नागपुर

--Advertisement--

राजनीतिक जमीन की तलाश, ओबीसी नेताओं से संपर्क साध रहे नाना पटोले

पार्टी व लोकसभा सदस्य पद त्यागने वाले नाना पटोले ने राजनीतिक जमीन की तलाश शुरू कर दी है।

Danik Bhaskar

Jan 02, 2018, 07:44 AM IST

नागपुर. भाजपा में खुले तौर पर असंतोष जताकर पार्टी व लोकसभा सदस्य पद त्यागने वाले नाना पटोले ने राजनीतिक जमीन की तलाश शुरू कर दी है। जिस तरह से वे अन्य दलों के नेताओं से संपर्क कर रहे हैं उसे देखते हुए कहा जा रहा है कि वे स्वयं को ओबीसी नेता के तौर पर राज्य की राजनीति में स्थापित करना चाहते हैं। कांग्रेस, बसपा के अलावा अन्य दलों के नेताओं से वे समर्थन मांग रहे हैं। कहा जा रहा है कि इसी माह उनकी नई राजनीतिक दिशा तय हो जाएगी।


- गौरतलब है कि पटोले भंडारा-गोंदिया लोकसभा क्षेत्र में ओबीसी राजनीति को उभारने का लगातार प्रयास करते रहे हैं। 2009 के लोकसभा चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर उन्होंने राकांपा नेता प्रफुल पटेल को कड़ी चुनौती दी थी।

- उस दौरान छावा नामक गैर राजनीतिक संगठन के माध्यम से पटोले ओबीसी राजनीति को उभारते नजर आए। ओबीसी मंत्रालय व ओबीसी आयोग की मांग को लेकर भी उनकी आक्रामक भूमिका रही है। फिलहाल 12 जनवरी से वे सिंदखेड़राजा से पश्चाताप यात्रा निकाल रहे हैं। यात्रा का समापन 19 फरवरी को भंडारा जिले के ही साकोली में होगा।
- इस दौरान वे विदर्भ के किसान आत्महत्याग्रस्त 6 जिलों में यात्रा लेकर पहुंचेंगे। यात्रा के पहले वे आमसभाओं के माध्यम से ओबीसी एकता का आह्वान कर रहे हैं। सोमवार को तुमसर के पास नाकाडांेगरी में उनकी सभा हुई।
- इससे पहले 25 दिसंबर को तुमसर में उनकी सभा हुई थी। भाजपा छोड़ने के दौरान पटोले कांग्रेस नेताओं के संपर्क में थे। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी मोहन प्रकाश के अलावा अन्य नेताओं से मुलाकात की थी।
खबर है कि अब पटोले ने बहुजनवादी राजनीति में प्रभाव रखने वाले नेताओं से संपर्क बढ़ाया।

- बसपा के प्रदेश स्तर के नेताओं से उन्होंने ओबीसी आंदोलन के लिए समर्थन मांगा है। भंडारा-गांेदिया लोकसभा क्षेत्र से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ चुके अजाब शास्त्री के अलावा बसपा के प्रदेश अध्यक्ष विलास गरुड से भी उनकी बातचीत हुई है।

Click to listen..