महाराष्ट्र / अशोक चव्हाण का राज्यपाल से सवाल-कांग्रेस को सरकार बनाने का न्यौता क्यों नहीं दिया गया

अशोक चव्हाण-फाइल अशोक चव्हाण-फाइल
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अशोक चव्हाण-फाइलअशोक चव्हाण-फाइल

  • कांग्रेस के कई बड़े नेता मंगलवार शाम को शरद पवार से मुलाकात करेंगे
  • वहीं पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवराज पाटिल ने भी कहा कि शिवसेना एक कट्टर हिंदूवाली छवि की पार्टी है

दैनिक भास्कर

Nov 12, 2019, 05:44 PM IST

मुंबई. राज्यपाल भगत सिंह कोशियारी की ओर से राष्ट्रपति शासन की सिफिरिश के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण ने इस निर्णय पर सवालियां निशाना लगाया है। उन्होंने कहा कि जब सभी राजनीतिक दलों को महाराष्ट्र में सरकार बनाने का न्यौता और समय दिया गया तो फिर कांग्रेस के साथ ऐसा क्यों नहीं किया गया।

 

अशोक चव्हाण ने कहा कि सबसे बड़ी पार्टी भारतीय जनता पार्टी को सबसे पहले समय दिया और उसके बाद शिव सेना को समय दिया गया, जबकि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को आज रात साढ़े बजे तक समय दिया गया। लेकिन राज्यपाल ने कांग्रेस को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित नहीं किया।


अभी भी बन सकती है सरकार: शिंदे
इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार शिंदे ने कहा कि यदि राज्यपाल शासन लग भी जाता है और यदि कोई पार्टी बहुमत के साथ राज्यपाल के पास जाती है तब भी सरकार बन सकती है। वहीं पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवराज पाटिल ने भी कहा कि शिवसेना एक कट्टर हिंदूवाली छवि की पार्टी है, ऐसे में साथ आने से पहले विचारधारा के बारे में सोचना चाहिए।

 

किस पार्टी की कितनी संख्या?
बता दने कि राज्य विधानसभा में राकांपा के 54 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के पास 44 हैं। 105 सीटों के साथ महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है। वहीं शिवसेना के पास 56 विधायकों की संख्या है। 288 सदस्यीय महाराष्ट्र विधानसभा में बहुमत के लिए 145 का आंकड़ा चाहिए।

 

 

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