Hindi News »Maharashtra »Mumbai» Woman Independent Director Compulsory In Top Companies As Per SEBI

बड़ी कंपनियों को दो साल में महिला स्वतंत्र निदेशक नियुक्त करना होगा- सेबी की बोर्ड बैठक में फैसला

सेबी ने कॉरपोरेट गवर्नेंस पर कोटक समिति के 81 में से 55 सुझाव माने।

Bhaskar News | Last Modified - Mar 29, 2018, 07:05 AM IST

  • बड़ी कंपनियों को दो साल में महिला स्वतंत्र निदेशक नियुक्त करना होगा- सेबी की बोर्ड बैठक में फैसला
    +1और स्लाइड देखें
    अभी डायरेक्टर पद पर कई बार प्रमोटर के परिजन ही नियुक्त कर दिए जाते हैं। इस पर अंकुश लगाने के लिए ये फैसला हुआ है। - सिम्बॉलिक इमेज

    मुंबई. देश की 500 बड़ी लिस्टेड कंपनियों को 1 अप्रैल 2019 तक अपने बोर्ड में कम से कम एक महिला स्वतंत्र निदेशक नियुक्त करना पड़ेगा। इसके अगले एक साल यानी 1 अप्रैल 2020 तक शीर्ष 1,000 कंपनियों में महिला स्वतंत्र निदेशक की नियुक्ति जरूरी होगी। बुधवार को सेबी की बोर्ड बैठक में यह फैसला हुआ। बड़ी कंपनियां मार्केट कैप से तय होंगी। शीर्ष 1,000 लिस्टेड कंपनियों में 1 अप्रैल 2019 तक और शीर्ष 2,000 कंपनियों में 1 अप्रैल 2020 तक कम से कम 6 डायरेक्टर होना जरूरी है। कोई एक व्यक्ति अभी 10 कंपनियों में डायरेक्टर रह सकता है। मार्च 2019 तक इसे घटाकर 8 और मार्च 2020 तक 7 करने का फैसला हुआ है। अभी डायरेक्टर पद पर कई बार प्रमोटर के परिजन ही नियुक्त कर दिए जाते हैं। इस पर अंकुश लगाने के लिए डायरेक्टरों की स्किल और विशेषज्ञता भी सार्वजनिक करने का फैसला हुआ है। ये फैसले कॉरपोर्ट गवर्नेंस पर बनी उदय कोटक समिति की सिफारिशों के आधार पर लिए गए हैं।

    सेबी ने कॉरपोरेट गवर्नेंस पर कोटक समिति के 81 में से 55 सुझाव माने

    सेबी चेयरमैन अजय त्यागी ने बताया कि समिति ने 81 सिफारिशें दी थीं। 40 को बिना संशोधन के और 15 को मामूली संशोधन के साथ स्वीकार किया गया है। 8 को सरकार के पास विचार के लिए भेजा गया है। 18 सुझाव स्वीकार नहीं हुए हैं। समिति का गठन जून 2017 में हुआ था। इसने अक्टूबर में रिपोर्ट दी थी। उन्होंने बताया कि ओपन ऑफर में कंपनियों को शेयर की कीमत बढ़ाने के लिए संशोधन की इजाजत होगी। शेयर बायबैक नियम नए सिरे से तय किए जाएंगे।

    कॉरपोरेट गवर्नेंस: हर पांच महीने में एजीएम और इसकी वेबकास्टिंग जरूर

    - क्यूआईपी और प्रेफरेंशियल इश्यू से जुटाई रकम कहां इस्तेमाल की, यह सार्वजनिक करना पड़ेगा।

    - ऑडिटर की फीस, और किसी ऑडिटर ने इस्तीफा दिया तो उसकी वजह भी बतानी पड़ेगी।

    - 1 अप्रैल 2020 से हर तिमाही नतीजे जारी करना जरूरी होगा। कंपनी सेक्रेटरी अनलिस्टेड सब्सिडियरी की भी ऑडिटिंग करेंगे।

