‘खामोश...! सरकार मेरी पेंशन की समीक्षा कर रही है’, कुछ ऐसा दिया जबाव

4 वर्ष पहले
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मुंबई. ऋषिकेश मुखर्जी की 1971 की रिलीज एवं राजेश खन्ना-अमिताभ बच्चन अभिनीत ‘आनंद’ के कालजयी गीत ‘जिंदगी कैसी है पहेली हाय...’ सहित कई क्लासिक ‘मिली’,‘मंजिल’, छोटी सी बात’,‘रजनीगंधा’ आदि फिल्मों के गीतकार योगेश इन दिनों अपनी जिंदगी में सियासती पहेली का घालमेल समझने में नाकाम हो रहे हैं। दरअसल, 9 फरवरी, 2015 को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा ‘यश भारती सम्मान’ पाने के बाद योग्यता एवं सीनियर सिटीजन की हैसियत के तौर पर अखिलेश यादव सरकार ने जुलाई, 2016 से 50,000 रुपए महीने पेंशन जारी की थी। सपा सरकार के जाने के बाद जब उत्तर प्रदेश में बीजेपी की योगी आदित्यनाथ की वर्तमान सरकार आई तो अप्रैल, 2017 से उनकी पेंशन बंद कर दी गई। बहरहाल, 74 वर्षीय योगीदा (गीतकार योगेश) से इस पर बातचीत हुई- 

 

प्रश्न- क्या ऐसा किसी और कलाकार के साथ भी हुआ है कि सरकार बदलने के साथ उनकी पेंशन बंद कर दी गई हो? 
मेरी इतनी उम्र में अब तक मैंने ऐसा कोई वाकया नहीं सुना है...! 

 

प्रश्न- क्या आपने संबंधित विभाग से इस बारे में जानकारी लेने का प्रयास किया? 
जी हां, लखनऊ के संस्कृति विभाग से संपर्क किया गया तो वहां से यही उत्तर मिला कि पेंशन जारी करने के इन आदेशों की समीक्षा की जा रही है। अब लगभग आठ महीने गुजर जाने के बावजूद संस्कृति विभाग से न कोई सूचना मिली है और न ही पेंशन शुरू हुई है। 

 

प्रश्न- क्या आपने वर्तमान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यालय या उनसे इस बारे में शिकायत की है? 
जी हां, जुलाई, 2017 में मैंने योगी आदित्यनाथ जी को संबोधित करते हुए एक पत्र स्पीड-पोस्ट किया था, जिसका अभी तक कोई उत्तर नहीं मिला है। अब मेरे कजिन-ब्रदर शचींद्र ित्रपीठी, जो मेरी अस्वस्थता में मेरा काम संभालते हैं, उनका आग्रह है कि हमें लखनऊ जाकर स्वयं योगी आदित्यनाथ जी से मुलाकात करनी चाहिए। 

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