंट स्टार्टअप बिलॉन्ग की ही एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक, सोशल मीडिया प्रोफाइल से कंपनियों को कैंडिडेट के बारे में वह जानकारी मिल जाती है जो उनके रिज्यूमे में नहीं होती।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Mumbai

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×