    - मार्केट कैप के लिहाज से शीर्ष 100 कंपनियों को अगले वित्त वर्ष से हर 5 महीने में एजीएम बुलानी पड़ेगी। इसकी वेबकास्टिंग करनी होगी।

    लिस्टिंग नियम : एक्सचेंज को ट्रेडिंग रोकने का अधिकार

    - शेयर लिस्टिंग नियमों के मानकों में बोर्ड और कमेटी का गठन, कॉरपोरेट गवर्नेंस कंप्लायंस रिपोर्ट और फाइनेंशियल रिपोर्टजारी करना भी शामिल होंगे।

    - लिस्टिंग नियमों के उल्लंघन पर स्टॉक एक्सचेंजों को कंपनी पर जुर्माना लगाने, प्रमोटर ग्रुप के शेयर फ्रीज करने और ट्रेडिंग सस्पेंड करने का अधिकार होगा।

    स्टार्टअप: एंजेल इन्वेस्टमेंट की सीमा 5 से बढ़कर 10 करोड़ हुई

    स्टार्टअप्स में एंजेल इन्वेस्टमेंट की अधिकतम सीमा 5 से बढ़ाकर 10 करोड़ रु. की गई है। इससे स्टार्टअप्स को शुरुआती पूंजी अधिक मिल सकेगी। एंजेल फंड के तौर पर रजिस्ट्रेशन के लिए कम से कम 5 करोड़ का फंड जरूरी है। अभी यह 10 करोड़ है। अभी स्टार्टअप्स एंजेल निवेशक से अधिकतम 3 साल के लिए पैसे ले सकते हैं, इसे 5 साल किया गया है।

    बायबैक : डिफॉल्टरों पर रोक, डिलिस्टिंग के लिए बायबैक नहीं

    कंसल्टेशन पेपर जारी कर 15 अप्रैल तक सुझाव मांगे गए हैं। कंपनी डिलिस्टिंग के लिए बायबैक नहीं कर सकेगी। डिफॉल्टर कंपनियों पर भी रोक है। बातचीत के आधार पर भाव तय नहीं होंगे। सब्सिडियरी के जरिए बायबैक नहीं होगा। दो बायबैक में एक साल का अंतर होना चाहिए। बोनस के अलावा 6 महीने तक कंपनी नए शेयर जारी नहीं कर सकेगी।

    अल्गो ट्रेडिंग : ब्रोकरों को शेयरिंग बेसिस पर मिलेगी को-लोकेशन फैसिलिटी, खर्च 90% कम होगा

    - अल्गोरिदमिक (अल्गो) ट्रेडिंग को मजबूत बनाने के लिए फैसला हुआ कि स्टॉक एक्सचेंज को-लोकेशन फैसिलिटी साझा आधार पर देंगे। को-लोकेशन में ब्रोकर एक्सचेंज परिसर में या उसके आसपास टर्मिनल लगाते हैं। एक्सचेंज के सर्वर तक इनकी पहुंच जल्दी होती है।

    - अभी हर ब्रोकर अपना अलग सर्वर लगाता है। शेयरिंग बेसिस पर करने से उनका खर्च 90% तक कम होगा। ज्यादा ब्रोकर इस सुविधा का लाभ ले सकेंगे। अल्गो ट्रेडिंग में पहले से तय प्रोग्राम के आधार पर कंप्यूटर खुद शेयर खरीदने-बेचने का ऑर्डर देते हैं। इससे सिस्टम धीमा होता है। नुकसान उन छोटे ब्रोकरों को नुकसान होता है जो अल्गो का इस्तेमाल नहीं करते ह

  • बड़ी कंपनियों को दो साल में महिला स्वतंत्र निदेशक नियुक्त करना होगा- सेबी की बोर्ड बैठक में फैसला
    +1और स्लाइड देखें
    बुधवार को सेबी की बोर्ड बैठक में यह फैसला हुआ। - फाइल
आगे की स्लाइड्स देखने के लिए क्लिक करें
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Mumbai

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×