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पानी की खाली बोतलें दो, मिलेंगे पैसे

गुढ़ी पाड़वा से राज्य में प्लास्टिक पर पाबंदी, विस में कदम ने की घोषणा

Bhaskar News | Last Modified - Mar 17, 2018, 08:13 AM IST

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    मुंबई. महाराष्ट्र में जल्द ही पानी की खाली बोतलें और दूध की खाली थैलियां देने पर लोगों को पैसे मिलेंगे। बोतलों के दोबारा इस्तेमाल को बढ़ावा देने के मकसद से सरकार यह कदम उठाने जा रही है। राज्य सरकार ने प्लास्टिक और थर्माकोल से बनाए जाने वाले उत्पादों पर पाबंदी के तहत यह निर्णय लिया है। रविवार को गुढ़ी पाड़वा से इस पर अमल शुरू हो जाएगा। शुक्रवार को राज्य के पर्यावरण मंत्री रामदास कदम ने विधानसभा में यह घोषणा की।

    - पाबंदी का उल्लंघन करने वालों को 25 हजार रुपए तक जुर्माना और तीन महीने कैद की सजा हो सकती है। राज्य सरकार ने फिलहाल पानी की बोतलों के इस्तेमाल पर पाबंदी नहीं लगाई है। पर इनकी रिसाइक्लिंग के लिए प्लास्टिक की बोतलें व दूध की खाली थैलियों को खरीदा जाएगा।

    - बोतलों के लिए एक रुपए और दूध की थैलियों के लिए 50 पैसे मूल्य निर्धारित किया गया है। दूध डेयरी, वितरक और विक्रेताओं के लिए थैलियां वापस खरीदना अनिवार्य होगा।

    - पानी की बोतलों के उत्पादकों, विक्रेताओं और वितरकों को भी पुनर्खरीद की व्यवस्था करनी होगा। पुनर्खरीद और रिसाइक्लिंग केंद्र शुरू करने के लिए तीन महीनों की मोहलत दी गई है।

    जिनका विकल्प उन पर पाबंदी:
    कदम ने बताया कि राज्य मंत्रिमंडल ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके तहत प्लास्टिक से बनाई जाने वाली थैलियों, थर्माकोल और प्लास्टिक से बनने वाली डिस्पोजेबल सामग्री जैसे- थाली, कप, प्लेट, ग्लास, कांटा चम्मच, कटोरी, स्ट्रॉ, कटलरी, नॉन ओव्हनपॉलीप्रॉपीलेन बैग, स्प्रेड शीट्स, प्लास्टिक पाउच पर पूरी तरह पाबंदी लगाने का फैसला किया गया है। प्लास्टिक के उत्पादन, इस्तेमाल, संग्रह, वितरण, थोक या फुटकर बिक्री, आयात व परिवहन पूरी तरह प्रतिबंधित होंगे।

    पाबंदी से इन्हें छूट
    - दवाओं की पैकिंग के लिए इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक, वन व फलोत्पादन, कृषि, कचरा उठाने, पौधारोपण के लिए इस्तेमाल होने वाली प्लास्टिक की थैलियां और प्लास्टिक शीट के इस्तेमाल पर रोक नहीं लगाई गई है। लेकिन इन पर यह लिखना होगा कि इसका इस्तेमाल किस काम के लिए किया जा सकता है।
    - विशेष आर्थिक क्षेत्र में निर्यात के लिए प्लास्टिक का उत्पादन किया जा सकेगा।
    - कारखानों में उत्पादित माल की पैकिंग के लिए प्लास्टिक आवरण व थैलियों को पाबंदी से मुक्त रखा गया है।
    - दूध की पैकिंग और अनाज रखने के लिए 50 माइक्रोन से मोटी थैलियां।

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