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टोईंग घोटाला: निरुपम का आरोप, दराडे के कारण विदर्भ इंफोटेक को मिला ठेका

देवेंद्र फडणवीस के मुख्यमंत्री बनने के बाद इस कंपनी को तेजी से फायदा हुआ है।

Bhaskar News| Last Modified - Nov 18, 2017, 06:35 AM IST

sanjay Nirupam congress comment on Vidarbha Infotech
टोईंग घोटाला: निरुपम का आरोप, दराडे के कारण विदर्भ इंफोटेक को मिला ठेका

मुंबई. मुंबई कांग्रेस के अध्यक्ष संजय निरुपम ने आरोप लगाया है कि, मुंबई में टोईंग घोटाला हुआ है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सचिव आईएएस अधिकारी प्रविण दराडे से संबंधित कंपनी विदर्भ इंफोटेक लिमिटेड को ठेका देने में पक्षपात किया गया है। हालांकि मुख्यमंत्री कार्यालय ने निरुपम के आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा है कि, टोईंग वाहनों के लिए ठेका देने का कार्य ट्रैफिक पुलिस का है। इससे मुख्यमंत्री कार्यालय का कोई संबंध नहीं है। फिलहाल यह मामला बॉम्बे हाईकोर्ट में विचाराधीन है।  


शुक्रवार को निरुपम ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा- प्रविण दराडे जहां-जहां गए, वहां-वहां विदर्भ इंफोटेक लिमिटेड कंपनी को ठेके दिए गए। देवेंद्र फडणवीस के मुख्यमंत्री बनने के बाद इस कंपनी को तेजी से फायदा हुआ है।

 

उन्होंने कहा- टोईंग कंपनी सड़कों पर गलत ढंग से खड़े किए गए वाहनों को उठा कर ले जाती है। टोईंग कंपनियां ट्रैफिक पुलिस के तहत काम करती हैं। मुंबई में इस काम के लिए नागपुर की कंपनी विदर्भ इंफोटेक लिमिटेड को ठेका दिया गया है।

 

निरुपम ने आरोप लगाया है कि, इस कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए वाहनों की टोईंग करने पर लगने वाले दंड की राशि 150 रुपए से बढ़ाकर 660 रुपए कर दिया गया। हर वाहन के टोईंग पर इस कंपनी को 400 रुपए मिलते हैं।

 

उन्होंने कहा -विदर्भ इंफोटेक कम्प्यूटर साल्युशन कंपनी है। इस कंपनी के पास टोईंग के काम का अनुभव नहीं है। इसके बावजूद कंपनी को यह ठेका क्यों दिया गया? कंपनी  को वरली आरटीओ में 1 हजार वर्गफिट की जगह मुफ्त में दी गई है। 


 कांग्रेस नेता ने कहा- आईएएस अधिकारी दराडे के विदर्भ इंफोटेक से करीबी संबंध हैं। और दराडे मुख्यमंत्री के इतने प्रिय हैं कि उन्हें मालवार हिल स्थित एक बंगला रिटायर होने तक रहने के लिए दिया गया है।   

आरोप बेबुनियाद ः मुख्यमंत्री सचिवालय
निरुपम के आरोपों पर मुख्यमंत्री कार्यालय का कहना है कि,  टोईंग ठेके से प्रविण दराडे का कोई संबंध नहीं है। यह पूरी प्रक्रिया मुंबई ट्रैफिक पुलिस के सह आयुक्त के स्तर पर हुई है। मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता के मुताबिक, विदर्भ इंफोटेक को इस काम का ठेका मिलने के बाद महाराष्ट्र टोईंग एसोसिएशन ने बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। इस मामले में राज्य सरकार ने मुंबई पुलिस आयुक्त से रिपोर्ट मांगी है। यह मामला अदालत में विचाराधीन है। कोर्ट के समक्ष राज्य सरकार अपना पक्ष रखेगी। 

 

 

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