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विपक्ष ने कहा- ओलावृष्टि प्रभावित किसानों के साथ सरकार ने किया धोखा

किसानों की मदद के मुद्दे पर विधानसभा में हंगामा

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 04:43 AM IST

मुंबई. विधानसभा में बुधवार को लगातार दूसरे दिन विपक्ष ने किसानों के मुद्दे पर सरकार को आड़े हाथों लिया। विपक्ष ने सरकार पर फरवरी महीने में विदर्भ, मराठवाड़ा और उत्तर महाराष्ट्र के कई जिलों में हुई ओलवृष्टि से प्रभावित किसानों के साथ धोखाधड़ी का आरोप लगाया। कार्यवाही शुरू होते ही सदन में विपक्ष के नेता राधाकृष्ण विखेपाटील ने सरकार पर किसानों से धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के भाषण और इस मामले में 23 फरवरी को निकाले गए जीआर (शासनादेश) में फर्क है। विपक्ष ने प्रश्नकाल स्थगित कर इस मुद्दे पर चर्चा की मांग की।

हंगामे के कारण विधानसभा की कार्यवाही तीन बार स्थगित करनी पड़ी। विखेपाटील ने कहा कि मुख्य़मंत्री ने कुछ और वादा किया था, लेकिन शासनादेश में कुछ और ही है। यह गंभीर मुद्दा है और इस पर सदन के भीतर चर्चा किए जाने की जरूरत है। स्थगन प्रस्ताव के तहत चर्चा पर जोर देते हुए विपक्ष ने शोरशराबा शुरू कर दिया। इस दौरान विपक्षी सदस्य वेल में खड़े होकर नारेबाजी करते रहे।


इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष हरिभाऊ बागड़े ने इस मुद्दे पर नियम 293 के तहत चर्चा की मंजूरी दी। लेकिन विपक्ष स्थगन प्रस्ताव के तहत चर्चा कराने और विपक्ष को बोलने का मौका दिए जाने की मांग पर अड़ा रहा। आखिरकार इस मुद्दे पर बाद में बहस और बाकी कामकाज आगे बढ़ाने को लेकर सहमति बनी और कार्यवाही सुचारू रूप से चल सकी।

नागपुर के सरकारी अस्पताल का दौरा करेंगे मंत्री चव्हाण

नागपुर के सरकारी चिकित्सा महाविद्यालय व अस्पताल के चिकित्सकीय कचरे के निस्तारण की बेहतर व्यवस्था के लिए प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री रवींद्र चव्हाण बजट सत्र के बाद अस्पताल का दौरा करेंगे। मंत्री चव्हाण विधान परिषद सदस्य नागो गाणार, गिरीश व्यास और अनिल सोले को लेकर अस्पताल परिसर का मुआयना करने जाएंगे। बुधवार को विधान परिषद में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बात सत्य है कि महाविद्यालय व अस्पताल परिसर में बड़े पैमाने पर कचरा नजर आता है।

सदन में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिए निर्दलीय सदस्य नागो गाणार ने इस मामले को सदन में उठाया था। गाणार ने आरोप लगाया कि कचरा उठाने के लिए नियुक्त सुपर हाइजेनिक कंपनी रोजाना कचरा नहीं उठाती।


अस्पताल परिसर के आसपास रहने वालों को कचरे से काफी परेशानी होती है। लगातार इसकी शिकायत मिल रही है। गाणार ने कहा कि इससे पहले भी हम सदन में इस मुद्दे को उठा चुके हैं। इसके बावजूद स्थिति में बदलाव नहीं आया।