Hindi News »Maharashtra »Mumbai» Mumbai Third Eye Cafe Where Transgenders Serves Menu And Host Customers

एक ऐसा कैफे, जहां किन्नर ही परोसते हैं खाना-संभालते हैं काम

दो हफ्ते पहले खुले ‘थर्ड आई’ नाम के इस कैफे में फिलहाल 6 किन्नरों को नौकरी दी गई है।

कृष्णा शुक्ला | Last Modified - Jan 08, 2018, 11:02 AM IST

  • एक ऐसा कैफे, जहां किन्नर ही परोसते हैं खाना-संभालते हैं काम
    +4और स्लाइड देखें
    इस कैफे में फिलहाल 6 किन्नरों को नौकरी दी गई है।

    मुंबई.देश में किन्नरों का काम शुभ मौकों पर लोगों के घरों पर जाकर बधाई देने या ट्रेनों, बसों, दुकानों में लोगों से पैसे मांगकर गुजारा करने तक ही माना जाता है। लेकिन नवी मुंबई का एक रेस्टोरेंट किन्नरों की जिंदगी में अलग तरह से बदलाव ला रहा है। इसके पीछे सोच है कि उन्हें भी समाज की मेनस्ट्रीम में शामिल किया जा सके। दो हफ्ते पहले खुले ‘थर्ड आई’ नाम के इस कैफे में फिलहाल 6 किन्नरों को नौकरी दी गई है। इस कैफे में किन्नर ही कस्टमर्स को खाना परोसते हैं। किचन संभालने की जिम्मेदारी भी इन पर है। इस कैफे में कुल 20 इम्पलॉई है।

    कस्टमर्स से केवल हिंदी भाषा का इस्तेमाल

    कई देशों का दौरा कर चुके कैफै के मालिक निमेश के मुताबिक, "हमने तय किया है कि हमारे कैफे में केवल हिंदी बोली जाएगी। विश करने के लिए गुडमॉर्निंग या गुड ईवनिंग की बजाय सिर्फ नमस्कार का इस्तेमाल करेंगे। हालांकि, जिन कस्टमर्स को हिंदी समझने में दिक्कत होती हैं, उनसे हम अंग्रेजी में बात करते हैं। कैफे में रखे गए किन्नरों को काम के साथ इस बात की भी ट्रेनिंग दी गई है।

    लोगों ने की सराहना
    शेट्‌टी बताते हैं कि जिन किन्नरों को हमने जॉब पर रखा है, वे ज्यादा पढ़े-लिखे नहीं है। उन्होंने कहा कि हमने किन्नरों को जॉब देकर एक पाॅजीटिव पहल की है। ताकि उन्हें समाज से जोड़ा जा सके। आज की यंग जेनेरेशन काफी मैच्यार है। वह यह नहीं देखती है कि किसे काम पर रखा गया है। अब तक कैफे में आनेवाले लोगों से हमें अच्छा रिस्पांस मिला है। शेट्‌टी इस बात से खुश हैं कि कैफे में आनेवाले लोगों ने उनकी इस पहल को सराहा है।

    यूं आया कैफे खोलने का आइडिया

    - किन्नरों को काम पर रखने के बारे में कैफै के मालिक निमेश शेट्‌टी भास्कर को बताते हैं कि आर्किटेक की पढ़ाई के दौरान मैं एक प्रोजेक्ट पर काम कर रहा था। उस दौरान मेरी नजर किन्नरों की बदहाली पर पड़ी। इसके बाद मैंने किन्नरों के लिए काम करने वाली कई एनजीओं से कॉन्टेक्ट किया। इसमें मुझे सोशल वर्कर गौरी सावंत से काफी मदद मिली।

    - शेट्‌टी कहते हैं कि, "मैंने तय किया कि किन्नरों को लेकर लोगों के मन में बनी धारणा बदलना जरुरी है। यह तभी मुमकिन होगा जब उन्हें बेहतर जॉब मिले। शेट्‌टी ने बताया कि उनके पिताजी पहले से होटल इंडस्ट्री में थे इसलिए कैफै खोलने में मुश्किल नहीं हुई।

  • एक ऐसा कैफे, जहां किन्नर ही परोसते हैं खाना-संभालते हैं काम
    +4और स्लाइड देखें
    कैफे में किचन की जिम्मेदारी भी इन ट्रांसजेंडर्स पर है।
  • एक ऐसा कैफे, जहां किन्नर ही परोसते हैं खाना-संभालते हैं काम
    +4और स्लाइड देखें
    रेस्टोरेंट किन्नरों की जिंदगी में अलग तरह से बदलाव ला रहा है।
  • एक ऐसा कैफे, जहां किन्नर ही परोसते हैं खाना-संभालते हैं काम
    +4और स्लाइड देखें
    कैफै थर्ड आई में कुल 20 कर्मचारी हैं।
  • एक ऐसा कैफे, जहां किन्नर ही परोसते हैं खाना-संभालते हैं काम
    +4और स्लाइड देखें
    कैफै थर्ड आई के मालिक निमेश शेट्‌टी।
आगे की स्लाइड्स देखने के लिए क्लिक करें
India Result 2018: Check BSEB 10th Result, BSEB 12th Result, RBSE 10th Result, RBSE 12th Result, UK Board 10th Result, UK Board 12th Result, JAC 10th Result, JAC 12th Result, CBSE 10th Result, CBSE 12th Result, Maharashtra Board SSC Result and Maharashtra Board HSC Result Online

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Mumbai News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: Mumbai Third Eye Cafe Where Transgenders Serves Menu And Host Customers
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

More From Mumbai

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×